May 28, 2026
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सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर संगीतकार एआर रहमान ने अपनी फिल्म ‘पोन्नियिन सेलवन-2’ के गीत ‘वीरा राजा वीरा’ के लिए डागर ब्रदर्स को क्रेडिट देने पर सहमति जताई है. ध्रुपद गायक फैयाज डागर ने आरोप लगाया था कि यह गीत उनके पूर्वजों की ‘शिव स्तुति’ से प्रेरित है. कोर्ट ने कहा कि यह विवाद केवल कानूनी नहीं, बल्कि शास्त्रीय परंपरा के सम्मान का है. अब 5 हफ्तों के भीतर सभी प्लेटफॉर्म्स पर जूनियर डागर ब्रदर्स का नाम जोड़ा जाएगा. हालांकि, यह सहमति कॉपीराइट केस के कानूनी दावों पर असर नहीं करेगी, लेकिन संगीत की विरासत को मान्यता जरूर देगी.

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एआर रहमान ने सुप्रीम कोर्ट का माना सुझाव, डागर ब्रदर्स को देंगे क्रेडिटZoom

एआर रहमान की सराहनीय पहल.

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद मशहूर संगीतकार एआर रहमान ने फिल्म ‘पोन्नियिन सेलवन 2’ के गाने ‘वीरा राजा वीरा’ में डागर ब्रदर्स को क्रेडिट देने पर अपनी सहमति दे दी है. यह पूरा मामला काफी समय से कानूनी पेच में फंसा हुआ था, क्योंकि ध्रुपद गायक फैयाज वासिफुद्दीन डागर ने कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया था. शुक्रवार 20 फरवरी को जस्टिस सूर्यकांत और उनकी बेच के सामने रहमान की ओर से सीनियर वकील अभिषेक सिंघवी ने बताया कि वे जूनियर डागर ब्रदर्स की ‘डागरवाणी परंपरा’ को ऑफिशियल मान्यता देने के लिए तैयार हैं. कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब से अगले 5 हफ्तों के अंदर सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर गाने के क्रेडिट सेक्शन में यह साफ लिखा जाना चाहिए कि यह ध्रुपद रचना ‘शिव स्तुति’ से प्रेरित है, जिसे सबसे पहले स्वर्गीय उस्ताद नासिर फैयाजुद्दीन डागर और उस्ताद नासिर जहीरुद्दीन डागर (जूनियर डागर ब्रदर्स) ने रिकॉर्ड किया था.

अदालत का मानना था कि यह लड़ाई सिर्फ कानूनी कागजों या पैसों की नहीं, बल्कि संगीत की पुरानी परंपराओं के सम्मान की है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एआर रहमान को सलाह दी थी कि संगीत के हित और शास्त्रीय घरानों की विरासत को बचाने के लिए उन्हें डागर परिवार के योगदान को स्वीकार करना चाहिए. कोर्ट ने बेहद इमोशनल कमेंट करते हुए कहा था कि ये घराने शास्त्रीय संगीत के पारंपरिक उपासक हैं और अगर इन्होंने अपना योगदान नहीं दिया होता, तो शायद आज के मॉडर्न गायकों के पास इतना कुछ नया करने के लिए नहीं होता. वे किसी बिजनेस की दौड़ में नहीं हैं, बल्कि सिर्फ अपनी पहचान और सम्मान चाहते हैं. एआर रहमान ने इस सुझाव को मान लिया है, जिससे अब इस ध्रुपद शैली को वह श्रेय मिलेगा जिसकी वह हकदार है.

कॉपीराइट केस पर कोई सीधा असर नहीं
एआर रहमान की टीम ने कोर्ट में यह भी साफ किया है कि क्रेडिट देने की इस सहमति का दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे कॉपीराइट केस पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. इसका मतलब है कि कानूनी लड़ाई अभी अपनी जगह जारी रहेगी, लेकिन जनता के सामने अब यह साफ हो जाएगा कि इस सुपरहिट गाने की जड़ें डागर परिवार की पारंपरिक ध्रुपद गायकी में छिपी हैं. यह फैसला उन सभी कलाकारों के लिए एक मिसाल है जो लोक या शास्त्रीय संगीत से प्रेरणा लेते हैं. इससे यह मैसेज गया है कि मॉडर्न संगीत में कितनी भी चमक-धमक क्यों न आ जाए, उसे अपनी पुरानी विरासत और जड़ों का सम्मान हमेशा करना चाहिए.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें



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