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Ramadan 2026 Date: इस्लाम में रमजान का महीना अत्यंत पाक और महत्वपूर्ण माना जाता है. यह महीना न केवल रोजा रखने का समय है, बल्कि आत्मसंयम, इबादत, दया और सामाजिक समानता का संदेश भी देता है. दुनियाभर के मुसलमान रमजान के दौरान अल्लाह की इबादत में विशेष रूप से समय बिताते हैं और अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं. आइए जानते हैं फरवरी में किस दिन रखा जाएगा पहला रोजा…

Ramadan 2026 Date: मुस्लिम और गैर-मुस्लिम दोनों ही रमजान को इस्लामी कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण और पाक समय मानते हैं. यह पाक माह रोजा रखने, आत्मचिंतन करने और अल्लाह की इबादत का समय होता है. माह-ए-रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है और इस दिन से मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं. रमजान रखने का मुख्य उद्देश्य अल्लाह के बताए रास्ते पर चलना और अपने नफ्स (इच्छाओं) पर काबू पाना है. रोजा केवल भूखा रहने का नाम नहीं है बल्कि बुरी बातों, गलत कार्यों और नकारात्मक सोच से दूर रहने का संकल्प भी है. साल 2026 में रोजा फरवरी माह में शुरू होने जा रहे हैं, जिससे रोजेदारों को रोजा रखने और इबादत में काफी सहूलियत रहने वाली है. आइए जानते हैं 19 या 20 फरवरी कब रखा जाएगा रमजान का पहला रोजा…
फरवरी में इस दिन से माह-ए-रमजान की शुरुआत
मुस्लिम एड वेबसाइट संस्था के अनुसार, फरवरी में पाक-ए-रमजान की शुरुआत 19 फरवरी के आसपास होने की संभावना है (कुछ दिनों का अंतर हो सकता है), जो मक्का या संबंधित देशों में चांद दिखने के बाद तय होगी. रमजान 2026 का महीना 29 या 30 दिनों तक चलेगा और इसका समापन 20 मार्च के आसपास होगा. ईद-उल-फितर का त्योहार भी 20 मार्च के आसपास शुरू हो सकता है, जिसमें कुछ दिन आगे-पीछे हो सकते हैं.
रमजान 2026 की मुख्य तारीखें एक नजर में
- रमजान 2026 कब शुरू होगा?
19 फरवरी या 20 फरवरी - रमजान 2026 कितने दिन का होगा?
29 या 30 दिन, चांद दिखने पर निर्भर करेगा. - रमजान 2026 कब खत्म होगा?
लगभग 20 मार्च - लैलात अल-कद्र 2026 कब है?
लैलात अल-कद्र रमजान के आखिरी 10 विषम रातों में से एक है और कुछ हदीसों के अनुसार 27वीं रात को मानी जाती है. 27वां रमजान 17 मार्च को पड़ सकता है. - ईद-उल-फितर 2026 कब शुरू होगी?
ईद-उल-फितर 2026, 20 या 21 मार्च के आसपास हो सकती है, जो चांद दिखने पर निर्भर करेगा.
कब मनाते हैं ईद-उल-फितर?
मुस्लिम एड वेबसाइट संस्था के अनुसार, 18 फरवरी की शाम को रमजान 1447 हिजरी का चांद देखने के बाद से ही माह-ए-रमजान की शुरुआत हो जाएगी और एक दूसरे को चांद देखने की बधाई भी देंगे. ईद-उल-फितर, जिसका अर्थ है रोजा खोलने का त्योहार, रमजान के महीने के बाद मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण उत्सव है. रमजान में 30 दिन के रोजे के सफल हो जाने के बाद शव्वाल महीने के पहले दिन ईद-उल-फितर मनाया जाता है. यह अल्लाह के प्रति आभार, त्याग, और भाईचारे का त्योहार है. ईद-उल-फितर तब तक शुरू नहीं होती जब तक चांद नहीं दिख जाता, जो 20 मार्च से पहले या उसी दिन हो सकता है. यह खुशी का समय होता है, जिसमें लोग मुस्कान बांटते हैं, बच्चों को तोहफे देते हैं और अपनों के साथ समय बिताते हैं.
जकात-उल-फितर
रमजान के अंत और ईद-उल-फितर की विशेष नमाज से पहले, सभी मुसलमानों के लिए जकात-उल-फितर देना अनिवार्य है, जो आमतौर पर किसी मुख्य खाद्य सामग्री के रूप में दी जाती है. जकात-उल-फितर का उद्देश्य गरीब व जरूरतमंदों को ईद-उल-फितर की खुशियों में शामिल करना है. जकात-उल-फितर रमजान के अंत में दी जाती है, लेकिन आप इसे कुछ दिन पहले भी दे सकते हैं ताकि सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सके. कुछ लोग अपनी जकात या जकात-उल-फितर लैलात अल-कद्र को देना पसंद करते हैं, जो रमजान की आखिरी 10 विषम रातों में से एक है. इस रात में किए गए नेक कामों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है.
रमजान का दिन कैसे तय होता है?
रमजान की शुरुआत इस्लामी चंद्र कैलेंडर के अनुसार होती है. यह महीना चांद दिखने पर शुरू होता है. शाबान महीने के अंत में जैसे ही नया चांद दिखाई देता है, अगले दिन से रमजान की शुरुआत मानी जाती है. अंगर चांद दिखाई नहीं देता तो शाबान के 30 दिन पूरे किए जाते हैं और उसके बाद रमजान शुरू होता है. इसी कारण हर साल रमजान की तारीख ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार लगभग 10–11 दिन आगे खिसक जाती है. अलग-अलग देशों में चांद दिखने के समय में अंतर होने के कारण रमजान की शुरुआत की तारीख भी भिन्न हो सकती है.
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पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें
