May 6, 2026
Saleem-Zaidi-Tillu-2026-05-9af58711bae619692d50676e8a0514dc-1200x630.jpg
Spread the love


Saleem Zaidi Tillu: रामपुर का एक लड़का, जिसके पास न कोई फिल्मी बैकग्राउंड था और न ही कोई गॉडफादर, आज अपनी मेहनत और अनोखे अंदाज के दम पर टीवी जगत का एक बड़ा नाम बन चुका है. हम बात कर रहे हैं सलीम जैदी की, जिन्हें दुनिया ‘भाभी जी घर पर हैं’ के ‘टिल्लू’ के रूप में जानती है. मुश्किलों भरे बचपन से लेकर मुंबई की चकाचौंध तक, सलीम का सफर न सिर्फ दिलचस्प है, बल्कि उन करोड़ों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर निकलते हैं.

सलीम जैदी का जन्म उत्तर प्रदेश के रामपुर में हुआ. उनका बचपन आसान नहीं था, बहुत छोटी उम्र में ही उनकी माता का साया उनके सिर से उठ गया. ऐसी स्थिति में उनके पिता, जो एक ईमानदार शिक्षक थे, और उनकी बहनों ने उन्हें मां की तरह पाल-पोसकर बड़ा किया. पिता ने अकेले ही बच्चों की परवरिश की और उनकी शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी. यही वह मजबूत बुनियादी संस्कार थे जिन्होंने सलीम को जीवन की चुनौतियों से लड़ना सिखाया.

दिल हमेशा एक्टिंग, गजल में धड़कता था
लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए सलीम जैदी उर्फ टिल्लू ने बताया कि उनकी शुरुआती शिक्षा रामपुर के जुल्फिकार इंटर कॉलेज और सुंदर लाल इंटर कॉलेज से हुई. इसके बाद उन्होंने रजा डिग्री कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी की. हालांकि वे पढ़ाई में अच्छे थे, लेकिन उनका दिल हमेशा एक्टिंग, गजल और सांस्कृतिक गतिविधियों में धड़कता था. अपनी कला को निखारने के लिए वे दिल्ली आ गए और इग्नू से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की. यहीं उनकी मुलाकात ऑल इंडिया रेडियो के दानिश इकबाल से हुई, जिन्होंने उन्हें ‘दाराशिकोह’ नाटक में जहांगीर का किरदार दिया. इस रोल ने सलीम का आत्मविश्वास बढ़ाया और वो थिएटर से जुड़ गए. सलीम ने कुछ समय तक रेडियो और स्टेज पर भी काम किया.

एक छोटे से कमरे में रहा, खुद बनाया खाना… दिनभर तपती धूप में ऑडिशन के लिए भटका
साल 2013 में सलीम ने सपनों के शहर मुंबई का रुख किया. मुंबई का संघर्ष उनके लिए काफी कठिन रहा. एक छोटे से कमरे में रहना, खुद खाना बनाना और तपती धूप में ऑडिशन के लिए भटकना उनकी दिनचर्या बन गई थी. इस दौरान उन्हें ‘भाग मिल्खा भाग’, ‘विकी डोनर’, ‘ओ तेरी’ और ‘ट्रिप टू भानगढ़’ जैसी फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार मिले. टीवी पर भी उन्होंने ‘FIR’ और ‘जीनी और जूजू’ जैसे शो में काम किया, लेकिन उन्हें उस एक बड़े मौके की तलाश थी जो उनकी पहचान बदल सके.

टिल्लू: वह किरदार जिसने बना दिया स्टार
सलीम जैदी को असली पहचान मिली लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘भाभी जी घर पर हैं’ से. टिल्लू के किरदार में उन्होंने जान फूंक दी. इस रोल के लिए उन्होंने अपने डायरेक्टर के साथ मिलकर एक खास लहजा तैयार किया, जिसमें रामपुर की स्थानीय बोली का तड़का लगाया. उनके डायलॉग जैसे- ‘कसम खा के के रिया हूं’, ‘मेरा दिमाग बहुत भिन्नोट हो रिया है’ और ‘अरे ओए चिरांदे’, ‘किधर को जा रिये हो बे’, ‘समझ रिये हो’ इन डायलॉग ने टिल्लू को बाकी किरदारों से बिल्कुल अलग बना दिया और यही डायलॉग दर्शकों की जुबान पर चढ़ गए. इस बेमिसाल अभिनय के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘दादा साहब फाल्के आइकॉन अवार्ड’ से भी नवाजा गया.

शादी को लेकर किया बेहद दिलचस्प खुलासा
सलीम जैदी की निजी जिंदगी उनकी ऑन-स्क्रीन इमेज से काफी अलग और सादगी भरी है. अप्रैल 2019 में उन्होंने साहिबा जैदी से शादी की. यह एक पारंपरिक अरेंज मैरिज थी. सलीम ने अपनी बड़ी बहन को पहले ही कह दिया था कि वे जिसे पसंद करेंगी, वही उनकी जीवनसंगिनी बनेगी. खास बात यह है कि शादी से पहले सलीम और साहिबा एक-दूसरे से कभी मिले भी नहीं थे. आज वे एक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी बिता रहे हैं.

सेट पर मस्ती के पल
सलीम बताते हैं कि ‘भाभी जी घर पर हैं’ के सेट पर माहौल हमेशा खुशनुमा रहता है. उन्होंने याद किया कि एक बार शूटिंग के दौरान जब सक्सेना जी (ज्योतिष के रूप में) और हप्पू सिंह के बीच बच्चों को लेकर मजेदार संवाद हो रहे थे, तो पूरी टीम अपनी हंसी नहीं रोक पाई थी. उस एक सीन को पूरा करने के लिए कई री-टेक लेने पड़े थे. ऐसे ही मजेदार पल इस शो को दर्शकों का पसंदीदा बनाए रखते हैं.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks