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रेखा और ऋषि कपूर स्टारर फिल्म ‘दीदार-ए-यार’ से जितेंद्र को भारी नुकसान हुआ था. हालांकि, उन्होंने नुकसान की भरपाई बाद में ‘हिम्मतवाला’ से कर ली, मगर फिल्म की जुड़ी कुछ यादें हमेशा दिल में घर कर गईं. जितेंद्र ने सालों बाद फिल्म के गाने ‘मेरे दिलदार का बांकपन’ का एक किस्सा सुनाया, जिसके चलते मोहम्मद रफी ने उन्हें डांट लगाई थी. रफी साहब की उस डांट में जितेंद्र के लिए फ्रिक और वह ईमानदारी झलकती है, जो आज के दौर में दुर्लभ है.

नई दिल्ली: जितेंद्र, रेखा और ऋषि कपूर की फिल्म ‘दीदार-ए-यार’ 1982 में आई थी, जिसे बनाने में 4-5 साल लगे थे. चूंकि जितेंद्र फिल्म के प्रोड्यूसर थे, इसलिए इसके हर एक पक्ष पर उनकी नजर थी. फिल्म बुरी तरह फ्लॉप रही. जितेंद्र को काफी नुकसान हुआ. फ्लॉप होने के बावजूद फिल्म के गाने हिट रहे, जिन्हें मोहम्मद रफी और किशोर कुमार जैसे दिग्गजों ने गाया था. जितेंद्र ने सालों बाद इसके गाने ‘मेरे दिलदार का बांकपन’ से जुड़ा किस्सा सुनाया, जिससे पता चलता है कि मोहम्मद रफी सिर्फ एक लीजेंड गायक ही नहीं थे, बड़े अच्छे और ईमानदार इंसान थे.

जितेंद्र और ऋषि कपूर पर फिल्माए गाने ‘मेरे दिलदार का बांकपन’ को किशोर कुमार और मोहम्मद रफी ने मिलकर गाया था. जितेंद्र ने सालों बाद एक इंटरव्यू में बताया, ‘फिल्म का पहला गाना रिकॉर्ड हुआ, जो रफी साहब ने गाया. मैं 70 के जमाने की बात कर रहा हूं. रफी साहब ने मुझसे 4 हजार लिए. पिक्चर बनते-बनते 4-5 साल लग गए. वह गाना किशोर कुमार-रफी साहब ने गाया है. उस गाने की रिकॉर्डिंग खत्म हुई, तो प्रोडक्शन वाला मुझसे पूछने आया कि रफी साहब को क्या देना है? मैंने कहा कि किशोर दादा ने जो लिया है, वह दो. रिकॉर्डिंस्ट बोला- 20 हजार रुपये लिए हैं. मैंने कहा कि उन्हें भी 20 हजार दो.’ (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

जितेंद्र ने आगे बताया, ‘रिकॉर्डिंग खत्म हुई, तो रफी साहब के ब्रदर-इन-लॉ मेरे घर आए, वे उनके सेक्रेटरी थे. उन्होंने मुझसे कहा कि रफी साहब बहुत नाराज हैं. मैंने फोन लगाया और कहा कि हां जी रफी साहब. रफी साहब पंजाबी में बात करते थे. वहां से बोले- जीते बहुत पैसे आ रहे हैं तेरे पास.’
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जितेंद्र ने इमोशनल होते हुए कहा, ‘रफी साहब ने 4 हजार रुपये रखे और 16 हजार रुपये वापस भेज दिए. आज के जमाने में ऐसा नेक बंदा, ऐसा नेक इंसान कहां. उनकी जितनी भी तारीफ करूं, कम है.’

फिल्म ‘दीदार-ए-यार’ जितेंद्र के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई थी, जिसमें उन्हें बहुत मोटा पैसा गंवाना पड़ा. लेकिन कहते हैं न कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती. कुछ ही महीनों बाद उन्हें ‘हिम्मतवाला’ मिली जिसने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया. इसके बाद, जितेंद्र ने कई सालों तक साउथ सिनेमा की फिल्मों में जमकर काम किया, जिससे न केवल उनका पिछला नुकसान पूरा हुआ, बल्कि उन्होंने पहले से कहीं ज्यादा कमाई भी की.

कहते हैं कि फिल्म के फ्लॉप होने के बाद जितेंद्र का गुस्सा सातवें आसमान पर था और उन्होंने सरेआम डायरेक्टर एचएस रवैल को फिल्म की बर्बादी का जिम्मेदार ठहराया. जितेंद्र फिल्म की कास्टिंग को गलत बताया. आईएमडीबी की रिपोर्ट के अनुसार, एक मुस्लिम सोशल ड्रामा फिल्म में जहां दो हीरो एक लड़की के लिए लड़ रहे हों, वहां मॉडर्न लुक वाली एक्ट्रेस को लेना लोगों के गले नहीं उतरा.

आपको जानकर हैरानी होगी कि जितेंद्र की फिल्म ‘दीदार-ए-यार’ के असल में दो वर्जन मौजूद हैं. पहला तो वही था जिसे ओरिजिनल डायरेक्टर एचएस रवैल ने बनाया था. लेकिन जब फिल्म में कमियां नजर आईं, तो डायरेक्टर श्याम रल्हन ने फिल्म के कई हिस्सों को दोबारा शूट किया, जिसे फिल्म का ‘रिवाइज्ड वर्जन’ कहा जाता है. हालांकि, इतनी कोशिशों के बाद भी फिल्म दर्शकों का दिल नहीं जीत पाई.

जितेंद्र की फिल्म में रीना रॉय भी एक कव्वाली गाने में नजर आई थीं. दरअसल, जितेंद्र और रीना रॉय बहुत अच्छे दोस्त थे और उन्होंने साथ में कई हिट फिल्में की थीं, इसलिए जितेंद्र के एक बार कहने पर रीना रॉय इस गाने के लिए तुरंत मान गईं. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)
