March 15, 2026
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अगर आपको सोच से परे सिनेमा और बेहतरीन कहानियों को जानने का जुनून है, तो आपको इन 4 फिल्मों को पहली फुरसत में ही देख डालना चाहिए. इरफान खान, राजकुमार राव जैसे मंझे हुए कलाकारों ने इनमें अपने अभिनय से इंसानी फितरत की गुत्थियों को पर्दे पर बखूबी बयां किया है. नेटफ्लिक्स पर मौजूद ‘लंच बॉक्स’ को जहां 7.8 रेटिंग मिली है, वहीं ‘होटल सेल्वेशन’ को 7.2 रेटिंग. ये 4 फिल्में और उनके किरदार आपको जिंदगी के बारे में सोचने पर मजबूर कर देंगे.

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सोच के परे वो 4 अंडररेटेड मूवीज, इंसानी फितरत की गुत्थियों से करातीं साबकाZoom

सभी फिल्में ओटीटी पर मौजूद हैं.

नई दिल्ली: अगर आप समाज की कड़वी सच्चाई और लोगों के गहरे जज्बातों से साबका करना चाहते हैं, तो आपको हमारी बताई ये 4 फिल्में बहुत पसंद आएंगी. बॉलीवुड की मसाला फिल्मों से इतर फिल्मों के किरदार आपको अपने आस-पास होने का एहसास कराते हैं. इस कड़ी में ‘शाहिद’ और ‘अलीगढ़’ बेजोड़ फिल्में हैं. अमेजन प्राइम पर मौजूद ‘शाहिद’ को 8.2 रेटिंग मिली है, वहीं ‘अलीगढ़’ को 7.8 रेटिंग. सोनी लिव पर मौजूद ‘अलीगढ़’ में मनोज बाजपेयी ने एक ऐसे प्रोफेसर का किरदार निभाया है, जिसकी निजी जिंदगी पर समाज के ठेकेदार सवाल उठाते हैं. यह फिल्म गरिमा और सम्मान के साथ जीने के हक की बात बड़ी बेबाकी से करती है. इन दो फिल्मों के अलावा 2 और फिल्में हैं जो बॉलीवुड के उस सिनेमा का हिस्सा हैं, जिन्हें मिस करना घाटे का सौदा है.

लंच बॉक्स: साल 2013 में आई फिल्म को आईएमडीबी ने 7.8 रेटिंग दी है. इसे आप नेटफ्लिक्स में देख सकते हैं. फिल्म में इरफान खान, निमरत कौर की प्यारी सी स्टोरी है, जो गलत पते पर लंच डिलीवर होने की वजह से पनपती है. दो अजनबियों के बीच आगे चलकर एक खूबसूरत रिश्ता गहरे प्यार और सम्मान में बदल जाता है. अगर आपने यह फिल्म नहीं देखी, तो पहली फुरसत में इसे जरूर देख लें.

होटल सेल्वेशन: साल 2016 में आई फिल्म को आईएमडीबी ने 7.2 रेटिंग दी है. इसे भी आप नेटफ्लिक्स में देख सकते हैं. फिल्म के जरिये एक पिता और पुत्र की कहानी दिखाई गई है, जो मुक्ति के खातिर वाराणसी जाते हैं. वहां पिता अपने बेटे को जीवन-मृत्यु के सच से सामना करवाने की ठानते हैं.

शाहिद: राजकुमार राव स्टारर फिल्म को आईएमडीबी ने 8.2 रेटिंग दी है, जो साल 2012 में रिलीज हुई थी. आप इसे अमेजन प्राइम वीडियो में देख सकते हैं. फिल्म की कहानी शाहिद नाम के एक वकील की जिंदगी के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो न्याय के लिए लड़ता है. उसे काफी विरोध का सामना करना पड़ता है.

अलीगढ़: फिल्म के जरिये एक प्रोफेसर की निजी जिंदगी को पर्दे पर दिखाया गया है, जिसके रवैये से समाज के ठेकेदारों को आपत्ति है. फिल्म सम्मान, गरिमा के साथ समाज में रहने के हक की बात करती है. प्रोफेसर का जटिल किरदार मनोज बाजपेयी ने निभाया है. आप इसे सोनी लिव पर देख सकते हैं. फिल्म को आईएमडीबी ने 7.8 रेटिंग दी है.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें



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