June 1, 2026
Sonal-chauhan-2026-01-413e53319bcf310fe95476a5dd07381e-16x9.jpg
Spread the love


Last Updated:

सोनल चौहान, तारा सुतारिया, यामी गौतम और ऋतिक रोशन ने बॉलीवुड में पेड नेगेटिव पीआर, ट्रोलिंग और झूठी अफवाहों पर चिंता जताई, सकारात्मक माहौल की अपील की.

ख़बरें फटाफट

'किसी को बुरा दिखाकर अच्छा नहीं बन सकते', नेगेटिव पीआर पर भड़कीं सोनल चौहानसोनल चौहान नेगेटिव पीआर करने वालों को दिया जवाब. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @sonalchauhan)

मुंबई. बॉलीवुड में पेड नेगेटिव पीआर और सोशल मीडिया ट्रोलिंग अब एक बड़ी समस्या बन चुकी है. कई एक्टर्स इस तरह की जानबूझकर फैलाई जा रही नकारात्मकता से परेशान हैं. इसी बीच एक्ट्रेस सोनल चौहान ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की और कहा कि किसी को नीचा दिखाकर कोई खुद ऊपर नहीं उठ सकता. सोनल का मानना है कि बॉलीवुड में कॉम्पिटिशन तो होनी चाहिए, लेकिन वह सकारात्मक और रचनात्मक हो. ट्रोलिंग और पेड नेगेटिविटी से न सिर्फ एक्टर्स की मानसिक शांति प्रभावित होती है, बल्कि उनके काम और मेहनत पर भी बुरा असर पड़ता है.

सोनल चौहान ने इंस्टाग्राम पर किए पोस्ट के जरिए अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, “एक्टर्स के खिलाफ चल रही ये पेड पीआर अब बंद होनी चाहिए. इतनी नेगेटिविटी की कोई जरुरत नहीं है. किसी को बुरा दिखाकर कोई अच्छा नहीं बन सकता. हम एक-दूसरे के लिए खुश क्यों नहीं हो सकते? सब बहुत मेहनत करते हैं, अगर हम सपोर्ट करें, तो इंडस्ट्री का माहौल बहुत बेहतर हो सकता है. हमें बस थोड़ा सकारात्मक रहना है.”

Sonal post
सोनल चौहान का इस्टा पोस्ट.

सोनल से पहले कई एक्टर्स पेड नेगेटिव पीआर के खिलाफ आवाज उठाते दिखे. तारा सुतारिया ने हाल ही में बताया कि उनके खिलाफ पेड नेगेटिव पीआर चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि झूठी अफवाहें और ट्रोलिंग से उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है. वे चाहती हैं कि लोग उनके काम पर फोकस करें, न कि बनाई हुई कहानियों पर.

यामी गौतन में नेगेटिव कैंपेन को इंडस्ट्री के लिए खतरनाक बताया

यामी गौतम ने भी पेड हाइप और नेगेटिव कैंपेन को इंडस्ट्री के लिए खतरनाक बताया. उन्होंने कहा कि यह एक तरह की वसूली है, जो धीरे-धीरे दीमक की तरह पूरी इंडस्ट्री को खा जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने इंडस्ट्री से इस कल्चर को खत्म करने की अपील की.’

ऋतिक रोशन ने पेड पीआर किया था ये कमेंट

ऋतिक रोशन ने पेड पीआर पर गहरा बयान दिया. उन्होंने बताया कि सबसे कीमती चीज जो खो जाती है, वह है पत्रकारों की सच्ची आवाज. पैसे के दबाव में उनकी कलम बंध जाती है, सच बोलने की आजादी छिन जाती है. सच्ची राय ही असली फीडबैक है, जो हमें बेहतर बनाती है. लेकिन, पेड पीआर के चक्कर में वह चीज खत्म हो जाती है.

About the Author

authorimg

Ramesh Kumar

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें

homeentertainment

‘किसी को बुरा दिखाकर अच्छा नहीं बन सकते’, नेगेटिव पीआर पर भड़कीं सोनल चौहान



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks