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कोरोना महामारी में जब काम नहीं था, तब मशहूर टीवी एक्टर ने खेती करनी शुरू की, मगर मुनाफा होने के बजाय करोड़ों का कर्ज चढ़ गया. उनकी आर्थिक हालत इतनी खराब हो गई थी कि वे बेटे के स्कूल के बाहर सब्जी बेचने को मजबूर हो गए. मुश्किल वक्त में एक्टर के हाथ फिल्म ‘सैयारा’ लगी, जिसमें यादगार रोल निभाकर शानदार कमबैक किया. वे आज अपना 2 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के करीब हैं.

नई दिल्ली: अगर आपने ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ देखा है, तो आप रोशेश का किरदार निभाने वाले एक्टर राजेश कुमार को जानते होंगे. ‘जेन जी’ उन्हें ‘सैयारा’ से पहचानते हैं, जिसमें उनका किरदार यादगार है. उन्होंने हाल में अपनी बड़े आर्थिक संकट और उससे निकलने की कहानी बयां की. उन्हें अब सिर्फ 10-15 फीसदी राशि चुकानी है, जो लगभग 20 लाख रुपये है. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)

राजेश कुमार ने खुलासा किया कि वे एक बड़ी आर्थिक परेशानी से लगभग बाहर निकल चुके हैं. उन्होंने पिछले साल बताया था कि उन पर 2 करोड़ रुपये का कर्ज है. एक्टर ने अब एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने अपनी कार भी बेच दी है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आना-जाना करते हैं. एक्टर के लिए खुशी की बात यह है कि 2 करोड़ रुपये में से सिर्फ 10-15 प्रतिशत यानी करीब 20 लाख रुपये ही बकाया है. (फोटो साभार: IMDb)

राजेश ने उस वक्त के बारे में बात की, जब लोग उनके बारे में अलग-अलग राय रखते थे. उन्होंने महामारी के दौरान जब खेती शुरू की, लेकिन अनुभव की कमी की वजह से उम्मीद के मुताबिक नहीं चली और वे कर्ज में डूब गए. वे ऑटो से आना-जाना करने लगे, तो लोग के कमेंट उन पर गहरा असर डालते थे. (फोटो साभार: Instagram)
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राजेश कुमार ने ‘अफताब पंटू’ के यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘जब मैंने बताया कि मैं खेती कर रहा हूं, दिवालिया हो गया हूं. उस वक्त जब लोग मुझे ऑटो से जाते देखते थे तो कहते थे- बेचारा, कार नहीं खरीद सकता, ऑटो में जा रहा है’. अब जब मैं ऑटो में जाता हूं, इतनी मेहनत के बाद तो लोग कहते हैं ‘डाउन टू अर्थ’ है.’ (फोटो साभार: IMDb)

राजेश ने बताया कि कार बेचने का फैसला आर्थिक मजबूरी से प्रेरित नहीं था, बल्कि उन्होंने मुंबई के ट्रैफिक की वजह से यह फैसला किया था. उन्होंने कहा, ‘मैंने ट्रैफिक की वजह से कार बेची. मैं सिर्फ लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करता हूं. शूट के लिए भी ओला या उबर लेता हूं. मुझे वही पसंद है, मुझे रैपिडो भी पसंद है.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या ड्राइवर उन्हें पहचानते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘फिर वो सेल्फी लेता है. ऑटो ड्राइवर भी सेल्फी लेते हैं.’ (फोटो साभार: IMDb)

राजेश के लिए प्रैक्टिकल होना स्टेटस से ज्यादा जरूरी है. उन्होंने कहा कि मंजिल तक पहुंचना ज्यादा मायने रखता है, न कि किस साधन से पहुंचे. जब उनसे ईगो के बारे में पूछा गया तो उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘पागल है क्या? मेरी परवरिश ने सिखाया कि सहूलियत ज्यादा जरूरी है. दिखावा अलग चीज है. चाहे मैं कितनी भी महंगी कार ले लूं, ट्रैफिक में तो फंसना ही है. उन्होंने अपनी बात एक सिंपल फिलॉसफी के साथ खत्म की, ‘खुद को इतना महत्व देना बंद कर दो. खुश रहो. अंदर की खुशी सबसे जरूरी है.’ (फोटो साभार: IMDb)

राजेश ने बॉलीवुड बबल से अपनी फाइनेंशियल स्थिति के बारे में बताया, ‘अब मैं उस फाइनेंशियल साइकिल से बाहर आ गया हूं. सिर्फ 10-15 फीसदी कर्ज बाकी है. जल्द ही मैं लोगों को कुछ नया सरप्राइज देने वाला हूं जो खेती से जुड़ा होगा, लेकिन कुछ अलग.’

राजेश कुमार ने यह भी बताया कि उनकी फैमिली ने उन्हें कैसे सपोर्ट किया. वे बोले, ‘जब मैं खेती को लेकर जुनूनी हो गया, मेरी बहनें जो पिछले 25 साल से अमेरिका और फिनलैंड में रह रही हैं, मुझे जॉइन करने का फैसला किया. इस साल जनवरी में मेरे 50वें बर्थडे पर मेरी बड़ी बहन जो मुझसे चार साल बड़ी हैं, उन्होंने अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़ दी और भारत आ गईं. यह उनका बर्थडे गिफ्ट था मेरे लिए. वह बिहार आईं और बोलीं, ‘तुम एक्टिंग पर ध्यान दो, खेती मैं संभालूंगी.’ उनकी वजह से मेरी छोटी बहन ने भी नौकरी छोड़ी और मार्च में हमारे साथ जुड़ने को कहा.’ (फोटो साभार: IMDb)

अब राजेश के आर्थिक हालात स्टेबल हैं, लेकिन उनका सफर आसान नहीं रहा. ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ से फेम मिलने के बाद भी ऑर्गेनिक फार्मिंग के चलते उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा. उन्होंने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपने बेटे के स्कूल के बाहर सब्जियां भी बेची थीं. वे बोले, ‘उसी वक्त मेरी ईएमआई भी बाउंस होने लगी थी. क्रेडिट कार्ड एजेंट घर आने लगे थे. बहुत कर्ज हो गया था. हमें फार्म छोड़ना पड़ा.’
