March 28, 2026
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बंगाल में रामनवमी पर हुई हिंसा पर भड़के अयोध्या संत, राष्ट्रपति शासन की मांग

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राम नवमी के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली है, जिसकी वजह से पूरे गंभीर माहौल बना हुआ है. रामनवमी के अवसर पर हुई इस हिंसा से अयोध्या के साधु संतों में काफी नाराजगी देखने को मिली है और ममता सरकार पर निशाना भी साधा है.

बंगाल में रामनवमी पर हुई हिंसा पर भड़के अयोध्या संत, राष्ट्रपति शासन की मांगZoom

शुक्रवार को रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के कुछ हिस्सों में दो समुदायों के बीच झड़प हुई. हिंसा में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. मामले को शांत करते हुए पुलिस ने प्रभावित जांगीपुर और रघुनाथगंज इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है. इस घटना को लेकर अब अयोध्या के संतों ने विरोध दर्ज कराया है और ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा है. बताया जा रहा है कि जुलूस के दौरान सिसातला इलाके में तेज संगीत बजाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसने हिंसक रूप ले लिया. इसके बाद फूलतला क्रॉसिंग के पास फिर से पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिससे हालात और बिगड़ गए.

ममता की जाने वाली है सत्ता
महामंडलेश्वर विष्णु दास ने शोभा यात्रा पर हुई पत्थरबाजी की घटना को निंदनीय बताया. उन्होंने बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी कट्टर समुदाय को पाल कर रखती हैं और एक ही समुदाय को खुश करने की कोशिश करती हैं, लेकिन अब उनकी सत्ता जाने वाली है क्योंकि उन्होंने हमारे भगवान श्री राम की शोभा यात्रा पर पथराव किया है. इन्होंने गैंग बना रखी है, जिसका काम सिर्फ पथराव करना और हमारे समुदाय को नुकसान पहुंचाना है. ममता जैसे लोग ही हैं, जो भारत में रहकर शरिया कानून लाना चाहते हैं.

हिंदुओं पर हो रहा है अत्याचार
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश जैसे हालात हैं, जहां हिंदुओं पर अत्याचार होता रहा है और इसके पीछे ममता सरकार का बड़ा हाथ है, लेकिन अब समय आ गया है कि वहां के हिंदू और सनातनी लोग उन्हें जवाब देने वाले हैं और सत्ता से बेदखल करने वाले हैं.

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो
वहीं, जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भी रामनवमी के दिन पश्चिम बंगाल में हुई घटना को पीड़ादायक बताया. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत है क्योंकि अब बात हाथ से निकल चुकी है. ममता बनर्जी आतंकवादियों के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल को भारत से अलग करना चाहती हैं.

हिंदूओं की किसी मामले में सुनवाई नहीं
परमहंस आचार्य ने कहा है कि जैसा हाल पहले बांग्लादेश का हुआ था, अब उसी नक्शेकदम पर पश्चिम बंगाल पहुंच चुका है. वहां भी हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है और अगर स्थिति को संभाला नहीं गया तो हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं. जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि बंगाल की पुलिस भी सरकार और आतंकियों के इशारे पर काम करती है और हिंदूओं की किसी मामले में सुनवाई नहीं होती है.

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Parag Sharma

पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें





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