Last Updated:
Nautapa 2026: देशभर में तपिश बढ़ाने वाली नौतपा की शुरुआत आज से हो रही है. दोपहर 3:37 पर सूर्य के बड़े गोचर के साथ यह दौर और भी अहम माना जा रहा है. मान्यता है कि अगले 9 दिन तीव्र गर्मी के साथ धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील होते हैं. ऐसे में क्या करें और क्या नहीं? साथ ही इन नियमों और परंपराओं का ध्यान रखें और इन 9 दिन क्या दान करना पुण्यदायी रहेगा.
Nautapa 2026: भीषण गर्मी और तेज धूप के लिए प्रसिद्ध नौतपा आज से शुरू हो गया है. वैदिक ज्योतिष गणना के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्यदेव आज दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर शीतल चंद्रमा के रोहिणी नक्षत्र में गोचर करने जा रहे हैं. इसी के साथ नौ दिनों तक चलने वाले नौतपा का आरंभ माना जाएगा. धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से नौतपा का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य की तपिश सबसे अधिक होती है और इसका प्रभाव मौसम, कृषि और मानव जीवन पर पड़ता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तब पृथ्वी पर गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है. अगर नौतपा के दौरान तेज गर्मी पड़ती है तो आने वाले मानसून में अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है. किसानों के लिए भी यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि अच्छी वर्षा से खेती को लाभ मिलता है.
नौतपा का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नौतपा के दौरान सूर्यदेव की पूजा करने और जल अर्पित करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है. इन दिनों में तप, दान और सेवा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. कहा जाता है कि सूर्यदेव की कृपा से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. पंडितों के अनुसार, नौतपा में सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करना शुभ माना जाता है. जल अर्पित करते समय ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और ऊर्जा मिलती है.
नौतपा में क्या करें?
नौतपा के दौरान शरीर को गर्मी से बचाना बेहद जरूरी माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए और हल्का भोजन करना चाहिए. घर से बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखना लाभदायक होता है. धार्मिक दृष्टि से इन नौ दिनों में गरीबों और जरूरतमंदों को जल, छाता, सत्तू, आम, खरबूजा, तरबूज और ठंडी चीजों का दान करना शुभ माना गया है. पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना और गायों को हरा चारा खिलाना भी पुण्यदायी माना जाता है.
नौतपा में इन कार्यों को विशेष फलदायी माना गया है—
- सूर्यदेव को 9 दिन तक अर्घ्य देना बेहद शुभ
- जल से भरे पात्र का दान करना
- गरीबों को शीतल पेय पदार्थ वितरित करना
- पीपल और तुलसी में जल चढ़ाना
- पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना
नौतपा में क्या ना करें?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नौतपा के दौरान अत्यधिक धूप में निकलने से बचना चाहिए. दोपहर के समय खाली पेट घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. तामसिक भोजन, अधिक तेल-मसाले वाली चीजें और बासी भोजन से परहेज करने की सलाह दी जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों जल का अपमान नहीं करना चाहिए और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए. क्रोध और विवाद से दूर रहकर शांत स्वभाव बनाए रखना भी शुभ माना गया है.
नौतपा में इन चीजों का करें दान
नौतपा में दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इस दौरान किए गए दान से सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इन नौ दिनों में विशेष रूप से इन चीजों का दान करना लाभकारी माना गया है.
- मिट्टी के घड़े
- सत्तू
- गुड़
- जल से भरे कलश
- पंखा
- छाता
- फल और शीतल पेय
- वस्त्र और चप्पल
About the Author

पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें
