नई दिल्ली: एक्ट्रेस रोहिणी हट्टंगड़ी ने अपने काम से भारतीय सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी है. वे बाफ्टा अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय हैं. उन्हें यह अवॉर्ड फिल्म ‘गांधी’ में निभाने के लिए दिया गया था. 75 साल की हीरोइन ने अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम किया. उन्होंने साल 1984 की फिल्म ‘पार्टी’ के लिए नेशनल अवॉर्ड जीता था. थियेटर और टीवी जगत से भी उनका नाता जुड़ा रहा. हालांकि, अब वह टीवी इंडस्ट्री से दूर हैं, जिसकी वजह बताते हुए अपने करियर पर खुलकर बात की.
रोहिणी हट्टंगड़ी ने ‘द फ्री फ्रेस जर्नल’ से बातचीत में सीरियल छोड़ने की निजी वजह बताई. वे बोलीं, ‘जब मैं जवान थीं, तब जिम नहीं थे. हमारा काम ही व्यायाम होता था, लेकिन टेलीविजन आपसे लगातार काम करने की मांग करता है.’ एक्ट्रेस को टीवी सीरियल में काम करने के लिए जल्दी सुबह शूटिंग के लिए निकलना पड़ता था और देर रात तक काम करना पड़ा था. घर 11 बजे पहुंचते और अगले दिन 6 बजे अगली शिफ्ट के लिए उठते.
टीवी इंडस्ट्री छोड़ने की बताई वजह
रोहिणी को फिर एहसास हुआ कि वह खुद के व्यायाम, आराम और सांस लेने के लिए भी समय नहीं निकाल पा रही हैं. इसलिए, उन्होंने अपनी गति धीमी कर ली. यही वजह उनके टीवी इंडस्ट्री छोड़ने की वजह बनी. एक्ट्रेस ने मराठी टीवी इंडस्ट्री में अनुशासन की कमी पर भी अपनी झुंझलाहट जाहिर की. एक्ट्रेस के पास अक्सर आखिरी वक्त में कॉल आते. अगर वे कोई सीन जोड़ते, तो उन्हें आने के लिए दबाव बनाते. वे इस रवैये से नाराज हो जातीं. आखिरकार, उन्होंने इस तरह काम न करने का फैसला किया.
‘शहंशाह’ का सुनाया यादगार किस्सा
रोहिणी ने दिल्ली में अपने थियेटर के दिनों को भी याद किया. वे ज्यादातर वक्त हिंदी बोलतीं, जिससे उनकी भाषा में पकड़ अच्छी हो गई. हालांकि, अभी भी उनकी भाषा में मराठी टच नजर आता है, जिसकी वजह से लोग उनसे मजाकिया अंदाज में कहते हैं, ‘आपके भी हिंदी में पंजाबियत आती है.’ उन्होंने फिल्म ‘शहंशाह’ का यादगार मोमेंट पर भी बात की, जिसमें अमिताभ बच्चन भी शामिल थे. वे याद करते हुए कहती हैं, ‘शहंशाह में अमिताभ ने गाने ‘मेरे अंगने में’ पर एक-जैसा स्टाइल परफॉर्म किया. मुझे उस गाने से कोई लगाव नहीं था, तो मैंने अपने विचार जाहिर करते हुए कहा, ‘अमिताभ बच्चन जैसा कोई शख्स क्यों ऐसा परफॉर्म करेगा?’
एक्ट्रेस ने की अमिताभ बच्चन की तारीफ
रोहिणी ने बयान पर सफाई देते हुए कहा, ‘मैं कहना चाहती थी कि वह इतने टैलेंटेड एक्टर हैं और मैं उनकी पसंद से हैरान थी. मैं जब कह रही थी कि लावारिस करने के बाद यह कुछ नहीं…अचानक कहते-कहते रुक गई. अपने कहे पर मुझे अफसोस हुआ. इसके बाद, वह शूट छोड़कर चले गए. मुझे याद नहीं कि उन्हें हमारा इंटरैक्शन याद है या नहीं, लेकिन मैंने अपनी सीमा लांघी थी. मैं उनसे जवाब की उम्मीद कर रही थी, लेकिन वह शांत बने रहे. यह उनका शानदार गुण है.’
