अमेरिका और चीन में तकनीक को लेकर अक्सर भिड़ंत मची रहती है. पर इस बार चीन की एक तकनीक ने हॉलीवुड की नींदें उड़ा दी हैं. हॉलीवुड में इस वक्त हड़कंप मचा हुआ है और वजह है ‘सीड डांस’. इस नई तकनीक ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े-बड़े दिग्गजों की नींद उड़ा दी है और चीन शायद अपनी इस सफलता पर काफी इतरा रहा होगा. टिक-टॉक बनाने वाली कंपनी बाइटडांस ने एक नया AI टूल पेश किया है, जिसका नाम है सीड डांस. चलिए बताते हैं कि आखिर क्या है सीड डांस, जो अभी हॉलीवुड में और आने वाले भविष्य में शायद हर फिल्म इंडस्ट्री के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है.
क्या है सीड डांस और यह कैसे काम करता है?
दरअसल ये एक AI टूल है, महज कुछ सेकेंड्स में ऐसी वीडियो क्लिप्स तैयार कर देता है जो किसी बड़ी बजट वाली फिल्म जैसी दिखती हैं. यानी मान लीजिए कि आप एक फिल्म देख रहे हैं, जिसमें टॉम क्रूज और ब्रैड पिट जबरदस्त स्टंट कर रहे हैं, आपस में फाइट कर रहे हैं. पर असल में इन दोनों ने कभी साथ काम ही नहीं किया. ‘सीड डांस’ (Seed Dance 2.0) यही कर रहा है. आपको बस एक ‘प्रॉम्ट’ टाइप करना है. जैसे “विल स्मिथ एक स्पैगेटी मॉन्स्टर से लड़ रहे हैं”, और कुछ ही सेकेंड्स में आपके सामने एक सिनेमैटिक वीडियो तैयार हो जाता है. इसमें लाइटिंग, कैमरा मूवमेंट और एक्टर्स के हाव-भाव इतने असली होते हैं कि कोई भी धोखा खा जाए.
सीड डांस ने एक ऐसी बहस छेड़ दी है जिसमें कला, तकनीक और नैतिकता आमने-सामने हैं. बड़ा सवाल ये है कि क्या हम उस दौर में कदम रख चुके हैं जहाँ सिनेमा ‘हकीकत’ नहीं बल्कि सिर्फ ‘प्रॉम्ट’ का खेल बनकर रह जाएगा?
हॉलीवुड में क्यों मचा है हड़कंप?
हॉलीवुड के बड़े स्टूडियो जैसे डिज्नी, नेटफ्लिक्स, वार्नर ब्रदर्स और सोनी इस टूल के खिलाफ एकजुट हो गए हैं. उनकी नाराजगी की सबसे बड़ी वजह ‘कॉपीराइट’ है. यह AI टूल बिना अनुमति के एक्टर्स के चेहरों और स्टूडियो की कानूनी संपत्ति (फिल्मों के सीन्स) का इस्तेमाल कर रहा है. ‘मोशन पिक्चर एसोसिएशन’ ने बाइटडांस को चेतावनी दी है कि वह इस “उल्लंघन” को तुरंत रोके. स्टूडियो का कहना है कि अरबों डॉलर खर्च करके बनाई गई फिल्मों और एक्टर्स की पहचान को यह टूल मुफ्त में चुरा रहा है.
फिल्म मेकिंग का बदलता भविष्य
फिल्म जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि वह दिन दूर नहीं जब एक अकेला व्यक्ति अपने कंप्यूटर पर बैठकर क्रिस्टोफर नोलन जैसी महान फिल्म बना लेगा. इसके लिए न तो करोड़ों के सेट की जरूरत होगी और न ही हजारों की क्रू की. लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू डरावना है. एडिटर, सिनेमैटोग्राफर, विजुअल इफेक्ट्स (VFX) आर्टिस्ट और अन्य क्रिएटिव क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों लोगों की नौकरियां खतरे में हैं. अगर कोई भी घर बैठे फिल्म बना लेगा, तो बड़े स्टूडियो का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा.
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए क्या है सबक?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म निर्माता देश है. अगर यह तकनीक हॉलीवुड को हिला सकती है, तो इंडियन फिल्म इंडस्ट्री भी इससे अछूते नहीं रहेंगी. भारत में पहले से ही ‘डीपफेक’ एक बड़ी समस्या बन चुका है. इतना ही नहीं, इंस्टाग्राम पर आपने भी कई ऐसे वीडियो देखें होंगे, जिसमें बॉलीवुड की वो जोड़ियां साथ नजर आ रही हैं, जिन्होंने कभी स्क्रीन पर काम नहीं किया. एक ताजा वीडियो में हिंदुस्तानी और पाकिस्तानी एक्ट्रेसेस एक साथ नजर आ रही हैं. ‘सीड डांस’ जैसी तकनीक आने के बाद भारतीय एक्टर्स की छवि का गलत इस्तेमाल और भी बढ़ सकता है. साथ ही, हमारे देश के हजारों VFX प्रोफेशनल्स, जो ग्लोबल प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं, उनके रोजगार पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है.
बाइटडांस का पक्ष और कानूनी लड़ाई
विवाद बढ़ता देख बाइटडांस ने कहा है कि उन्होंने असली लोगों की तस्वीरें अपलोड करने पर रोक लगा दी है. कंपनी का दावा है कि विवादित वीडियो सिर्फ टेस्टिंग फेज के दौरान बनाए गए थे. हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री को इस पर भरोसा नहीं है. इस महीने के अंत में यह टूल पब्लिकली लॉन्च होने वाला है, जिसके बाद करोड़ों लोगों की इस तक पहुंच होगी. कानूनी लड़ाई अभी शुरू ही हुई है, लेकिन तकनीक अदालतों के फैसले का इंतजार नहीं कर रही है.
