July 30, 2026
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विक्रांत मैसी ने खुलासा किया कि उन्होंने और उनकी पत्नी शीतल ठाकुर ने बेटे के बर्थ सर्टिफिकेट में धर्म वाला कॉलम क्यों खाली छोड़ा. इसके साथ ही उन्होंने करवा चौथ पर पत्नी के पैर छून के भी वजह बताई है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार धर्म का कॉलम छोड़ने का अधिकार देती है. इसलिए वह धर्म का कॉल खाली छोड़ते हैं. वह एक मल्टी कल्चर वाली फैमिली से आते हैं, तो बच्चा बड़ा होकर खुद ही तय करेगा.

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विक्रांत मैसी ने क्यों खाली छोड़ा वरदान के बर्थ सर्टिफिकेट में धर्म का कॉलम?Zoom

विक्रांत मैसी अपनी पत्नी और बेटे के साथ पोज देते हुए. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @vikrantmassey)

मुंबई. विक्रांत मैसी अपनी शानदार अदाकारी और सादगी के लिए जाने जाते हैं. लेकिन इन दिनों उनकी पेरेंटिंग और निजी पहचान को लेकर लिया गया फैसला चर्चा में है. विक्रांत ने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी शीतल ठाकुर ने बेटे वरदान के कानूनी दस्तावेजों में धर्म वाला कॉलम जानबूझकर खाली छोड़ा. वरदान का जन्म 7 फरवरी 2024 को हुआ था और शुरुआत से ही कपल ने तय कर लिया था कि वे उसके जन्म प्रमाण पत्र में धर्म वाला कॉलम खाली छोड़ेंगे.

टाइम्स नाउ के मुताबिक विक्रांत मैसी ने इस फैसले के पीछे की वजह बताई कि वे बस वही अधिकार इस्तेमाल कर रहे हैं जो सरकार ने उन्हें दिए हैं. उन्होंने कहा, “देखिए, भारत सरकार मुझे ये विकल्प देती है. आज मुझे ये अधिकार है कि मैं धर्म वाला कॉलम भरूं या न भरूं. ये मेरी मर्जी है और मेरा अधिकार है.”

विक्रांत ने आगे बताया कि भारतीय सिस्टम अब लोगों की आजादी का सम्मान करता है, जैसे अब सिंगल महिलाओं को पासपोर्ट में पति का नाम लिखना जरूरी नहीं है. उनके लिए ये फैसला उनके अपने बहुसांस्कृतिक परिवार में पले-बढ़े होने से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि वे एक “मल्टीकल्चरल फैमिली” से आते हैं और धार्मिक तनाव की खराब साइड देख चुके हैं, इसी वजह से वे अपने बेटे को सुरक्षित रखना चाहते हैं.

बच्चे को खुद रास्ता बनाना हैः विक्रांत मैसी

विक्रांत मैसी ने कहा, “मेरे देश की माननीय सरकार मुझे ये विकल्प देती है कि मैं वो जगह खाली छोड़ सकता हूं और मैंने वही किया.” विक्रांत ने ये भी कहा कि उनके बच्चों को बड़ा होकर अपना रास्ता खुद चुनने का हक होना चाहिए. बातचीत के दौरान उस वायरल पल का भी जिक्र हुआ जब विक्रांत करवा चौथ पर पत्नी शीतल के पैर छूते नजर आए थे. विक्रांत ने इसे कोई बड़ी कुर्बानी मानने से इनकार किया और कहा कि ये बस सम्मान जताने का एक तरीका है और सार्वजनिक रूप से पैर छूने की परंपरा उन्हें असहज करती है.

पत्नी को सम्मान देते हैं विक्रांत मैसी

विक्रांत ने माना कि जब अजनबी उनके पैर छूते हैं तो उन्हें अजीब लगता है और वे तुरंत वही इशारा वापस कर देते हैं. पत्नी के मामले में उन्होंने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लिया. उन्होंने कहा, “असल में ये सम्मान का इशारा है. और ये सामने वाले को वापस देने जैसा है. ये सिर्फ करवा चौथ की बात नहीं है. मैंने शीतल के पैर कई बार छुए हैं. पैर छू-छू के ही लक्ष्मी घर आई है.”

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Ramesh Kumar

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें

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