April 10, 2026
Sujit-Kumar-2026-02-b728e7bc9aba9fdacd01fcac2f4e7d14-16x9.jpg
Spread the love


Last Updated:

वाराणसी में जन्मे सुजीत कुमार कभी वकील बनना चाहते थे, लेकिन आखिर कार हिंदी सिनेमा के ‘सदाबहार पुलिस इंस्पेक्टर’ के रूप में अमर हो गए. साल 1954 में ‘टैक्सी ड्राइवर’ से करियर शुरू करने वाले सुजीत ने ‘इत्तेफाक’ और ‘तिरंगा’ जैसी अनगिनत फिल्मों में खाकी वर्दी पहनकर सबसे ज्यादा बार पुलिस अफसर का रोल निभाने का रिकॉर्ड बनाया. वे न केवल बॉलीवुड के दिग्गज चरित्र अभिनेता रहे, बल्कि उन्हें भोजपुरी सिनेमा का पहला सुपरस्टार भी माना जाता है.

ख़बरें फटाफट

भोजपुरी सिनेमा का पहला सुपरस्टार, खाकी वर्दी पहनकर हुए अमरZoom

सुजीत कुमार वकील बनना चाहते थे. (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी पर्दे पर खाकी वर्दी और एक ईमानदार पुलिस अफसर की इमेज का जिक्र होता है, एक्टर सुजीत कुमार का चेहरा जेहन में उभर आता है. 7 फरवरी 1934 को वाराणसी के एक किसान परिवार में जन्मे सुजीत कुमार का असली नाम शमशेर बहादुर सिंह था. वे स्वभाव से बेहद मेधावी थे और कानून की पढ़ाई कर एक सफल वकील बनने का सपना देख रहे थे. हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था. कॉलेज के एक नाटक के दौरान मशहूर निर्देशक फणी मजूमदार की पारखी नजर उन पर पड़ी. उनकी बुलंद आवाज और शानदार शख्सियत से प्रभावित होकर निर्देशक ने उन्हें अभिनय की दुनिया में आने का न्यौता दिया, जिसके बाद वे वकालत छोड़ सपनों की नगरी मुंबई पहुंच गए.

सुजीत कुमार के फिल्मी सफर की शुरुआत साल 1954 में फिल्म ‘टैक्सी ड्राइवर’ से हुई. शुरुआती स्ट्रगल के दिनों में उन्होंने कई सपोर्टिंग और निगेटिव भूमिकाएं निभाईं, लेकिन उनकी असली पहचान 60 और 70 के दशक की सस्पेंस-थ्रिलर फिल्मों से बनी. पर्दे पर उनकी गंभीरता और दृढ़ता पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार के लिए इतनी सटीक बैठी कि वे निर्देशकों की पहली पसंद बन गए. फिल्म ‘इत्तेफाक’ में उनके तेज-तर्रार इंस्पेक्टर के रोल ने उन्हें रातों-रात लोकप्रिय बना दिया. इसके बाद ‘द बर्निंग ट्रेन’, ‘तिरंगा’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी अनगिनत फिल्मों में उन्होंने पुलिस वर्दी पहनी. कहा जाता है कि भारतीय सिनेमा में सबसे ज्यादा बार पुलिस अधिकारी का किरदार निभाने का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम दर्ज है.

फिल्ममेकिंग में आजमाया हाथ
सुजीत कुमार का प्रभाव केवल बॉलीवुड तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उन्हें भोजपुरी सिनेमा का पहला सुपरस्टार माना जाता है. ‘गंगा मइया तोहे पियरी’, ‘बिदेसिया’ और ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के जरिए उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के घर-घर में अपनी खास जगह बनाई. भोजपुरी फिल्मों में उनके योगदान के कारण उन्हें ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ सम्मान से भी नवाजा गया. अभिनय के साथ-साथ उन्होंने फिल्ममेकिंग के क्षेत्र में भी हाथ आजमाया और अपनी पत्नी किरण सिंह के साथ मिलकर ‘खेल’ और ‘दरार’ जैसी सफल फिल्मों का निर्माण किया. उन्होंने एक बहुमुखी कलाकार के रूप में खुद को स्थापित किया, जो नायक और चरित्र एक्टर दोनों ही रूपों में सफल रहा.

‘फिल्मों के सबसे चर्चित पुलिस इंस्पेक्टर
सुजीत कुमार अपने जीवन के अंतिम दौर में कैंसर जैसी घातक बीमारी से जूझते रहे. 5 फरवरी 2010 को अपने 76वें जन्मदिन से महज दो दिन पहले उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन ‘फिल्मों के सबसे चर्चित पुलिस इंस्पेक्टर’ के रूप में उनकी यादें दर्शकों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी. वकील बनने की राह छोड़कर उन्होंने कला का जो मार्ग चुना, उसने उन्हें न केवल शोहरत दिलाई बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में उनका नाम हमेशा के लिए अमर कर दिया.

About the Author

authorimg

Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

homeentertainment

भोजपुरी सिनेमा का पहला सुपरस्टार, खाकी वर्दी पहनकर हुए अमर



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks