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आशा भोसले के करियर का सबसे चर्चित गाना ‘दम मारो दम’ 1971 में रिलीज के बाद भारी विवादों में घिर गया था. फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के इस गाने पर नशे को बढ़ावा देने के आरोप लगे, जिसके चलते ऑल इंडिया रेडियो ने इसे बैन कर दिया और दूरदर्शन ने भी प्रसारण से हटा दिया. हालांकि विवादों के बावजूद गाने की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई और आशा भोसले को ‘दम मारो दम’ के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड मिला था.

आशा भोसले के एक गाने पर जमकर विवाद हुआ था.
नई दिल्ली. ‘सुरों की मल्लिका’ कही जाने वाली आशा भोसले ने अपनी अनोखी आवाज से हिंदी सिनेमा को अमर गाने दिए. उनके गाए गाने कभी पुराने नहीं पड़ते बल्कि समय के साथ और निखरते जाते हैं. लाखों दिलों में बस चुकी उनकी आवाज अब हमेशा आशा भोसले की याद दिलाएगी. आज का दिन फिल्म इंडस्ट्री के साथ ही म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए भी बेहद दुखद है. आशा भोसले अब भले ही हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन वो अपने 7 दशक लंबे करियर से अनगिनत यादें और गानें पीछे छोड़ गई हैं.
आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में हजारों हिट गाने गाए, लेकिन अगर उनके सबसे चर्चित और विवादित गीतों की बात की जाए तो ‘दम मारो दम’ का नाम सबसे ऊपर आता है. साल 1971 में रिलीज हुआ यह गाना आज भले ही कल्ट क्लासिक माना जाता हो, लेकिन जब यह पहली बार सामने आया था, तब इसने पूरे देश में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था. हालात ऐसे बन गए थे कि इस गाने को रेडियो पर बैन कर दिया गया और बाद में दूरदर्शन ने भी इसके टेलीकास्ट पर रोक लगा दी थी.
आशा भोसले के गाने पर जमकर मचा था विवाद
यह गाना फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ का हिस्सा था, जिसमें देव आनंद, जीनत अमान और मुमताज मुख्य भूमिकाओं में थे. गाने को संगीत दिया था आर. डी. बर्मन ने और इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे. पर्दे पर यह गाना जीनत अमान पर फिल्माया गया था, जो हिप्पी लुक में नजर आई थीं और उनका अंदाज उस समय के लिए काफी बोल्ड माना गया.
बैन हो गया था गाना
असल में फिल्म की कहानी हिप्पी कल्चर और नशे की बढ़ती समस्या पर आधारित थी. देव आनंद का किरदार अपनी खोई हुई बहन को ढूंढते-ढूंढते काठमांडू पहुंचता है, जहां वह नशे और हिप्पी लाइफस्टाइल की दुनिया में खो चुकी होती है. फिल्म का मकसद इस जीवनशैली के खतरों को दिखाना था, लेकिन कई लोगों ने ‘दम मारो दम’ को गलत तरीके से लिया और आरोप लगाया कि यह गाना नशे को बढ़ावा देता है.
गाने के बोल, उसकी बीट और जीनत अमान का बोल्ड स्क्रीन प्रेज़ेन्स लोगों के बीच इतना लोकप्रिय हुआ कि यह देखते ही देखते युवाओं का एंथम बन गया. हालांकि कई सामाजिक संगठनों और अभिभावकों ने इसका विरोध किया और इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया. विवाद इतना बढ़ गया कि ऑल इंडिया रेडियो ने इस गाने के प्रसारण पर पूरी तरह रोक लगा दी. बाद में जब फिल्म दूरदर्शन पर दिखाई गई, तब इस गाने को उसमें से हटा दिया गया था.
आशा भोसले को मिला था बेस्ट प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
