Last Updated:
बिटकॉइन घोटाले से जुड़े एक बड़े मामले में कारोबारी राज कुंद्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. मुंबई की एक विशेष पीएमएलए कोर्ट ने इस केस में उनके खिलाफ समन जारी किया है और उन्हें अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है. यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए की गई है.
फिर मुश्किलों में फंसे राज कुंद्रा. नई दिल्ली. बिजनेसमैन से प्रोड्यूसर और एक्टर बने राज कुंद्रा के खिलाफ मामला चलेगा मुकद्दमा. बिटकॉइन घोटाले से जुड़े मामले में मुंबई की एक विशेष पीएमएलए कोर्ट ने कारोबारी राज कुंद्रा को समन जारी किया है. कोर्ट ने यह कदम प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए उठाया. इसी केस में दुबई में रहने वाले कारोबारी राजेश सतीजा को भी समन भेजा गया है. दोनों को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है.
ED ने सितंबर 2025 में इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें राज कुंद्रा और राजेश सतीजा को आरोपी बनाया गया था. यह केस कुख्यात गैन बिटकॉइन पोंजी घोटाले से जुड़ा हुआ है.
किए गया ये दावा
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस घोटाले के मास्टरमाइंड और प्रमोटर अमित भारद्वाज ने यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फार्म लगाने के लिए राज कुंद्रा को 285 बिटकॉइन दिए थे. हालांकि यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया. ED का दावा है कि ये 285 बिटकॉइन अब भी राज कुंद्रा के पास हैं, जिनकी मौजूदा कीमत 150 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है.
मुश्किल में फंसे राज कुंद्रा
चार्जशीट में कहा गया है कि राज कुंद्रा ने खुद को इस डील में सिर्फ एक मध्यस्थ बताया, लेकिन इसके पक्ष में कोई पुख्ता दस्तावेज पेश नहीं कर पाए. ED के अनुसार, ‘टर्म शीट’ नाम का समझौता राज कुंद्रा और महेंद्र भारद्वाज के बीच हुआ था, जिससे साफ होता है कि असली सौदा राज कुंद्रा और अमित भारद्वाज के बीच ही था.ED का यह भी कहना है कि लेनदेन को सात साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, इसके बावजूद राज कुंद्रा को अलग-अलग किस्तों में मिले बिटकॉइन की संख्या ठीक-ठीक याद है. इससे एजेंसी का दावा मजबूत होता है कि वे सिर्फ मध्यस्थ नहीं, बल्कि बिटकॉइन के असली लाभार्थी थे.
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि 2018 से अब तक कई बार मौका दिए जाने के बावजूद राज कुंद्रा उन वॉलेट एड्रेस की जानकारी नहीं दे पाए, जिनमें 285 बिटकॉइन ट्रांसफर किए गए थे. कुंद्रा ने इसके लिए अपने आईफोन एक्स के खराब हो जाने की बात कही. वहीं ED का कहना है कि यह जानबूझकर सबूत छिपाने और अपराध से कमाए गए पैसे को छुपाने की कोशिश हो सकती है.अब कोर्ट ने समन जारी कर दोनों आरोपियों से इस मामले में जवाब मांगा है.
About the Author

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें
