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Actor Karan Nath: फिल्मी बैकग्राउंड से आया वो एक्टर,जिसने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट श्रीदेवी की फिल्म मिस्टर इंडिया में काम किया था.साल 2001 में एक्टर ने बतौर हीरो डेब्यू किया, लेकिन साल 2002 में एक ऐसी फिल्म में नजर आया, जिसके बाद लोगों को लगा कि उन्हें एक नया सुपरस्टार मिल गया. लेकिन यही फिल्म एक्टर के लिए मनहूस बन गई. ये उनकी आखिरी हिट साबित हुई. इसके बाद उन पर फ्लॉप का ठप्पा लग गया.
एक ही फिल्म ने करियर पर लगाया ग्रहण नई दिल्ली. एक्टिंग की दुनिया का वो हैडंसम हंक, जिसने आज ही के दिन 18 जनवरी साल 2002 में आई फिल्म से इडंस्ट्री में अपनी धाक जमाई थी. माधुरी दीक्षित से भी एक्टर का खास कनेक्शन रहा. श्रीदेवी और अनिल कपूर के साथ भी ये एक्टर ब्लॉकबस्ट दे चुका था. फिर ब्लॉकबस्टर हिट देकर भी ये एक्टिंग एक्टिंग की दुनिया से गायब हो गया.
अक्सर कहा जाता है कि फिल्मी दुनिया में आपकी पहचान हो और सही कनेक्शन हों, तो काम मिलना या अपनी जगह बनाना मुश्किल नहीं होता. लेकिन फिल्मी बैकग्राउंड से आए इस एक्टर के पास ये सब कुछ था, बावजूद इसके एक्टर का करियर ठप होता चला गया. हम बात कर रहे हैं साल 2002 में आई फिल्म ‘येदिल आशिकाना’ फेम एक्टर करण नाथ की. जिन्होंने अनिल कपूर और श्रीदेवी की फिल्म मिस्टर इंडिया में, जुगल नाम के बच्चे का रोल निभाया था. वो बच्चा कोई और नहीं बल्कि करण नाथ ही थे.
हिट देकर भी नहीं मिली पहचान
करण नाथ की फिल्म का गाना ‘उठा ले जाऊंगा, तुझे मैं डोली में’ और ‘ये दिल आशिकाना’ शायद ही लोग कभी भुला पाएंगे. ये गाने लोगों की जुबान पर आज भी हैं. फिल्म में करण नाथ लीड रोल में नजर आए थे.ये फिल्म उस दौर की बड़ी हिट साबित हुई थी. इस फिल्म से लोगों को लगा था कि इडंस्ट्री को एक नया सुपरस्टार मिल गया है, लेकिन ब्लॉकबस्टर देकर भी उनके हिस्से सिर्फ फ्लॉप फिल्में ही आईं.

फिल्म ने मचा दिया था तहलका
फिल्मी बैकग्राउंड का नहीं मिला फायदा
करण नाथ के पिता राकेश नाथ ने माधुरी के साथ बहुत काम किया था. करण नाथ प्रोड्यूसर राकेश नाथ के बेटे हैं. वह माधुरी दीक्षित के पर्सनल सेक्रेटरी हुआ करते थे. उनकी मां का नाम रीमा राकेश नाथ हैं. रीमा फिल्म निर्देशक हैं. उनके पिता ने तो सालों तक माधुरी के साथ काम किया था. लेकिन फिल्मी दुनिया से होने के बाद उन्हें काम तो बहुत मिला. लेकिन पहचान नहीं. इतना मजबूत बैकग्राउंड होने के बावजूद करण नाथ का करियर ठप हो गया.
बता दें कि करण नाथ ने बतौर हीरो अपने करियर की शुरुआत साल 2001 में आई फिल्म ‘पागलपन’ से की थी. लेकिन इस फिल्म से उन्हें कोई नाम नहीं मिला. दूसरी फिल्म ये दिल आशिकाना उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म साबित हुई, फिल्म ब्लॉकबस्टर, रही, लेकिन इसके बाद करण ने ‘श्श’, ‘एलओसी कारगिल’ ‘तेरा क्या होगा जॉनी’ जैसी कई फिल्मों में काम किया. लेकिन उनकी सारी फिल्में फ्लॉप रहीं. देखते ही देखते करण एक्टिंग की दुनिया से गुमनाम हो गए. ठीक इसी तरह फिल्म’ये दिल आशिकाना’ की हीरोइन जिविधा शर्मा के साथ भी हुआ. उन्होंने डेब्यू फिल्म ताल से किया था.लेकिन जिविधा इस फिल्म के स्टारडम का स्वाद चखने के बाद भी फ्लॉप एक्ट्रेस बनकर रह गईं. इस लिहाज से दोनों ही स्टार के लिए ये फिल्म मनहूस साबित हुई.
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न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें
