July 30, 2026
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फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ की रिलीज को लेकर विवाद गहरा गया है. केरल हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंसर बोर्ड और निर्माताओं को नोटिस जारी किया है. याचिकाकर्ता श्रीदेव नंबूदरी का आरोप है कि फिल्म का टीजर केरल की इमेज को निगेटिव तरीके से पेश करता है और समाज में सांप्रदायिक तनाव बढ़ा सकता है. याचिका में 27 फरवरी 2026 को प्रस्तावित इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है.

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'द केरल स्टोरी 2' की बढ़ी मुश्किलें, हाईकोर्ट ने मेकर्स को भेजा नोटिसZoom

फिल्म की रिलीज पर मंडराया संकट.

नई दिल्ली: विवादित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के सीक्वल ‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ को लेकर कानूनी पचड़ा बढ़ता ही जा रहा है. गुरुवार 19 फरवरी को केरल हाईकोर्ट ने इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंसर बोर्ड (CBFC) और फिल्म के प्रोड्यूसर्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यह पूरी कानूनी जंग पेशे से बायोलॉजिस्ट श्रीदेव नंबूदरी की एक याचिका से शुरू हुई है. उनका कहना है कि फिल्म का टीजर देखने के बाद उन्हें गहरा धक्का लगा है, क्योंकि इसमें केरल राज्य की इमेज को बेहद गलत और नकारात्मक तरीके से पेश करने की कोशिश की गई है. कोर्ट का यह नोटिस फिल्म की टीम के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि फिल्म की रिलीज की तारीख अब बहुत करीब है.

याचिकाकर्ता ने फिल्म के कंटेंट और इसके टाइटल पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि टीजर में केरल के साथ-साथ मध्य प्रदेश और राजस्थान की लड़कियों की कहानी दिखाई गई है, जो कथित तौर पर आतंकवादियों के ‘हनीट्रैप’ और धर्म परिवर्तन के जाल में फंस जाती हैं. न्यूज18 इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म में दावा किया गया है कि यह सब देश की आबादी का संतुलन बिगाड़ने की एक साजिश है. श्रीदेव का सबसे बड़ा ऐतराज यह है कि जब कहानी में अन्य राज्यों का भी जिक्र है, तो इसे जानबूझकर ‘द केरल स्टोरी’ का नाम क्यों दिया गया? उनका आरोप है कि ऐसा करके पूरे केरल राज्य को इस विवादित मुद्दे का केंद्र दिखाया जा रहा है, जिससे न केवल राज्य की बदनामी हो रही है, बल्कि अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का भी खतरा है.

फिल्म बिगाड़ सकती है कानून-व्यसवस्था!
कानूनी मोर्चे पर अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कोर्ट का अगला कदम क्या होगा. याचिकाकर्ता ने मांग की है कि 27 फरवरी 2026 को होने वाली फिल्म की रिलीज और इसके प्रदर्शन पर तुरंत रोक लगा दी जाए. इसके अलावा, उन्होंने एक विकल्प यह भी दिया है कि जब तक केंद्र सरकार इस मामले में रिवीजन याचिका पर कोई अंतिम फैसला नहीं ले लेती, तब तक फिल्म को सिनेमाघरों तक न पहुंचने दिया जाए. याचिका में यह भी चिंता जताई गई है कि फिल्म के संवाद देश की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें



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