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बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने पिता और दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद अपनी भावनाओं को खुलकर साझा किया है. उन्होंने स्वीकार किया कि पिता के निधन केन सिर्फ उन्हें, बल्कि पूरे परिवार को एक नई समझदारी और स्थिरता दी है. खासतौर पर उनकी सौतेली बहनों ईशा देओल और अहाना देओल के साथ उनकी नजदीकी और बढ़ गई है.

बॉबी देओल ने ईशा और अहाना देओल के साथ बढ़ती नजदीकियों पर बात की.
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल और उनका पूरा परिवार गहरे दुख और भावनात्मक दौर से गुजर रहे हैं. पिछले साल 24 नवंबर में उन्होंने अपने पिता और दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र को खो दिया. बॉबी देओल ने हाल ही में पिता के निधन के बाद अपने दिल के दर्द को शेयर किया. उन्होंने पिता के जाने के बाद अपनी जिंदगी में आए बदलावों को लेकर खुलकर बात की. बॉबी ने स्वीकार किया कि पिता के जाने के बाद उनके सोचने का नजरिया पूरी तरह बदल गया है और परिवार उनके लिए पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गया है.
हाल ही में स्क्वायर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में बॉबी देओल ने उदासी के साथ कहा कि पिता के जाने के बाद उन्हें कई बार अफसोस होता है कि उन्होंने उनके साथ और ज्यादा समय क्यों नहीं बिताया.
‘काश में उनके साथ ज्यादा समय बिता पाता’
भारी मन से बॉबी देओल ने कहा, ‘ऐसे कई दिन आते हैं जब मैं सोचता हूं कि काश मैं उनके साथ और ज्यादा समय बिता पाता. काश मैं उनसे और ज्यादा सवाल पूछ पाता…’ उन्होंने बताया कि पिता के जाने के बाद वे अपनी पत्नी, बेटों और पूरे परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने लगे हैं. उन्होंने कहा, ‘बॉक्स ऑफिस, रिव्यूज, रोल्स… आखिरकार ये सब मायने नहीं रखते. सफलता का असली मापदंड ये है कि आप अपने प्रियजनों के साथ कितना समय बिता पाते हैं. अगर आपके साथ कोई नहीं है तो नाम और दौलत का क्या फायदा?’
इंस्टाग्राम पर देखते हैं पापा के रील्स
बॉबी ने बताया कि वह अक्सर इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र के पुराने रील्स देखते रहते हैं. उन्होंने कहा, ‘वह इतने सहज थे… इतनी गर्मजोशी से भरे हुए. कभी-कभी लगता है जैसे वह सीधे मुझसे ही बात कर रहे हों.’ उन्होंने यह भी माना कि पिता की मौत ने उनके बेटों में एक परिपक्वता ला दी है और अब वे जिंदगी की नाजुकता को बेहतर समझते हैं.
‘नुकसान परिवार को करीब लाता है’
बॉबी ने खासतौर पर अपनी सौतेली बहनों ईशा और अहाना देओल के साथ बढ़ती नजदीकियों पर बात की. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है हम सब अपने-अपने तरीके से इस गम से जूझ रहे हैं. कभी-कभी दुख की वजह से एक-दूसरे को गलत समझ लेते हैं. हर कोई सोचता है कि उसका दर्द सबसे ज्यादा है. लेकिन समय दो… घाव भरने दो. नुकसान परिवार को करीब लाने का अपना तरीका रखता है.’
धर्मेंद्र के अंतिम दिन और सम्मान
गौरतलब है कि धर्मेंद्र को नवंबर 2024 में ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से छुट्टी मिली थी और वह घर पर ही रिकवर कर रहे थे. उनका अंतिम संस्कार 25 नवंबर को मुंबई में किया गया. उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ 1 जनवरी को रिलीज हुई, जिसमें उनके प्रदर्शन की खूब तारीफ हुई. इसी साल उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. हालांकि 98वें अकादमी पुरस्कारों (ऑस्कर) में उनके नाम का जिक्र न होने से हंगामा हुआ, लेकिन बाफ्टा (BAFTA) ने उन्हें ‘इन मेमोरियम’ सेक्शन में जगह दी.
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शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें
