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दिग्गज सिंगर आशा भोसले शनिवार रात से अस्पताल में भर्ती हैं. दिग्गज सिंगर लंग्स इंफेक्शन के चलते हॉस्पिटल में एडमिट हैं. आशा भोसले की तबीयत खराब होने की खबर जैसे ही सामने आई फैंस की चिंता बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर लोग उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं. ऐसे में आपको आशा भोसले के करियर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बताने जा रहे हैं. उस गीत के बारे में बताते हैं जो आशा भोसले के हाथ आते-आते रह गया था और किस्मत ऐसी कि इसी गीत ने लता मंगेशकर की आवाज को हमेशा के लिए अमर कर दिया.

आज भी लता मंगेशकर का जिक्र होने से सबसे पहले जहन में देशभक्ति गीत आता है. वो गीत जो कई दशकों पहले आया था लेकिन आज भी 140 करोड़ भारतीयों की आंखें नम और छाती गर्व से चौड़ा कर जाता है. देशभक्ति की भावना से लैस ये गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों हैं’.

‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ भारत-चीन युद्ध के दौरान देश के गौरव में प्राण गंवाने वाले सैनिकों और हमारी देश की सेना के सम्मान में लिखा गया था. इस गीत को भारत की ‘स्वर कोकिला’ लता मंगेशकर ने अपनी जादुई आवाज से हमेशा के लिए अमर बना दिया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गीत के लिए आशा भोसले पहली पसंद थीं. उन्होंने इस गाने का रिहर्सल भी कर लिया था.

इस कालजयी गाने को प्रदीप ने लिखा था और उन्होंने बहुत की कम समय में ये आइकॉनिक गाना लिखकर तैयार किया था. उन्होंने इस गाने को इतनी भावना के साथ लिखा था कि जहां आमतौर पर 15-16 पंक्तियों में गाना पूरा हो जाता है. वहीं प्रदीप ने पूरी 100 पंक्तियां लिखी थीं. इस गाने के बोल ऐसे हैं कि मानो जैसे किसी ने अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोकर पेश किया हो.
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इस गाने के लिए आशा भोसले पहली पसंद थीं. दिग्गज सिंगर ने इस गाने के लिए रिहर्सल भी कर लिया था. लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि आशा ने ये गाना गंवा दिया और इसे लता मंगेशकर ने आवाज दी. दरअसल, लता मंगेशकर ने जब ये गाना सुना था उन्होंने तुरंत इसे गाने की इच्छा जाहिर की और आशा भोसले ने भी कोई आपत्ति नहीं जताई थी.

प्रदीप ने जब लता मंगेशकर को ये गाना सुनाया तो उन्होंने इच्छा जाहिर की वो ये गाना खुद गाना चाहती हैं. इसके साथ ही उन्होंने प्रदीप से खास रिक्वेस्ट भी की थी. लता मंगेशकर ने प्रदीप से कहा था कि जब भी वो इस गाने का रिहर्सल करें, तो वहां मौजूद हों. इस रिक्वेस्ट के लिए प्रदीप मान गए थे.

अब अगर आशा भोसले की बात करें, तो लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा ने अपनी अलग पहचान बनाई. उनकी गायकी का अंदाज लता मंगेशकर से काफी हटकर था. वो पिछले 7 दशकों से म्यूजिक इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और उन्होंने कई यादगार गाने दिए हैं.

गायिका ने 1948 में चुनरिया से अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने कई दिग्गजों के साथ गाने गाए और अपने लंबे करियर के दौरान कई अवॉर्ड्स भी अपने नाम किए.

म्यूजिक डायरेक्टर ओपी नाय्यर ने लता मंगेशकर को पहला मौका दिया था. यहीं से उन्हें ब्रेक मिला था औऱ उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. गायिका ने बाप रे बाप, सीआईडी जैसी सुपरहिट फिल्मों में गाने गाए थे.
