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हिंदी सिनेमा में 80 का दशक उन अभिनेत्रियों का स्वर्णकाल था, जिन्होंने स्क्रीन पर जादू बिखेरा. हेमा मालिनी की ‘बसंती’ दिलों पर राज करती थीं, रेखा ने ‘उमराव जान’ जैसी कालजयी भूमिकाएं निभाईं, जीनत अमान अपनी वेस्टर्न लुक से धूम मचा रही थीं, परवीन बॉबी को एंग्री यंग मैन के साथ जोड़ी गई पहली ग्लैमरस हीरोइन का दर्जा मिला था. इन दिग्गजों की इस भीड़ में एक और सितारा भी चमका. एक ऐसी एक्ट्रेस जिसने संजय खान, शत्रुघ्न सिन्हा, फिरोज खान और दिलीप कुमार जैसे दिग्गजों संग काम किया, लेकिन 80 के दशक की सबसे यादगार जोड़ी उन्होंने जितेंद्र के साथ बनाई. बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे 1976 से 1983 तक लगातार आठ साल अपनी ‘टॉप एक्ट्रेस’ लिस्ट में जगह दी और 1980 में तो टॉप भी रहीं.

नई दिल्ली. 80 के दशक में बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियां आईं, लेकिन उनमें से एक ऐसी स्टार भी थीं, जिनकी खूबसूरती, अदाएं और स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों को दीवाना बना दिया था. वह दौर ऐसा था जब उनकी और जितेंद्र की जोड़ी पर्दे पर आते ही सिनेमाघरों में सीटियां गूंजने लगती थीं. दोनों ने साथ में 22 फिल्मों में काम किया और इनमें से 17 फिल्मों में रोमांस का तड़का ऐसा था कि दर्शक उन्हें असली जोड़ी मानने लगे थे. हैरानी की बात यह रही कि इन फिल्मों में से 12 बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुईं. करियर के शिखर पर पहुंच चुकी इस एक्ट्रेस को अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘नास्तिक’ भी मिली थी, लेकिन बाद में उन्हें फिल्म से बाहर कर दिया गया और उनकी जगह हेमा मालिनी को ले लिया गया. इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई. बॉक्स ऑफिस इंडिया की ‘टॉप एक्ट्रेस’ लिस्ट में लगातार 8 साल तक उनका नाम शामिल रहा था.

1970-80 के दशक की सबसे पावरफुल और स्टाइलिश अभिनेत्रियों में शुमार ये कोई और नहीं बल्कि रीना रॉय हैं. जो आज भी अपनी अदाकारी और स्क्रीन परसोनालिटी के लिए याद की जाती हैं. खासतौर पर जितेंद्र के साथ उनकी जोड़ी ने बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दीं. दोनों ने कुल 22 फिल्में साथ कीं, जिनमें 17 फिल्मों में रोमांटिक जोड़ी के रूप में काम किया और इनमें से 12 फिल्में सुपरहिट रहीं.

रीना रॉय का जन्म 1957 में मुंबई में हुआ. मात्र 15 साल की उम्र में उन्होंने ‘जरूरत’ (1972) से डेब्यू किया. शुरुआती संघर्ष के बाद 1976 में ‘कालीचरण’ और ‘नागिन’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. ‘नागिन’ में उनकी डांस और परफॉर्मेंस आज भी क्लासिक मानी जाती है.
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रीना रॉय और जितेंद्र की जोड़ी 70-80 के दशक की सबसे सफल जोड़ियों में से एक थी. दोनों की केमिस्ट्री खासतौर पर फैमिली ड्रामा और इमोशनल रोल्स में दमदार साबित हुई. दोनों ने साथ में अपनापन, बदलते रिश्ते, आशा, अर्पण, प्यासा सावन, उधार का सिंदूर, जैसे को तैसा, उमर कैद, नागिन, जय-विजय, जमानत, प्रेम तपस्या और आशा ज्योति जैसी कई फिल्में शामिल हैं.

रीना रॉय और जीतेंद्र की इन फिल्मों में ‘आशा’, ‘अपनापन’ और ‘अर्पण’ जैसी फिल्मों को तो लोगों ने काफी पसंद किया और ये उनके करियर की सबसे बड़ी हिट्स बनीं. ‘आशा’ में रीना का डांस नंबर ‘शीशा हो या दिल हो’ आज भी दर्शक दोहराते हैं. दर्शक उनकी आंखों में छिपे दर्द और इमोशन को बेहद पसंद करते थे.

दोनों की जोड़ी इतनी मशहूर हो गई थी कि उस दौर में उन्हें बॉलीवुड की सबसे रोमांटिक जोड़ियों में गिना जाने लगा. कहा जाता है कि दर्शक सिर्फ उनकी केमिस्ट्री देखने के लिए सिनेमाघरों तक पहुंच जाते थे. हालांकि, रीना रॉय का करियर सिर्फ जितेंद्र तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा, धर्मेंद्र, विनोद खन्ना और ऋषि कपूर जैसे बड़े सितारों के साथ भी कई हिट फिल्में दीं. लेकिन जितेंद्र के साथ उनकी फिल्मों की संख्या और सफलता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई

उनकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉक्स ऑफिस इंडिया की ‘टॉप एक्ट्रेस’ सूची में वे 1976 से 1983 तक लगातार 8 साल शामिल रहीं और 1980 में वे शीर्ष पर रहीं. एक ऐसा कारनामा जो उनके समय की हेमा मालिनी, रेखा, जीनत अमान जैसी कई अभिनेत्रियों के बीच हासिल करना बेहद मुश्किल था.

1982 में अकेले उनके 13 फिल्में रिलीज हुईं, जो उस दौर में किसी भी हीरोइन से ज्यादा थीं. ‘जानी दुश्मन’, ‘नसीब’, ‘सनम तेरी कसम’, ‘सौ दिन सास के’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी. रीना रॉय न सिर्फ ग्लैमरस रोल्स के लिए जानी जाती थीं बल्कि इमोशनल और वूमेन ओरिएंटेड फिल्मों में भी उनकी एक्टिंग सराहनीय रही. फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड ‘अपनापन’ के लिए मिला, लेकिन उन्होंने कैटेगरी को लेकर इसे रिजेक्ट कर दिया था.

रीना रॉय के करियर का एक बड़ा दिलचस्प किस्सा अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘नास्तिक’ से भी जुड़ा है. आईएमडीबी ट्रिविया के मुताबिक, फिल्म में पहले रीना रॉय को कास्ट किया गया था लेकिन बाद में उन्हें फिल्म से हटाकर उनकी जगह हेमा मालिनी को ले लिया गया. दरअसल, उस दौर में हेमा मालिनी पहले से सुपरस्टार थीं और उनकी लोकप्रियता काफी ऊंचाई पर थी. मेकर्स मानने थे कि हेमा हिट की गारंटी हैं. हालांकि, फिल्म से रिप्लेस होने के बावजूद रीना रॉय की स्टारडम पर कोई खास असर नहीं पड़ा. वह लगातार सफल फिल्में देती रहीं और दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता बनी रही, यही वजह थी कि वह लंबे समय तक बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में शामिल रहीं.

रीना रॉय की जिंदगी सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं रही. उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही. खासकर शत्रुघ्न सिन्हा के साथ उनके रिश्ते की चर्चा उस दौर में खूब हुई थी. दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और उनकी नजदीकियों की खबरें अक्सर मैगजीन की हेडलाइन बनती थीं. हालांकि बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए. करियर के पीक पर उन्होंने पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान से शादी कर ली और फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया. हालांकि, बाद में उनका तलाक हो गया.
