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अहान शेट्टी की साल 2021 में तड़प फिल्म रिलीज हुई थी. इस मूवी से उन्होंने डेब्यू किया था. तारा सुतारिया भी फिल्म का हिस्सा थीं. पिछले चाल सालों में उनकी कोई दूसरी फिल्म नहीं आई. इस बीच कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ज्यादा एंटॉराज के कारण उनके हाथ से कई फिल्में निकल गईं. अब इस मामले में अहान शेट्टी ने रिएक्ट किया है और ऐसे दावों को सिरे से खारिज कर दिया.
अहान शेट्टी ने तड़प फिल्म से किया था डेब्यू.नई दिल्ली. सुनील शेट्टी के बेटे अहान शेट्टी ने चार साल पहले फिल्म तड़प के साथ बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इसके बाद वह साजिद नाडियाडवाला की सनकी मूवी में नजर आने वाले थे. हालांकि, यह फिल्म बन नहीं पाई. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अहान के ज्यादा एंटॉराज (स्टाफ या फिर टीम का खर्चा) के कारण उनके हाथ से यह फिल्म निकल गई. अब इस मामले में अहान शेट्टी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और सच का खुलासा कर दिया है.
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक अहान शेट्टी ने कहा, ‘मुझे पता है कि मेरे बारे में ऐसे आर्टिकल लिखे गए थे, जिनमें कहा गया कि मेरी एंटॉरज कॉस्ट बहुत ज्यादा है और इसी वजह से कुछ फिल्में नहीं बन पाईं. लेकिन इनमें से कुछ भी सच नहीं था. मुझे यह पता था. मेरे करीबी लोगों को पता था और मेरे प्रोड्यूसर्स को भी पता था. लेकिन इस इंडस्ट्री में आपको थोड़ी मोटी चमड़ी वाला होना पड़ता है.’
हर किसी का अपनी राय देने का हक
अहान शेट्टी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘आगे चलकर यह सब और भी खराब हो सकता है. ये बातें आपको प्रभावित करती हैं, लेकिन इन्हें आपको ज्यादा परेशान नहीं करने देना चाहिए, क्योंकि हर किसी को अपनी राय रखने का हक है और यही जिंदगी है. आप इससे सीखते हैं और आगे बढ़ते जाते हैं.’
खुद पर शक करने लगे थे अहान शेट्टी
उनकी पहली फिल्म तड़प की रिलीज को चार साल हो चुके हैं. एक्टर ने इस बात को स्वीकार किया कि जब उनके पास कोई ऑफर नहीं था, तो उन्होंने खुद पर शक करना शुरू कर दिया था. अहान ने कहा, ‘जब तड़प रिलीज हुई थी, तब तकनीकी रूप से लॉकडाउन जैसा ही माहौल था. थिएटर्स में सिर्फ 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी थी, कई थिएटर तो खुले भी नहीं थे और चार दिन बाद हम 25 फीसदी क्षमता पर आ गए थे और हमने पांच राज्यों का बॉक्स ऑफिस भी खो दिया था. ‘
करियर को लेकर मिली कई सीख
अहान शेट्टी ने कहा, ‘उसके बाद वाले साल में इंडस्ट्री की स्थिति बहुत डामाडोल थी, फिल्में चल नहीं रही थीं, लोग थिएटरों में जा नहीं रहे थे. तो आत्म-संदेह मन में आने लगा. उस दौरान मैंने कई लोगों को भी खो दिया, या तो मैं उनके साथ नहीं था या वे अब मेरे दोस्त नहीं रहे. इससे मुझे यह भी समझ आया कि कौन आपके अच्छे और बुरे वक्त में आपके साथ खड़ा रहता है. यह सब मेरे लिए जिंदगी के बड़े सबक थे और करियर को लेकर भी कई सीखें मिलीं.’

साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें
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