Last Updated:
मशहूर एक्टर राजपाल यादव ने शाहजहांपुर के उन स्कूली बच्चों से मिलने का वादा किया है, जिन्होंने उनके जेल में रहने के दौरान अपनी पॉकेट मनी बचाकर उनकी मदद के लिए भेजी थी. शुरुआत में कोई जवाब न मिलने पर बच्चों ने अपनी नाराजगी जताई थी, जिसे एक्टर ने अपनी व्यस्तता और गलतफहमी का नतीजा बताया. राजपाल यादव ने साफ कहा कि वह गुरु परंपरा का सम्मान करते हैं और जल्द ही बच्चों को गले लगाकर उनके साथ फोटो खिंचवाएंगे. राजपाल यादव का केस फिल्म ‘अता पता लापता’ के पुराने लोन से जुड़ा है, जिसके चलते उन्हें जेल हुई थी.

राजपाल यादव को फैंस का मिल रहा भरपूर सपोर्ट.
नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों एक भावुक वजह से चर्चा में हैं. दरअसल, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के एक गुरुकुल स्कूल के करीब 40 बच्चों ने राजपाल यादव के जेल में रहने के दौरान अपनी पॉकेट मनी बचाकर गुल्लक भरकर उनके पैतृक गांव कुंद्रा भेजी थी. बच्चों ने एक इमोशनल चिट्ठी भी लिखी थी कि वे एक्टर की रिहाई के बाद उनसे मिलना चाहते हैं, लेकिन जब राजपाल यादव जेल से बाहर आए और बच्चों को कोई जवाब नहीं मिला, तो वे काफी उदास हो गए. बच्चों ने एक वायरल वीडियो में अपनी नाराजगी जताते हुए पूछा कि क्या उनकी मदद उन तक नहीं पहुंची? उन्होंने बस इतना कहा कि अगर राजपाल जी एक फोन कॉल भी कर लेते, तो उन्हें बहुत खुशी होती.
राजपाल यादव ने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए सफाई दी है कि वह अभी-अभी घर लौटे हैं और अपने परिवार के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहे हैं. वे शुरुआत में बच्चों के बैकग्राउंड को लेकर थोड़ा कन्फ्यूज थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि वे किसी अनाथालय से हैं तो अपना रिएक्शन दिया. उन्होंने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘आश्रम में रहने वाले बच्चे अनाथ नहीं होते.’ हालांकि, जब उन्हें बताया गया कि ये बच्चे गुरुकुल स्कूल के छात्र हैं, तो एक्टर का दिल पसीज गया. उन्होंने बड़े प्यार से कहा कि वह गुरु परंपरा में अटूट विश्वास रखते हैं और ये सभी बच्चे उनके अपने बच्चों जैसे हैं. उन्होंने वादा किया कि वह जल्द ही उन बच्चों से मिलने जाएंगे, उन्हें गले लगाएंगे और उनके साथ ढेर सारी फोटो भी खिंचवाएंगे.
राजपाल यादव ने बच्चों से मिलने का दिया भरोसा
अगर इस कानूनी पचड़े की बात करें, तो राजपाल यादव को साल 2010 की अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिए गए 5 करोड़ रुपये के कर्ज को न चुका पाने के कारण जेल जाना पड़ा था. राजपाल यादव शाहजहांपुर के ही रहने वाले हैं, इसलिए वहां के लोकल लोगों और खासकर इन स्कूली बच्चों में उनके प्रति काफी लगाव है. स्कूल प्रशासन ने भी साफ किया कि बच्चों ने यह पैसा किसी के दबाव में नहीं, बल्कि राजपाल यादव के प्रति अपने प्यार और सम्मान की वजह से अपनी मर्जी से जमा किया था. अब जब राजपाल ने मिलने का भरोसा दे दिया है, तो उन छोटे फैंस के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटने की उम्मीद है.
About the Author

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
