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Chanakya Niti: प्यार एक खूबसूरत एहसास है, लेकिन इसमें सही और गलत का फर्क समझना बेहद जरूरी होता है. आचार्य चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र में रिश्तों को लेकर कई अहम बातें बताई हैं, जो आज के दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं. खासकर लड़कियों के लिए उनकी सलाह बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. चाणक्य के अनुसार, जीवन में ऐसे पुरुषों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो स्वार्थी, अस्थिर और भरोसे के लायक ना हों. आइए जानते हैं प्यार में पड़ी लड़कियों के लिए चाणक्य क्या सलाह दे रहे हैं…

Chanakya Niti: कुछ पुरुष ऐसे होते हैं, जो आपके जीवन में प्यार करने के लिए नहीं आते हैं. वहीं कुछ ऐसे पुरुष होते हैं, जो एक सीजन की तरह आते हैं और चले जाते हैं. आचार्य चाणक्य ने अपनी एक नीति में ऐसे ही पुरुषों के बारे में बताया है. उन्होंने अपनी नीति के माध्यम से लड़कियों को सलाह दी है कि ऐसे पुरुषों के साथ समय बर्बाद नहीं करना चाहिए, जो आपके पास केवल मतलब के लिए आए हों. वे आपके साथ जुड़े रहने के भावनात्मक फायदे उठाएंगे, लेकिन कभी भी आपके प्रति जवाबदेह होने का जोखिम नहीं उठाएंगे. वे आपको गर्लफ्रेंड जैसा अनुभव करवाएंगे, लेकिन अजनबी जैसी आजादी के साथ. वे आपसे वफादारी तो चाहेंगे, लेकिन अपने लिए विकल्प खुले रखते हैं. लेकिन जब आप ऐसे पुरुषों को कुछ कहती हैं तो वे आपको इमोशनस, ओवरथिंकिंग, पजेसिव जैसे शब्द कहते हैं. आइए जानते आचार्य चाणक्य ने प्यार में पड़ी लड़कियों के लिए क्या सलाह दी है.

बहुत सारी महिला दोस्तों वाला पुरुष – आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि ऐसे पुरुषों से हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए, जिनकी बहुत ज्यादा महिला दोस्त हैं. हर पुरुष जिसकी महिला दोस्त हों, वह समस्या नहीं है लेकिन कभी-कभी ये दोस्ती अधूरी बातचीत के रिश्ते होते हैं. बहुत से पुरुष अलग-अलग मूड के हिसाब से कई महिलाओं को मैसेज करना पसंद है. किसी से खुद को सही साबित करवाना, किसी से भावनाएं निकालना, किसी से फ्लर्ट करना, किसी से रिजेक्शन के बाद अपने अहंकार को ठीक करना, और किसी से तब बात करते हैं, जब तक उनको यह ना लग जाए कि आपसे बात करना आसान है और वह जब चाहें आपके करीब आ सकते हैं. ऐसे पुरुष किसी रिश्ते को ज्यादा मानते नहीं, वे बस अपने आसपास लड़कियों को देखना चाहते हैं कि जब उनका जैसा मूड हो, उस हिसाब से उनके पास एक लड़की होनी चाहिए.

वह पुरुष जो अपनी X के बारे में ऐसे बात करता है जैसे उसने पूरी सभ्यता बर्बाद कर दी हो – चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो पुरुष अपनी एक्स के बारे में कड़वाहट से बात करता है, अपनी मौजूदा पार्टनर का मज़ाक उड़ाता है या खुद को हमेशा पागल महिलाओं का शिकार बताता है, वह ईमानदार नहीं है. ऐसे पुरुषों से हमेशा दूर रहना चाहिए. वह चाहता है कि आप उसे मासूम, सताया हुआ और गलत समझे जाने वाला पुरुष समझें. वह अच्छा लड़का जो हमेशा बुरी महिलाओं के साथ फंस जाता है, बेचारा. उसकी कहानी में सारी महिलाएं चालाक, जरूरतमंद, एहसानफरामोश, ड्रामा क्वीन, चिपकू होती हैं. कितनी अजीब बात है, उसकी हर कहानी में हर महिला पागल है और वह अकेला मासूम बचा है.
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ऐसे पुरुष सिर्फ एक महिला से नाराज नहीं होते. वे साफ देखे जाने से नाराज होते हैं. वे उन महिलाओं से नाराज होते हैं, जिन्होंने उनसे ज़्यादा मांगा, बेहतर की उम्मीद की या चुप रहना मंजूर नहीं किया. अब वह महिलाओं को किस्तों में सज़ा देता है. आपको खुश करने के लिए उसकी एक्स को बुरा बताएगा. आपको खास महसूस कराने के लिए दूसरी महिला को तुच्छ बताएगा. जो पुरुष उस महिला को बुरा कहता है, जिसे वह कभी प्यार करता था, वह असल में अपने बारे में बता रहा है, उसकी एक्स के बारे में नहीं. आज वह आपके साथ है तो अपनी एक्स को विलेन बना रहा है, कल को आपके साथ रिश्ता टूट जाएगा तो वह अगली महिला को भी यही कहेगा कि आप भी जहरीली थीं.

वह पुरुष जो कभी बहुत करीब, कभी बहुत दूर रहता है और इसे वाइब कहता है – चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि कभी वह आप पर फिदा रहता है, बार-बार मैसेज करता है, गहरी बातें करता है, भविष्य की योजनाएं बनाता है, आपको लगता है कि आप चुनी गई हैं. फिर अचानक गायब हो जाता है. पूरी तरह नहीं क्योंकि उसमें हिम्मत नहीं है. बस इतना कि आप खुद पर शक करने लगें कि अचानक हो क्या गया. फिर एक दम से हल्के-फुल्के मैसेज आने शुरू हो जाएंगे कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं. जैसे तीन दिन गायब रहना उसकी आदत हो. फिर बहाने शुरू हो जाते हैं. काम बहुत था, दिमाग ठीक नहीं था, परिवार में ये.. वो, फोन से दूर था. फिर वह कहेगा कि मैं आप पर आधा-अधूरा ध्यान नहीं देना चाहता, जबकि असल में वही कर रहा होता है.

इससे पहले कि आप उसे मासूम या इधर-उधर का कुछ सोचने लगें तो आपको बता दें कि वह पुरुष अच्छी तरह जानता है कि वह क्या कर रहा है. जब अकेला महसूस करता है तो आता है, जब संतुष्ट हो जाता है तो दूर हो जाता है. जब उसे लगता है आप दूर जा रही हैं, तो लौट आता है. वह आपके साथ कुछ बनाना नहीं चाहता, वह आपकी उपलब्धता को कंट्रोल करना चाहता है. इसलिए वह कभी साफ-साफ छोड़ता नहीं. ऐसे पुरुष क्लोजर नहीं चाहते, वे चाहते हैं कि आपके पास उनकी पहुंच बनी रहे. जब उसका मन हो तो आपके पास आ जाए और जब मन भर जाए तो वह चला जाए. वह आपसे प्यार नहीं करता, उसे बस यह पसंद है कि आप बार-बार उसे फ्री एक्सेस देती रहें, जब भी उसे बोरियत हो.

वह पुरुष जो सब कुछ तेजी से आगे बढ़ाता है क्योंकि उसे रुकने का इरादा नहीं – चाणक्य नीति में आगे कहते हैं कि हर चीज में जल्दी जल्दी करने वाले पुरुष आमतौर पर चालाक झूठे होते हैं. ऐसे पुरुष सेल्समैन की तरह काम करते हैं, वह जानते हैं कि महिलाओं का इस पर क्या प्रभाव पड़ेगा. वह आपसे कहेंगे कि ‘मैंने पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया’, ‘तुम अलग हो’, ‘मैं तुम्हारे साथ भविष्य देख सकता हूं’,’मैंने कभी इतना खुलकर बात नहीं की’. वह ऐसी बातें करेंगे कि आप उनसे पूरी तरह से जुड़ जाएं. इससे पहले कि आप कुछ समझें, वे भावनात्मक रूप से कंट्रोल कर लेंगे.

धीरे-धीरे आप वह सब माफ कर देंगी, जिसकी वजह से आप उसे ठुकरा देना चाहती थीं, क्योंकि अब आप उस छवि से जुड़ गई हैं, जो उसने पहले सप्ताह में दिखाई थी. यही वजह है कि कुछ पुरुष शुरुआत में बहुत गंभीर लगते हैं और फिर अचानक बदल जाते हैं. असल में कुछ नहीं बदला, बस उनका ऑडिशन खत्म हो गया. जो पुरुष सच में आपके साथ भविष्य देखता है, उसे दस दिन में पूरा रिश्ता फास्ट-फॉरवर्ड करने की जरूरत नहीं होती. उसके पास कोई वजह नहीं होती. वह कुछ हासिल करने की जल्दी में नहीं होता.

वह असुरक्षित पुरुष जो पहले आपको पूजता है, फिर आपके अस्तित्व के लिए सजा देता है – आचार्य चाणक्य नीति के अंत में कहते हैं कि कुछ पुरुष शुरुआत में लड़कियों से बेहद प्रभावित होने का ढोंग करते हैं. शुरुआत में ऐसे पुरुष कहते हैं कि आप कमाल की हैं. यकीन नहीं होता कि आप जैसी कोई उसे नोटिस कर रही है. आपको लगता है कि आपको कोई ऐसा मिला है जो आपको सच में महत्व देता है. नहीं…आपको ऐसा पुरुष मिला है जिसे वह चीज़ पसंद है, जिससे वह अंदर ही अंदर जलता है. क्योंकि असुरक्षित पुरुष अक्सर उन महिलाओं को डेट नहीं करते जिन्हें वे अच्छे से प्यार कर सकें. वे उन महिलाओं को डेट करते हैं, जिनसे वे खुद को ऊंचा महसूस कर सकें. शुरुआत में आप उनकी असुरक्षा के लिए ट्रॉफी होती हैं. उनके अहंकार का स्रोत. एक खूबसूरत चीज़, जिसे दिखाकर वे सोचते हैं, देखो मुझे क्या मिला. लेकिन धीरे-धीरे वह प्रशंसा बदल जाती है. क्यों? क्योंकि आप उसके सामने वह सब कुछ बन जाती हैं, जो वह खुद नहीं है.

शुरुआत में मजाक के नाम पर छोटी-छोटी बेइज्जती. जब आप बहुत अच्छी दिखें तो अजीब कमेंट. जब आप अच्छा कर रही हों तो दूरी बनाना. जब दूसरे आपकी तारीफ करें तो ताने मारना. बेमतलब की बेवफाई. जब भी आप बहुत चमकें, आपको नीचा दिखाने की छोटी-छोटी कोशिशें. कई महिलाएं इसलिए बनी रहती हैं क्योंकि शुरुआत की वह जबरदस्त तारीफ उन्हें वापस चाहिए होती है. वे सोचती हैं, अगर मैं उसे और ज़्यादा प्यार करूं, उसे भरोसा दिलाऊं, खुद को छोटा, नरम, बना लूं तो शायद वह फिर से वही क्यूट इंसान बन जाएगा. तो आपके लिए बता दें कि वह नहीं बनेगा. वह कभी प्यार था ही नहीं. वह बस राहत थी. उसे राहत मिली थी कि आप जैसी कोई उसे मिल गई. जब वह राहत खत्म हो गई, तो असली जलन सामने आ गई.
