विपछा सही नहीं है बहुत दुख है विपछा……. जमीन मे नहीं है हेलीकाप्तार है सब से गलत तो संसद का समय खराब करते पैसा भी कौन यकीन करे इन पे इनको पता ही नहीं जनता क्या चाहती
Ashutosh ko Nitish k liye wrong prediction k liye moral responsibility lete huye 6 mahine tak kisi bhi news channel pe nhi aana chahiye… . Ya phir prediction karna chhod dena hahiye… Saare media pandit ka yahi haal… Aksar galat hypothesis dete hai national news channel me aake
नोट:- बिहार के कुल वोटर 7 करोड़ 42 लाख, चुनाव आयोग के अनुसार वोट पड़े 70% मतलब लगभग 5 करोड़ पड़ने थे लेकिन पड़े 7 करोड़ 45 लाख मतलब 2 करोड़ से ऊपर एक्स्ट्रा वोट पड़े,अब मैं बताता हु क्यु पड़े,rjd की सीटें आईं 143 मे से 25, बीजेपी की आईं 101 मे से 95,jdu की भी 100 मे से 95, मान लीजिये rjd की 143 मे से 100 सीटें भी आई होतीं और बीजेपी और jdu की 120/ सीटें, तो ये आंकडा 210 तक पहुंचाने के लिए कितनी सीटें चाहिए थी? लगभग 80, अब जो 80 सीटें बढानी पड़ी हैं इसी वजह से 2 करोड़ एक्स्ट्रा वोट दर्ज करने पड़े, आप सोचिये किस स्तर की गड़बड़ी हुई और कितनी सीटों पर हुई ब्राज़ीली मॉडल थेनोस् हाउस 0 स्पेशल ट्रेन इसीलिए हैं इसीलिए 12 बजे के बाद rjd की सीटें कम होती गयी और nda की बड़ती चली गयी,और जब काउंटिंग के रुझान लगभग 12 बजे rjd की सीटें 60 दिखा रहे थे इसका मतलब लगभग 9 से 11 बजे वोटिंग के समय दोनो दिन जब evm से किसे कितनी सीटें मिल रही हैं चेक किया गया था तो rjd की सीटें 60 से कहीं ऊपर थी और बीजेपी rjd की 95 से कहीं नीचे जा रही थी, गर्दा उड़ने वाला है
बिहार मोडल TMC कर रही हर घर नेता कार्यकर्ता SiR में लोगो की हेल्प करने पहुंच रहे । बिजेपी कांग्रेस सीपीएम नेता कंहां है । अगर TMC जीत जाए तो चोरी का नाम गलत है।
When every votes counts and opposition continuously keeps abusing general caste on looking at sunname example Rahul keeps on asking jati jati jati than how general caste will vote for them
आज भारत की राजनीति का सबसे सच्चा और तीखा सत्य यही है कि बीजेपी की जीत उसकी उत्कृष्टता की वजह से नहीं, बल्कि विपक्ष की गहरी विफलता, उसकी दिशाहीनता और बहुसंख्यक तथा सनातन समाज के प्रति वर्षों की खुली उपेक्षा के कारण हो रही है। विपक्ष हर चुनाव के बाद ईवीएम, चुनाव आयोग या अधिकारियों पर आरोप लगाकर खुद की अक्षमता ढकने की कोशिश करता है, लेकिन जनता की असली ज़रूरतों पर एक भी ठोस नीति सामने नहीं रखता। देश को ऐसे कानून चाहिए जो भ्रष्टाचार पर चोट करें, न्यायपालिका को तेज़ और पारदर्शी बनाएं, ट्रांसफर उद्योग का अंत करें, करोड़ों लंबित मामलों—खासकर किरायेदारी विवाद—का थाने-स्तर पर समाधान करें; लेकिन विपक्ष इन मुद्दों पर पूरी तरह मौन है। न जनसंख्या नियंत्रण पर उसकी कोई नीति है, न बैंकों द्वारा लगाए जा रहे अस्पष्ट चार्जेज़ पर कोई आवाज़; न मोबाइल कंपनियों की मनमानी बिलिंग पर कोई ठोस रुख, न आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा पर कोई गंभीर पहल। विपक्ष तुष्टिकरण और जातिगत जोड़तोड़ में उलझकर देश की सबसे बड़ी आबादी को लगातार नज़रअंदाज़ कर रहा है, और इसका लाभ बिना कोशिश के बीजेपी को मिल रहा है। जनता बीजेपी को इसलिए वोट नहीं दे रही कि बीजेपी ने अद्भुत काम कर दिया है—बल्कि इसलिए कि विपक्ष इतना कमजोर, अविश्वसनीय और बिखरा हुआ है कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव नेताओं में भी जनता को विकल्प नहीं दिखता। वहीं अरविंद केजरीवाल की वोट-बैंक आधारित राजनीति ने जनता के मन में यह भय और गहरा कर दिया है कि विपक्ष कभी सत्ता में आया तो देश फिर तुष्टिकरण, सौदेबाज़ी और अव्यवस्था के अंधेरे में धकेल दिया जाएगा। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बिहार में प्रशांत किशोर जैसे लोगों तक को एक सीट नहीं मिली। विपक्ष को समझना होगा कि जनता खोखले नारों से नहीं, बल्कि प्रतिदिन दस मजबूत जनहित मुद्दों पर सरकार को सीधी चुनौती देने से प्रभावित होती है। लोकतंत्र तब ही मजबूत होगा जब विपक्ष जिम्मेदार, सक्रिय और ईमानदार होगा—वरना यह कमज़ोर राजनीति ही बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत बनी रहेगी।
Congress spokesperson be like – ashutosh hai toh meri kya zaroorat hai 😂😂😂.
Bihar ki Janata ko EVM per Bharosa nahin Hai . Loktantra ki hatya ho rahi hai . EVM hatao Desh bachao
Petition File Kar Prove it You have 45 days 😊😊😊
हार का कारण कुछ भी
विपछा सही नहीं है बहुत दुख है विपछा……. जमीन मे नहीं है हेलीकाप्तार है सब से गलत तो संसद का समय खराब करते पैसा भी कौन यकीन करे इन पे इनको पता ही नहीं जनता क्या चाहती
काळुराम ने आज सही कहा एक तो आप वोट चोरी हुई हैं तो बहिष्कार करो नहीं हुई तो चुनाव लडते भी हैं 😂😂🤣
Ghamand media BJP ki prabakta hai aajtak sabse jyada
Vote chori hua hai, election commission pura support Kiya,10000 election time kyu band nahi hua.
Tum chahiye vipaksh ke netaon tumhein rote dekh achcha lag raha hai
Why do you call this Ashutosh, he is not expert in any field. He is an illiterate person and just wasting the time of viewers.
कलुआ और ये अग्निहोत्री चुनाव के पहले तो कुछ और बोल रहे थे, इसका मतलब ये महागठबंधन के लिये जूठी हवा बनाने का काम कर रहे थे, चोर बेईमान हैँ
Ashutosh ko Nitish k liye wrong prediction k liye moral responsibility lete huye 6 mahine tak kisi bhi news channel pe nhi aana chahiye… . Ya phir prediction karna chhod dena hahiye… Saare media pandit ka yahi haal… Aksar galat hypothesis dete hai national news channel me aake
बिलकुल सही कहा है आशुतोष सर ने अगर वोट चोरी हुआ है तो चुनावो पर बहिष्कार डालना चाहीए विपक्ष को
Dalal
आशुतोष अब चमचा हो गया.
है
Court mein case karona? Kyun nahin kar rahe ho???
बिना पायजामा वाले बोल रहे हैं
Ise paise bi ni milte dlali ke😂
नोट:- बिहार के कुल वोटर 7 करोड़ 42 लाख, चुनाव आयोग के अनुसार वोट पड़े 70% मतलब लगभग 5 करोड़ पड़ने थे लेकिन पड़े 7 करोड़ 45 लाख मतलब 2 करोड़ से ऊपर एक्स्ट्रा वोट पड़े,अब मैं बताता हु क्यु पड़े,rjd की सीटें आईं 143 मे से 25, बीजेपी की आईं 101 मे से 95,jdu की भी 100 मे से 95, मान लीजिये rjd की 143 मे से 100 सीटें भी आई होतीं और बीजेपी और jdu की 120/ सीटें, तो ये आंकडा 210 तक पहुंचाने के लिए कितनी सीटें चाहिए थी? लगभग 80, अब जो 80 सीटें बढानी पड़ी हैं इसी वजह से 2 करोड़ एक्स्ट्रा वोट दर्ज करने पड़े, आप सोचिये किस स्तर की गड़बड़ी हुई और कितनी सीटों पर हुई ब्राज़ीली मॉडल थेनोस् हाउस 0 स्पेशल ट्रेन इसीलिए हैं इसीलिए 12 बजे के बाद rjd की सीटें कम होती गयी और nda की बड़ती चली गयी,और जब काउंटिंग के रुझान लगभग 12 बजे rjd की सीटें 60 दिखा रहे थे इसका मतलब लगभग 9 से 11 बजे वोटिंग के समय दोनो दिन जब evm से किसे कितनी सीटें मिल रही हैं चेक किया गया था तो rjd की सीटें 60 से कहीं ऊपर थी और बीजेपी rjd की 95 से कहीं नीचे जा रही थी, गर्दा उड़ने वाला है
10000 rs main factor hai
Dalli h ya
Modi media
Ashutosh ka opinion galat hey. ASHUTOSH SPEECH IS NOT CORRECT HE SPEAKS ALWAYS against government .
Fir bole ki vote chori ho gaya
Rahul gandhi or tejasvi ko ek saath jameen par uttar dijiye
बिहार मोडल TMC कर रही हर घर नेता कार्यकर्ता SiR में लोगो की हेल्प करने पहुंच रहे । बिजेपी कांग्रेस सीपीएम नेता कंहां है । अगर TMC जीत जाए तो चोरी का नाम गलत है।
कालुतोष अग्निहोत्री जैसे लोग रंगदारी और गुंडागर्दी का विरोध नहीं करते !!
आज भी गुजरात के लोग कांग्रेस राज से डरते है !!
रंगदारी और गुंडागर्दी को बिहार के वोटर ने दफ़न कर दिया ! ये जोकर टीवी में बटके कुछ भी कहे !
Dalal Media
When every votes counts and opposition continuously keeps abusing general caste on looking at sunname example Rahul keeps on asking jati jati jati than how general caste will vote for them
Aasutosh ka gad Maro
Voter ballot were looted in lalus era
Bengan kaamv kaamv kaanv😂
❤❤❤❤❤
अब तो वोट देने से भी डर लगता हे अंजना जी,,कही मेरा अधिकार चोरी न हो जाए 😂
Aashutosh ji ish bakt bahut dukhi hain papu ne unki ashaon par bhi paani fer diya jay Shiri ram
Hoga kya ganta
आज भारत की राजनीति का सबसे सच्चा और तीखा सत्य यही है कि बीजेपी की जीत उसकी उत्कृष्टता की वजह से नहीं, बल्कि विपक्ष की गहरी विफलता, उसकी दिशाहीनता और बहुसंख्यक तथा सनातन समाज के प्रति वर्षों की खुली उपेक्षा के कारण हो रही है। विपक्ष हर चुनाव के बाद ईवीएम, चुनाव आयोग या अधिकारियों पर आरोप लगाकर खुद की अक्षमता ढकने की कोशिश करता है, लेकिन जनता की असली ज़रूरतों पर एक भी ठोस नीति सामने नहीं रखता। देश को ऐसे कानून चाहिए जो भ्रष्टाचार पर चोट करें, न्यायपालिका को तेज़ और पारदर्शी बनाएं, ट्रांसफर उद्योग का अंत करें, करोड़ों लंबित मामलों—खासकर किरायेदारी विवाद—का थाने-स्तर पर समाधान करें; लेकिन विपक्ष इन मुद्दों पर पूरी तरह मौन है। न जनसंख्या नियंत्रण पर उसकी कोई नीति है, न बैंकों द्वारा लगाए जा रहे अस्पष्ट चार्जेज़ पर कोई आवाज़; न मोबाइल कंपनियों की मनमानी बिलिंग पर कोई ठोस रुख, न आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा पर कोई गंभीर पहल। विपक्ष तुष्टिकरण और जातिगत जोड़तोड़ में उलझकर देश की सबसे बड़ी आबादी को लगातार नज़रअंदाज़ कर रहा है, और इसका लाभ बिना कोशिश के बीजेपी को मिल रहा है। जनता बीजेपी को इसलिए वोट नहीं दे रही कि बीजेपी ने अद्भुत काम कर दिया है—बल्कि इसलिए कि विपक्ष इतना कमजोर, अविश्वसनीय और बिखरा हुआ है कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव नेताओं में भी जनता को विकल्प नहीं दिखता। वहीं अरविंद केजरीवाल की वोट-बैंक आधारित राजनीति ने जनता के मन में यह भय और गहरा कर दिया है कि विपक्ष कभी सत्ता में आया तो देश फिर तुष्टिकरण, सौदेबाज़ी और अव्यवस्था के अंधेरे में धकेल दिया जाएगा। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बिहार में प्रशांत किशोर जैसे लोगों तक को एक सीट नहीं मिली। विपक्ष को समझना होगा कि जनता खोखले नारों से नहीं, बल्कि प्रतिदिन दस मजबूत जनहित मुद्दों पर सरकार को सीधी चुनौती देने से प्रभावित होती है। लोकतंत्र तब ही मजबूत होगा जब विपक्ष जिम्मेदार, सक्रिय और ईमानदार होगा—वरना यह कमज़ोर राजनीति ही बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत बनी रहेगी।