April 17, 2026
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33 thoughts on “Amit Shah ने Delhi में हुए बम ब्लास्ट को लेकर क्या बताया?, देखिए वीडियो

  1. गृह मंत्री से इस्तीफा मांगने वालो, गृह मंत्री बब्बर शेर है, वो इस्तीफा नहीं देगा तुम्हारी कब्र खोदेगा, बस रोना नहीं…

  2. मुद्दे को कैसे भटकाया जाता है, यह प्रत्यक्ष देख लीजिये। लालकिला के पास हुए ब्लास्ट के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर एक आध सनकी लेखक उसे लेकर सरकार पर ही आरोप मढ़ देते हैं कि चुनाव में लाभ लेने के लिए यह गड़बड़ की गई है। आदमी यदि राजनीति के नशे में पागल न हो गया हो तो वह किसी भी सरकार पर ऐसे आरोप नहीं ही लगाएगा। खैर… स्क्रीन शॉट वायरल होते हैं, लोगों को बुरा लगता है और लोग उन लेखकों के विरुद्ध लिखना शुरू करते हैं। कुछ ही देर में सोशल मीडिया दो खेमों में बंट जाता है।
    एक खेमा सरकार को गाली दे रहा है, दूसरा खेमा उन गाली देने वालों के विरुद्ध लिख रहा है। इस हंगामे में सबका ध्यान उन लोगों पर से पूरी तरह से हट गया है जो ऐसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं, या जो अभी भी इसके प्रयास में लगे हुए हैं। उनपर कोई चर्चा नहीं है जिन्हें यह करने में मजा आता है।
    क्या ऐसा नहीं लगता कि यह सब जानबूझ कर किया जाता है ताकि किसी भी तरह लोगों का ध्यान आतंक की प्रवृत्ति और आतंकियों से हट कर दूसरी ओर चला जाय, फिर बात आई गयी हो जाएगी।
    अभी कल ही तो पुलिस ने फरीदाबाद में एक बड़े आतंकी रैकेट का पर्दाफाश किया था। साढ़े तीन क्विंटल के आसपास अवैध केमिकल, और हथियार आदि पकड़े गए। कहाँ से आता है यह सब और कौन हैं ये लोग, यह क्या बताने की आवश्यकता है? राजनैतिक मजबूरी आपको सार्वजनिक रूप से भले इस बात को स्वीकार न करने दे, पर आप सभी इस बात को जानते हैं कि देश एक साथ कितने मोर्चों पर लड़ रहा है।
    सरकार यदि विफल है तो उसकी आलोचना विफलता के लिए होनी चाहिये। यदि कोई विफलता की जगह षड्यंत्र का आरोप लगा रहा है तो वह दरअसल आतंकी जमात को बचा रहा है ताकि लोगों को भटकाया जा सके।
    ऐसी घटनाओं के समय सरकार से प्रश्न पूछा जाना गलत नहीं है, कठोर कार्यवाही के लिए दबाव भी बनाया जाना चाहिये। यदि कहीं तंत्र फेल्योर हुआ है तो उसकी आलोचना भी गलत नहीं है, पर इसका अर्थ नहीं कि असली अपराधी पर से ध्यान हटा दिया जाय। दृष्टि तो उन्ही पर होनी चाहिये जिन्हें इस राष्ट्र को दुख दे कर आनन्द आता है। बात आतंक के समूल नाश की होनी चाहिये, बात उसके समर्थकों की कमर तोड़ने की होनी चाहिये। पर आप अपने तुच्छ स्वार्थ के लिए…
    प्रश्न पूछिये, पर प्रश्न पूछते पूछते शत्रुबोध मत भूल जाइए। देश के सामने राजनीति बहुत छोटी चीज है।

  3. Sawal Hai Ki 7 force kam Karti Hai border per aur yah sab kiske andar gruh mantri ke andar to aatankwadi ghuse kahan se Ham videsh jaate Hain to chupke chupke police tainat hoti Ham ek chij nahin Le Ja sakte hain to Fir I kahan se sochne wali baat hai

  4. दिल्ली में विस्फोट और मोदी का विदेश दौरा ये इस बात को दर्शाता है कि इसके पीछे बीजेपी का ही हाथ होगा

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    गृह मंत्री से इस्तीफा मांगने वालो, गृह मंत्री बब्बर शेर है, वो इस्तीफा नहीं देगा तुम्हारी कब्र खोदेगा, बस रोना नहीं…
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  6. जब जब इलेक्शन आते है तब तब मासूम जनता को अपनी जान गवानी पड़ती है आखिर कब तक झेलना पड़ेगा ये सब
    पुलवामा , पहलगाम , दिल्ली ? ??????
    कब तक

  7. 😊 सवाई माधोपुर क्षेत्र में जब भी चुनाव होता है तो सीमेंट फैक्ट्री चालू होने की संभावना हो जाती है देश में कहीं बड़े चुनाव होते हैं तो ब्लास्ट हो जाता है केसरी फिल्म बना है कि विचारे बेचारे गरीब माध्यम के संग के कई लोग मासूम लोग मारे जाते हैं यह सब सरकार के ऊपर है

  8. आपको ज्यादा सख्त होने की जरुरत है। पकडे गये सभी को फांसी दे दी जाये और इनके जनाजे में जो आयेंगे उनको भी पकडकर जेल में डाल दो फिर से इन झेंडूओंकी हिम्मत नहीं होगी।

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