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Bollywood Superhit Movie : सिनेमाघरों में कोई फिल्म आए और पूरे चार दिन तक अगर वो फिल्म ना चले तो मेकर्स का परेशान होना लाजिमी है. चार दिन के बाद मूवी सुपरहिट निकले तो इसे चमत्कार कहना ही ठीक होगा. 18 साल पहले बॉलीवुड में यह कारनामा हुआ था. फिल्म का एक गाना नेशनल एंथम बन गया था. आज भी देश-विदेश में होने वाले ईवेंट में यह सॉन्ग सुनाई देता है. यह मूवी पहले सलमान खान को ऑफर हुई थी लेकिन उन्होंने एक सीन के चलते इसे करने से इनकार कर दिया था. फिल्म की कहानी इतनी प्रेरणादायी थी कि हर पैरेंट्स ने अपने बच्चों को यह फिल्म दिखाई. सबसे दिलचस्प बात यह है कि बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म का क्लैश सनी देओल की फिल्म के साथ हुआ था. यह मूवी कौन सी थी, आइये जानते हैं…

बॉलीवुड में कुछ फिल्मों की कहानी इतनी प्रेरणादायी होती है कि इन्हें बार-बार देखने पर भी मन नहीं भरता. 18 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म सिनेमाघरों में आई थी जो शुरुआत में चार दिन तक दर्शकों का इंतजार करती रही. फिर ऐसा चमत्कार हुआ कि मूवी सुपरहिट निकली. फिल्म के गाने नेशनल एंथम बन गए. इस फिल्म का नाम है ‘चक दे इंडिया’ जो कि 10 अगस्त 2007 में रिलीज हुई थी. फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘चक दे इंडिया’ आज भी हर अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स ईवेंट में सुनने को मिल जाता है. यह मूवी दर्शकों के दिल में प्यार-देशभक्ति जगाती है. एकता-बार-बार अच्छा प्रदर्शन करने की प्रेरणा भी देती है. यह मूवी हिंदी सिनेमा की मस्ट वॉच लिस्ट में भी शामिल है. दिलचस्प बात यह है कि जब यह फिल्म रिलीज हुई तो चार दिन तक दर्शक नहीं मिले थे. आइये जानते हैं इस सुपरहित फिल्म से जुड़े दिलचस्प तथ्य….

चक दे इंडिया 10 अगस्त 2007 को रिलीज हुई थी. यह एक स्पोर्ट्स फिल्म थी जिसका डायरेक्शन शिमित अमीन ने किया था. यशराज फिल्म्स के बैनर तले आदित्य चोपड़ा ने फिल्म को प्रोड्यूस किया था. मूवी में शाहरुख खान कबीर खान की भूमिका में हॉकी कोच के रूप में नजर आए थे. यह मूवी शाहरुख खान की उन चुनिंदा फिल्मों में शुमार है जिसमें उन्होंने शानदार एक्टिंग की. फिल्म में कोई भी रोमांटिक सीन-सॉन्ग नहीं था. स्टोरी जयदीप साहनी ने लिखी थी. डायरेक्शन शिमित अमीन का था. म्यूजिक सलीम-सुलेमान का था. गीत भी जयदीप साहनी ने ही लिखे थे. फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘कुछ करिये कुछ करिये….चक दे इंडिया’ नेशनल एंथम बन गया था.

चक दे इंडिया को शिमित अमीन ने डायरेक्ट किया था. शिमित भारतीय मूल के अमेरिकी फिल्म डायरेक्टर हैं. उनका जन्म युगांडा में हुआ था. चक दे इंडिया से पहले उन्होंने नाना पाटेकर स्टारर ‘अब तक छप्पन’ बनाई थी. फिल्म की कहानी जयदीप साहनी ने लिखी थी. इससे पहले जयदीप साहनी ने यशराज फिल्म्स के लिए बंटी और बबली की स्टोरी लिखी थी.
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चक दे इंडिया में शाहरुख खान के अलावा, विद्या मालवदे, शिल्पा शुक्ला, सागरिका घाटगे, शुभी मेहता, अनीता नायर, सीमा आजमी नजर आई थीं. फिल्म का म्यूजिक सुपर-डुपर हिट रहा था. म्यूजिक सलीम सुलेमान ने तैयार किया था. दिलचस्प बात यह है कि फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘चक दे इंडिया’ की धुन प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा ने बनाई थी. सलीम-सुलेमान ने अपने एक इंटरव्यू ने बताया था, ‘गाना बनाने के लिए पहले हमें स्क्रिप्ट दी गई थी. स्क्रिप्ट को पढ़ते समय हमारी आंखों में आंसू आ गए. हमें देशभक्ति का गाना बनाना था. शुरुआती गाना जो हमने बनाया उसे आदित्य चोपड़ा ने रिजेक्ट कर दिया. हमने 7 वर्जन तैयार किए थे लेकिन सब रिजेक्ट हो गए. हम निराश हो गए और एक बार तो फिल्म छोड़ने का मन बना लिया था. पिक्चर शूट हो गई थी. फिर उन्होंने हमें विजुअल्स दिखाए. हमने आदि से पूछा कि आप क्या चाहते हैं? उन्होंने कहा कि भारत की कोई भी टीम, कोई भी स्पोर्ट्स खेले, गाना ऐसा बनना चाहिए जो लगे कि पूरे देश का सॉन्ग है. पूरा इंडिया गाए. उन्होंने कहा कि मेलोडी ‘जुम्मा चुम्मा दे दे, जुम्मा चुम्मा दे दे चुम्मा..’ जैसी होनी चाहिए. ‘चक दे, चक दे इंडिया…चक दे, चक दे इंडिया’ जैसी धुन होनी चाहिए. हमने ध्यान से देखा कि आदि ने दो बार चक दे बोला है.’

संगीतकार सलीम मर्चेंट ने इस दिलचस्प किस्से के बारे में आगे बताया, ‘हमने जयदीप साहनी को ऑफिस में बुलाया और कहा कि कुछ भी कर लेकिन गाना लिखिए. तो उसने पहली लाइन लिखी – कुछ करिये..हमने कहा कि कुछ करिये लाइन अच्छी लग रही है. हमने कहा कि ‘चक दे’ आखिर में हम दो बार यूज करने वाले हैं तो उसने ‘कुछ करिये कुछ करिये’ दो बार लिख दिया. फिर उसने लिखा ‘कुछ करिये-कुछ करिये नस-नस मेरी खौले. कुछ करिए कुछ करिए बस बस बड़ा बोले.’ उसी समय हमने इसकी ट्यून बना दी. दो घंटे में ट्यून बनी. सिंगर सुखविंदर सिंह स्टूडियो के पास में रहते थे. वो उसी दिन शाम को स्टूडियो में आए और गाने का मुखड़ा रिकॉर्ड किया.’

फिल्म के टाइटल कैसे तय हुआ, इसका किस्सा भी रोचक है. दरअसल, जयदीप साहनी एड फिल्मों में काम करते थे. उन्होंने नाइकी इंडिया के लिए टैग लाइन लिखी थी. जस्ट डू इट को चक दे लिखा था. यानी प्रेरणा. पहले फिल्म का नाम चक दे था, फिर आदित्य चोपड़ा ने इंडिया जोड़ दिया.

फिल्म का बजट करीब 22 करोड़ रुपये रखा गया था. मूवी ने 101 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. 2007 में यह फिल्म सबसे ज्यादा पैसे कमाने के मामले में तीसरे नंबर पर रही थी. यह फिल्म लोगों को इतनी ज्यादा पसंद आई कि इसे आईएमडीबी पर 8.1 रेटिंग मिली हुई है.

2004 में जयदीप साहनी को इस फिल्म को बनाने का आइडिया एक न्यूजपेपर में छपे आर्टिकल से आया था. आर्टिकल 2002 में महिला कॉमनवेल्थ गेम में महिला हॉकी टीम की जीत के बारे में था. फिल्म की कहानी हॉकी खिलाड़ी मीर रंजन नेगी की लाइफ से इंस्पायर्ड थी. नेगी भारतीय पुरुष टीम में गोलकीपर थे. अलमोरा के रहने वाले नेगी 1982 में एशियन गेम्स खेले गए थे. आखिरी मैच में भारत पाकिस्तान से 1-7 से हार गया था. नेगी पर कई आरोप भी लगाए गए, उन्हें देशद्रोही बताया गया. शाहरुख खान का किरदार कबीर खान नेगी के संघर्षों की याद दिलाता है. उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच के रूप में वापसी की. टीम को एकजुट किया.

चक दे इंडिया को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कुल 43 अवॉर्ड मिले थे. 72 में नॉमिनेशन मिला था. फिल्म को नेशनल अवॉर्ड समेत 5 फिल्म फेयर पुरस्कार मिले थे. दिलचस्प बात यह है कि बॉक्स ऑफिस पर चक दे इंडिया का क्लैश सनी देओल की फिल्म ‘काफिला’ से हुआ था. अमितोज मान ने इस फिल्म का डायरेक्शन किया था. उन्होंने फिल्म में एक्टिंग भी की थी. काफिला फिल्म में सनी देओल ने कर्नल समीर अहमद खान का रोल निभाया था, जो पाकिस्तान से पंगा लेते हैं. हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई थी, वहीं चक दे इंडिया सुपरहिट साबित हुई थी.
