May 29, 2026
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ओपन मैरिज और तलाक के दौर में, शादी टूटने नहीं देगी आचार्य चाणक्य की ये सलाह

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Chanakya Niti For Successful Marriage: ओपन मैरिज और बदलती सोच के इस दौर में कई रिश्तों पर तीसरे की एंट्री का खतरा मंडराने लगा है. ऐसे समय में प्राचीन नीति-शास्त्री चाणक्य की सलाह आधुनिक दंपतियों के लिए भी रास्ता दिखा सकती है. चाणक्य के रिश्तों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अगर पति-पत्नी कुछ बुनियादी बातों का पालन करें तो न सिर्फ शादी टूटने से बच सकती है, बल्कि किसी तीसरे को बीच में आने का मौका भी नहीं मिलेगा.

Chanakya Niti For Successful Marriage: आज के दौर में पति-पत्नी का रिश्ता बेहद नाजुक हो जाता है. छोटी-छोटी बातें भी बड़े विवाद का कारण बन सकती हैं और आज के समय में कई शादियां कुछ ही सालों में तलाक की कगार पर पहुंच जाती हैं. वैवाहिक जीवन बना रहे इसके लिए लोग ओपन मैरिज तक का सहारा ले रहे हैं. इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य की सीख को अपनाया जा सकता है, जिन्होंने सुखी वैवाहिक जीवन के लिए कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं. उनकी सलाह मानकर पति-पत्नी अपने रिश्ते को मजबूत बना सकते हैं और छोटी-मोटी परेशानियों को आसानी से दूर कर सकते हैं. चाणक्य नीति के माध्यम से जानते हैं पति-पत्नी कैसे बनाएं मजबूत रिश्ता?

आचार्य चाणक्य की नीति के अनुसार, हर रिश्ता सम्मान की नींव पर टिका रहता है. अगर दोनों एक-दूसरे का सम्मान नहीं करते तो उनका रिश्ता कांच की तरह टूट सकता है. जरूरी है कि पति-पत्नी एक-दूसरे को पर्सनल और सार्वजनिक दोनों जगह सम्मान दें. जैसा सम्मान आप चाहते हैं, वैसा ही सामने वाले को भी दें.

चाणक्य नीति के मुताबिक, अहंकार कई लोगों को बर्बाद कर देता है. अहंकार की वजह से कई मजबूत रिश्ते हवा के झोंके की तरह उड़ जाते हैं. ऐसा में हमेशा जमीन से जुड़े रहना जरूरी है. अगर आप अपने पार्टनर पर अहंकार के जरिए हावी होने की कोशिश करेंगे, तो रिश्ता ज्यादा दिन नहीं टिकेगा. इसलिए बातचीत में विनम्रता रखें और रिश्ते को टिकाऊ बनाएं.

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चाणक्य नीति में आगे कहते हैं कि शादीशुदा जीवन में कई बार धैर्य की परीक्षा होती है और गुस्सा भी आ सकता है. ऐसे समय में अपने गुस्से पर काबू रखना बेहद जरूरी है. गुस्से में किए गए काम बाद में पछतावे का कारण बन सकते हैं और माफी भी कई बार जख्म नहीं भर पाती. आपका गुस्सा कई बड़े नुकसान का कारण बन सकते हैं इसलिए हमेशा शांत रहकर ही बात करें.

चाणक्य नीति में कहते हैं कि हर शादी में कुछ बातें निजी होती हैं, जिन्हें बाहर नहीं बताना चाहिए. अपने पार्टनर की पर्सनल बातें दूसरों से साझा करने से विवाद हो सकते हैं और विश्वास कमजोर पड़ सकता है. अगर विश्वास टूट गया, तो खुलकर बातचीत भी कम हो जाएगी. कई बार पति-पत्नी एक दूसरे की बातों को अपने घरवालों को फोन के जरिए बता देते हैं और बात वहीं से खराब होना शुरू हो जाती है.

चाणक्य नीति में अंत में कहते हैं कि प्यार सुखी शादी का सबसे जरूरी हिस्सा है. रोजमर्रा की भागदौड़ में इतना व्यस्त ना हो जाएं कि एक-दूसरे के साथ समय बिताना भूल जाएं. जब भी मौका मिले, साथ बैठें. मीठी बातें करें और अपने रिलेशन को मजबूत करें, चाहे वह सोने से पहले ही क्यों ना हो. छोटी-छोटी चीजों पर बात करें और एक दूसरे को समझें भी.

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