July 30, 2026
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Javed Akhtar: जावेद अख्तर एक बेहतर गीतकार है या एक लाजवाब शायर? इस बात पर रेख़ता के कर्ताधर्ता संजीव सराफ़ और हुमा खलील ने क्या कुछ कहा आपको इस इंटरव्यू में वो जरूर सुनना और नीचे लेख में वो जरूर पढ़ना चाहिए.

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दिल्ली: हमारे देश में हमेशा से ही इस बात पर बहस रही है कि जो कोई एक शायर है वह बेहतर गीतकार नहीं हो सकता और जो कोई बेहतर गीतकार है वह बेहतर शायर नहीं हो सकता. हालांकि इस बात को कई बड़े लेखक वास्तविक तौर पर गलत साबित कर चुके हैं, जैसे की कैफ़ी आज़मी से लेकर मजरूह सुल्तानपुरी तक. लेकिन फिर भी यह बहस आज भी मौजूद है और अक्सर इस पर कभी कभार कई बड़ी बहस या तो टीवी पर या फिर सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर आए दिन दिखती भी रहती हैं. ऐसी ही कुछ टिप्पणी हाल ही में सोशल मीडिया पर जावेद अख्तर पर भी की गई थी जो की एक शायर और एक गीतकार हैं. इसी बात को जब हमने रेख़ता के करताधर्ताओं के आगे रखा और उनसे पूछा कि वह क्या समझते हैं कि जावेद अख्तर एक बेहतर शायर हैं या गीतकार तो आए आपको आगे सुनाते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा.

रेखता के संस्थापक संजीव सराफ ने कहा यह
न्यूज 18 हिंदी को एक इंटरव्यू देते हुए जब हमने रेख़ता के संस्थापक संजीव सराफ़ ने से हाल ही में सोशल मीडिया पर जावेद अख्तर पर हुई. इस टिप्पणी के बारे में पूछा कि उन्हें क्या लगता है कि जावेद अख्तर एक बेहतर गीतकार है या फिर शायर? इस पर संजीव का कहना था कि जावेद अख्तर एक बहुत बड़ी हस्ती हैं. उन्होंने आज तक जो भी अदब में काम किया है, वह लाजवाब है. इसलिए वह इस मुकाम पर तो अभी नहीं है कि वह यह तय कर पाए कि वह अच्छे गीतकार हैं या फिर बेहतर शेयर. लेकिन उनका कहना था की यह बात वह जरूर कह सकते हैं कि जावेद अख्तर जो भी करते हैं वह लाजवाब होता हैं. वह खुद अभी इस मुकाम पर नहीं पहुंचे हैं कि वह जावेद अख्तर जैसी इतनी बड़ी हस्ती पर किसी प्रकार की कोई टिप्पणी कर पाए. इस सवाल का रेख़ता के संस्थापक संजीव सराफ़ से पूछना इसलिए भी जरूरी था. क्योंकि रेख़ता उर्दू और कई अन्य भाषाओं पर कई सालों से काम करता आ रहा है. वहीं जावेद अख्तर भी रेख़ता से कई सालों से जुड़े हुए हैं. वह रेख़ता के कई बड़े जश्नों में हमेशा पहुंचते हैं.

रेख़ता की क्रिएटिव डायरेक्टर हुमा ने जावेद अख्तर पर कहा यह
इसी इंटरव्यू में रेख़ता की क्रिएटिव डायरेक्टर हुमा खलील ने इस सवाल को सुनते ही कहा कि वह भी कुछ कहना चाहती हैं. उन्होंने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कई लोगों ने ऐसी धारणा बनाई हुई है कि जो बेहतर गीतकार होता है वह बेहतर शायर नहीं हो सकता. मगर उनका कहना था कि यह धारणा बिल्कुल गलत है. इस धारणा को कैफ़ी आज़मी से लेकर मजरूह सुल्तानपुरी तक ने तोड़ा है. उनके आगे कहना था कि इसी धारणा को इस वक्त में जावेद अख्तर ने भी तोड़ा है. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस वक्त यदि आप जावेद अख्तर का कोई भी गाना उठा लेते हैं तो आप साफ देख पाएंगे कि बिना किसी धुन कंपोजिशन के वह गाना बिल्कुल एक शायरी जैसा लगेगा. वह मीटर में भी होगा और उसमें शायरी जैसी कई और चीज़ें भी होंगी. इसलिए उनका अंत मे यह कहना था कि एक लाजवाब गीतकार बेहतर और एक लाजवाब शायर नहीं हो सकता, यह कहना बिल्कुल गलत बात है. एक लाजवाब शेयर एक लाजवाब और बेहतर गीतकार नहीं हो सकता यह कहना भी बिल्कुल उचित नहीं है.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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जावेद अख्तर बेहतर शायर या फिर गीतकार? छिड़ी बहस तो रेखता का आया ये जवाब



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