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बॉलीवुड के एक मशहूर सुपरस्टार ने 44 की उम्र में सिल्वर स्क्रीन पर कॉलेज स्टूडेंट का रोल निभाकर सबको हैरान कर दिया. इस चुनौती के लिए उन्होंने अपना 8 किलो वजन घटाया और कड़ी मेहनत से बनाई मसल्स भी कम कीं. शिक्षा व्यवस्था पर गहरी चोट करती इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि इसे 64 अवॉर्ड से भी नवाजा गया. यह कहानी आज भी हर छात्र के लिए प्रेरणा है.

नई दिल्ली. बॉलीवुड सुपरस्टार ने 44 साल की उम्र में बड़ा रिस्क लिया. 20 साल के कॉलेज स्टूडेंट का किरदार निभाने की चुनौती स्वीकार की और फिर सिल्वर स्क्रीन पर कमाल कर दिया. इस भूमिका के लिए उन्होंने अपना 8 किलो वजन घटाया और अपनी चाल-ढाल को पूरी तरह बदल दिया. परिणाम यह हुआ कि फिल्म न केवल ब्लॉकबस्टर रही, बल्कि इसे 64 अवॉर्ड्स मिले. हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं उसका नाम है ‘3 इडियट्स’.

साल 2009 में रिलीज हुई इस मूवी में आमिर खान लीड रोल में नजर आए थे. उनके अलावा आर माधवन, शरमन जोशी और करीना कपूर भी फिल्म का हिस्सा थे. बोमन ईरानी और मोना सिंह ने भी ‘3 इडियट्स’ में रोल रोल निभाए थे. इसकी कहानी ने दर्शकों के दिलों को जीत लिया था.

फिल्म की कहानी इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है. कहानी वर्तमान और अतीत के बीच चलती है, जहां दो दोस्त अपने उस तीसरे दोस्त की तलाश कर रहे हैं जिसने कॉलेज के दिनों में उनके जीने का नजरिया बदल दिया था. यह फिल्म रटंत विद्या और शिक्षा के नाम पर चल रहे प्रेशर कुकर जैसे माहौल पर करारा प्रहार करती है.
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लीड किरदार रणछोड़दास उर्फ रैंचो (आमिर खान) एक ऐसा स्टूडेंट है, जो मशीन की परिभाषा किताबों से नहीं, बल्कि अपनी समझ से देता है. वह सिखाता है कि अगर आप काबिल बनेंगे, तो कामयाबी खुद झक मारकर आपके पीछे आएगी. कॉलेज के कड़क प्रिंसिपल और छात्रों के बीच की यह जंग कॉमेडी और इमोशन का एक बेहतरीन मिश्रण है.

आईएमडीबी के मुताबिक, फिल्म में आमिर खान भले ही एक कॉलेज स्टूडेंट के तौर पर नजर आते हैं, लेकिन असलियत यह है कि फिल्म की शूटिंग के वक्त आमिर खान 44 साल के थे. दिलचस्प बात तो यह है कि असल जिंदगी में आमिर खान, कॉलेज डायरेक्टर वायरस का किरदार निभाने वाले बोमन ईरानी से उम्र में सिर्फ 6 साल छोटे हैं.

इस रोल के लिए आमिर खान को अपना काफी वजन घटाना पड़ा था. उन्होंने लगभग 8 किलो वजन कम किया और अपनी उन मसल्स को भी पूरी तरह खत्म किया, जो उन्होंने अपनी पिछली फिल्म गजनी के लिए कड़ी मेहनत से बनाई थीं. एक कॉलेज स्टूडेंट की तरह दिखने के लिए उन्होंने अपने शरीर को पूरी तरह से बदला, ताकि पर्दे पर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाए.

इस फिल्म ने रिलीज होते ही इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया था. यह पहली भारतीय फिल्म थी जिसने भारत में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया था. फिल्म ने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भी तहलका मचा दिया.

आमिर खान, आर माधवन और शरमन जोशी की इस फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 400 करोड़ रुपये रहा. दिलचस्प बात है कि कई सालों तक यह सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी रही. फिल्म की सक्सेस का सबसे बड़ा सबूत इसके अवॉर्ड्स हैं. राजकुमार हिरानी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने अलग-अलग कैटेगरी में टोटल 64 अवॉर्ड अपने नाम किए थे. इसकी आईएमडीबी रेटिंग 8.4 है.
