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पिता का साथ छूटा, तो हीरोइन की मां ने मुस्लिम पहचान छिपाकर उन्हें हिंदू नाम दिया. बॉलीवुड में कदम रखा, तो फिल्ममेकर की सलाह पर फिर से नाम बदला. उन्होंने 1970-80 के दशक में बॉलीवुड में अपनी अदाकारी से खास पहचान बनाई. ‘नागिन’ बनकर हिंदी सिनेमा पर राज किया. उन्होंने करियर के पीक पर पाकिस्तानी क्रिकेटर से शादी कर ली थी. पहचाना?

नई दिल्ली: बॉलीवुड की गलियों में कई सितारों ने चमक बिखेरी, लेकिन कुछ सितारों ने अपनी चमक से पूरे दौर को रोशन किया. 1970-80 की बात करें, तो हिंदी सिनेमा में एक अदाकार का अलग ही जलवा था. हम रीना रॉय की बात कर रहे हैं. आज रीना रॉय का जन्मदिन है. एक ऐसी अदाकारा, जिसने न केवल अपनी खूबसूरती से, बल्कि अपनी अभिनय से उस दौर की बड़ी हीरोइनों को टक्कर दी. (फोटो साभार: Instagram@mani_vasstav)

7 जनवरी 1957 को मुंबई में जन्मी रीना रॉय का शुरुआती जीवन काफी उथल-पुथल भरा रहा. उनका असली नाम सायरा अली था. पिता सादिक अली और मां शारदा रॉय के अलग होने के बाद मां ने उनका नाम बदलकर रूपा रॉय रख दिया. (फोटो साभार: Ians)

रीना ने जब 1972 में फिल्म ‘जरूरत’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा, तो मेकर की सलाह पर वह ‘रीना रॉय’ बन गईं. रीना रॉय की खासियत यह थी कि वह टाइपकास्ट होने से कभी नहीं डरीं. जहां उस दौर की अभिनेत्रियां सिर्फ ‘सती-सावित्री’ वाले रोल ढूंढती थीं, वहीं रीना ने ‘जैसे को तैसा’ और ‘जख्मी’ जैसी फिल्मों में ग्रे शेड्स और बोल्ड किरदार निभाकर सबको चौंका दिया. (फोटो साभार: Instagram@farhanafarook7)
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रीना के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 1976 में आया. फिल्म ‘कालीचरण’ में शत्रुघ्न सिन्हा के साथ उनकी जोड़ी सुपरहिट रही, लेकिन उसी साल रिलीज हुई ‘नागिन’ ने उन्हें बॉलीवुड की ‘क्वीन’ बना दिया. (फोटो साभार: Instagram@muvyz)

एक इच्छाधारी नागिन के रूप में रीना के अभिनय ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए थे. 1980 के दशक की शुरुआत में रीना रॉय की डिमांड इतनी थी कि वह हर बड़े निर्माता की पहली पसंद थीं. रीना रॉय ने ‘आशा’, ‘नसीब’, ‘सनम तेरी कसम’ और ‘अपनापन’ जैसी यादगार फिल्में दीं. जितेंद्र के साथ उनकी जोड़ी हिट रही. दर्शकों ने ‘बदलते रिश्ते’ और ‘आशा’ जैसी फिल्मों में उन्हें साथ में बेहद प्यार दिया. (फोटो साभार: Instagram@jairajmukherjee_themoviemaniac)

रीना रॉय ने कभी संस्कारी बहू बनकर आंसू बहाए, तो कभी ‘सनम तेरी कसम’ में एक मॉडर्न और साहसी महिला का किरदार निभाकर तालियां बटोरीं. उन्होंने करियर के पीक पर शादी करके सबको चौंका दिया था. उन्होंने 1983 में पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान से शादी कर फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया. (फोटो साभार: Instagram@evergreenbollywood)

रीना-मोहसिन का रिश्ता लंबे समय तक नहीं चला और तलाक के बाद वे वापस भारत लौट आईं. उन्होंने ‘आदमी खिलौना है’ (1993) और ‘रिफ्यूजी’ (2000) जैसी फिल्मों से वापसी की कोशिश की, लेकिन दर्शकों के मन में उनकी वो ‘स्टार’ वाली इमेज आज भी पुरानी फिल्मों से ही जुड़ी है.(फोटो साभार: Instagram@farhanafarook7)

फिल्मों के बाद रीना ने छोटे पर्दे का भी रुख किया और ‘ईना मीना डीका’ जैसे शो में नजर आईं. आज भले ही वह लाइमलाइट से दूर रहती हों, लेकिन उनके गानों और फिल्मों का जादू आज भी बरकरार है. (फोटो साभार: IMDb)
