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कुछ फिल्मों के बारे में बताने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं. डिक्शनरी खरीदकर नए-नए शब्द ढूंढने पड़ते हैं. ऐसी ही एक फिल्म है ‘बाहुबली’, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. इस फिल्म ने न सिर्फ तेलुगू सिनेमा, बल्कि भारतीयों फिल्मों का लेवेल भी बहुत ऊंचा उठा दिया. दुनियाभर में ‘बाहुबली’ को पसंद किया गया. फिल्म में ऐसे कई किरदार और परिस्थितियां देखने को मिली, जिसमें कई बरसों तक सस्पेंस बना रहा.

साल 2015 में आई ‘बाहुबली’ में प्रभास और अनुष्का शेट्टी लीड रोल में रहे. राणा दग्गुबाती विलेन बन छा गए. सत्यराज का किरदार कटप्पा भी अमर हो गया. एसएस राजामौली ने अपनी मेकिंग और विजन से लोगों को दीवाना बना दिया. फिल्म में कई ट्विस्ट और टर्न्स देखने को मिले. कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? से लेकर राणा दग्गुबाती की पत्नी कौन थी? जैसे सवाल लोगों के दिमाग में सालों तक रहे. (फाइल फोटो/फिल्म पोस्टर)

कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा का जवाब तो दो साल बाद यानी 2017 में आए इसके सीक्वल ‘बाहुबलीः द कनक्लुजन’ में मिल गया. लेकिन राणा के किरदार भल्लालदेव की पत्नी कौन-थी इसका जवाब अभी तक बचा हुआ था. जिसका जवाब उनके बेटे का किरदार निभाने वाले अदिवि शेष ने दिया है. (फाइल फोटो/फिल्म पोस्टर)

‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ को आए अब 11 साल हो गए हैं. लेकिन आज भी सबके मन में एक सवाल है – भल्लालदेव की पत्नी कौन थी? इस बारे में कई तरह की चर्चाएं हुईं. एक शो में भल्लालदेव के बेटे का किरदार निभाने वाले अदिवि शेष ने इस पर सफाई दी. फिल्म में अदिवि शेष ने भल्लालदेव के बेटे भद्रा का रोल निभाया था, जो काफी अहम किरदार था. (फाइल फोटो/फिल्म पोस्टर)
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जब अदिवि शेष से पूछा कि भद्रा की मां यानी भल्लालदेव की पत्नी कौन है, तो अदिवि ने बताया कि उन्होंने भी यही सवाल राजामौली से पूछा था. इस पर राजामौली ने जवाब दिया कि भल्लालदेव का किरदार एक दुष्ट है, ऐसा दुष्ट कुछ भी कर सकता है, ऐसे ही तुम पैदा हुए हो. (फाइल फोटो/फिल्म पोस्टर)

एसएस राजामौली के इस जवाब से कम से कम यह तो साफ हो गया कि भद्र कैसे पैदा हुआ, इस पर अब लोगों को जवाब मिल गया है. यह सवाल भी एक सस्पेंस की तरह था क्योंकि भल्लादेव, अनुष्का शेट्टी के किरदार देवसेना से प्यार करता है और उससे शादी करना चाहता है. बरसों तक उसे कैद में रखता है. (फाइल फोटो/फिल्म पोस्टर)

भल्लालदेव की पत्नी को नहीं दिखाते, लेकिन बेटे भद्रा को दिखाते हैं. ऑरिजनली तेलुगू में बनी इस फिल्म ने तेलुगू इंडस्ट्री को टॉप पहुंचा दिया. असल में पैन इंडिया फिल्मों का ट्रेंड इसी फिल्म से शुरू हुआ. कंटेंट नया हो और थोड़ा एंटरटेनमेंट हो तो भाषा की दीवारें टूट जाती हैं. एसएस राजामौली ने इसे साबित करके दिखाया. (फाइल फोटो/फिल्म पोस्टर)

‘बाहुबली’ में प्रभास ने डबल रोल निभाया, बल्कि यूं कहें कि उन्होंने किरदार को जिया. हर एक्टर चाहता है कि उसे जिंदगी में एक यादगार रोल मिले, प्रभास को वह रोल बाहुबली से मिला. इस फिल्म के बाद प्रभास की लोकप्रियता आसमान छू गई. खासकर नॉर्थ बेल्ट में प्रभास का क्रेज जबरदस्त है. यहां तक कि फ्लॉप रही ‘साहो’ ने भी हिंदी में रिकॉर्ड तोड़ दिए, इससे पता चलता है कि ‘बाहुबली’ ने प्रभास को किस स्तर पर पहुंचा दिया. (फाइल फोटो/फिल्म पोस्टर)

इस फिल्म में प्रभास के बराबर दमदार किरदार था भल्लालदेव का. अब तक हीरो के तौर पर कई फिल्में करने के बावजूद राणा दग्गुबाती को जो पॉपुलैरिटी नहीं मिली थी, वह भल्लालदेव के निगेटिव रोल से मिली. राणा ने भी अपने विलेन किरदार से जबरदस्त परफॉर्मेंस दी. स्क्रीन पर राणा को देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. उन्होंने अपनी एक्टिंग से सबको हैरान कर दिया. (फाइल फोटो/फिल्म पोस्टर)
