कानपुर: बिग बॉस 19 के विजेता अभिनेता गौरव खन्ना जीत के बाद पहली बार अपनी जन्मभूमि कानपुर पहुंचे. शहर आते ही वह अपने पुराने स्कूल Seth Anandram Jaipuria School पहुंचे, जहां छात्रों और शिक्षकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. स्कूल परिसर में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था. हर कोई अपने सीनियर को करीब से देखना और सुनना चाहता था.
21 साल कानपुर में गुजरे, सबसे ज्यादा समय स्कूल में बीता
मंच पर आते ही गौरव खन्ना ने अपने स्कूली दिनों की यादें साझा कीं. उन्होंने कहा कि कानपुर में उनके जीवन के 21 साल गुजारे हैं और इस दौरान सबसे ज्यादा समय स्कूल में ही बीता. यहीं उन्होंने अनुशासन, दोस्ती और मेहनत का मतलब सीखा. उन्होंने बच्चों से कहा कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली जगह है.
कानपुर से मुंबई तक का सफर
आज जो भी पहचान उन्हें मिली है, उसकी नींव स्कूल में रखी गई. गौरव खन्ना ने अपने कानपुर से मुंबई तक के सफर के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि वह एक्टिंग करने के इरादे से मुंबई नहीं गए थे. वह सीखने और खुद को आजमाने गए थे. समय के साथ मुंबई ने उन्हें अपनाया, प्यार दिया और काम दिया.
उन्होंने कहा, कानपुर मेरी जन्मभूमि है और मुंबई मेरी कर्मभूमि है. दोनों शहरों ने मिलकर मुझे वह बनाया, जो मैं आज हूं. उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल की पढ़ाई और अच्छी शिक्षा हर फील्ड में काम आती है. यह सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर मदद करती है. आत्मविश्वास, बोलने का तरीका और सोचने की समझ, यह सब स्कूल से ही मिलती है.
बिग बॉस का अनुभव और बच्चों के लिए संदेश
बिग बॉस 19 के अनुभव पर गौरव ने कहा कि यह सफर आसान नहीं था. शो के दौरान मानसिक और भावनात्मक चुनौतियां सामने आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने बच्चों से कहा कि मुश्किल समय में घबराने के बजाय खुद पर भरोसा रखना चाहिए. मेहनत, धैर्य और सच्चाई से ही सफलता मिलती है.
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने उनसे कई सवाल पूछे. किसी ने एक्टिंग के बारे में पूछा, तो किसी ने सफलता का मंत्र जानना चाहा. गौरव ने सरल शब्दों में जवाब दिए और कहा कि सपने जरूर देखें, लेकिन उनके लिए लगातार मेहनत भी करें. असफलता से डरें नहीं, वही आपको मजबूत बनाती है.
स्कूल के लिए गर्व का पल
स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने गौरव खन्ना को सम्मानित किया और कहा कि उनका आना छात्रों के लिए प्रेरणा है. बच्चों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और तालियों से उनका हौसला बढ़ाया. कार्यक्रम के अंत में गौरव ने कहा कि वह हमेशा अपने स्कूल और कानपुर से जुड़े रहेंगे. यह दौर सिर्फ एक सेलिब्रिटी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सीख, प्रेरणा और उम्मीद से भरा हुआ यादगार दिन बन गया.
