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मशहूर गायिका आशा भोसले के निधन पर बॉलीवुड की दिग्गज हस्तियों ने गहरा शोक जताया है. एक्टर आमिर खान ने इसे एक महान युग का अंत बताते हुए उन्हें लता जी, रफी साहब और किशोर कुमार की कैटेगरी का महान कलाकार बताया. अमीषा पटेल ने अपनी डेब्यू फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ के जरिए उनके साथ अपनी खास यादें शेयर कीं और उनकी ऊर्जा की सराहना की. संगीतकार ललित पंडित ने उनके साथ काम करने के खुशनुमा अनुभवों को याद करते हुए उनके गीतों को सेलिब्रेट करने की बात कही. आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार 13 अप्रैल को मुंबई के शिवाजी पार्क में होगा.

आमिर खान ने दिया ट्रिब्यूट
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा की जादुई आवाज, आशा भोसले जी के जाने से आज हर आंख नम है. उन्हें ‘सुरों की मल्लिका’ कहा जाता था और उनके निधन की खबर ने बॉलीवुड से लेकर आम आदमी तक सबको झकझोर कर रख दिया है. सोमवार 13 अप्रैल को मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जहां उनके चाहनेवाले उन्हें आखिरी विदाई देंगे. इस दुखद घड़ी में आमिर खान से लेकर संगीतकार ललित पंडित तक, हर कोई आशा ताई के साथ बिताए सुनहरे पलों को याद कर भावुक हो रहा है. उनके जाने को सिर्फ एक कलाकार का जाना नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के एक महान युग का अंत माना जा रहा है.
मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने अपनी संवेदनाएं जताते हुए कहा कि वे आशा जी के बहुत बड़े फैन रहे हैं. आमिर के मुताबिक, लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के बाद अब आशा जी का जाना संगीत की उस चौकड़ी के आखिरी स्तंभ का गिरना है जिसने दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री को सजाया. वहीं, एक्ट्रेस अमीषा पटेल के लिए आशा जी की यादें बेहद निजी और खास हैं. अमीषा ने याद किया कि उनकी पहली फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ का गाना ‘जानेमन-जानेमन’ आशा जी ने ही गाया था. उन्होंने बताया कि 90 साल की उम्र में भी आशा ताई के अंदर गजब की ऊर्जा और हमेशा एक प्यारी मुस्कान रहती थी, जो नए कलाकारों को बहुत हिम्मत देती थी.
ललित पंडित की पुरानी यादें
म्यूजिक डायरेक्टर ललित पंडित ने भी स्टूडियो की पुरानी यादें ताजा कीं. उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म ‘खिलाड़ी’ और ‘जब प्यार किसी से होता है’ के सुपरहिट गानों में आशा जी की आवाज ने जान डाल दी थी. ललित के अनुसार, आशा जी रिकॉर्डिंग के दौरान बहुत हंसी-मजाक करती थीं और काम को बोझ नहीं बनने देती थीं. वे पहले गाने का रियाज करतीं और रिकॉर्डिंग खत्म होते ही खूब बातें करती थीं. ललित का मानना है कि भले ही आज आशा जी हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके सदाबहार गीतों को हमें हमेशा एक उत्सव की तरह मनाना चाहिए, क्योंकि उनका संगीत कभी मर नहीं सकता.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
