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Sunny Deol Arjun Movie : ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि किसी फिल्म का गाना पहले बन जाए और फिल्म बहुत बाद में बने. हिंदी सिनेमा में ऐसे ही प्रयोग कई बार हो चुके हैं. 30 साल पहले सिनेमाघरों में एक ऐसी फिल्म आई थी जिसमें हिंदी सिनेमा का कालजयी सीन था. इस मूवी को बनाते समय फिल्म मेकिंग के सभी नियम तोड़ दिए गए थे. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि यह फिल्म खोजने पर भी देखने को नहीं मिलती.

1985 में सनी देओल की एक ऐसी फिल्म आई थी जिससे बॉलीवुड में दूसरे एंग्री यंगमैन का जन्म हुआ. यह फिल्म थी : अर्जुन जिसे डायरेक्टर राहुल रवैल ने बनाया था. अर्जुन फिल्म ने सनी देओल को एक्शन हीरो बनाया. फिल्म की कहानी, स्क्रीनप्ले, डायलॉग, गाने जावेद अख्तर ने लिखे थे. इस फिल्म की गिनती आज कल्ट फिल्मों में होती है. फिल्म के छाते वाले सीन को हिंदी सिनेमा का कालजयी सीन माना जाता है. कहा जाता है कि फिल्म की कहानी टॉयलेट पेपर पर लिखी गई थी.

सनी देओल ने 1983 में बेताब फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. बेताब फिल्म का डायरेक्शन राहुल रवैल ने ही किया था. स्टोरी-डायलॉग-गाने जावेद अख्तर ने लिखे थे. बेताब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबर्दस्त हिट रही थी.

बेताब फिल्म की सफलता से उत्साहित राहुल रवैल ने इसी टीम के साथ एक और फिल्म बनाने का फैसला किया. बेताब फिल्म का जब आखिरी शूट हो रहा था तब सनी देओल के बचपन के दोस्त करीम मोरानी और बंटी सूरमा ने एक फिल्म प्लान की. फिल्म में सनी देओल को हीरो के तौर पर लेने का फैसला किया गया. जावेद अख्तर को कहानी लिखने के लिए कहा गया. शुरुआत में जावेद ने दो हीरो की कहानी का आइडिया दिया.

कुमार गौरव को दूसरे हीरो का रोल ऑफर किया लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया. राहुल रवैल ने अपने बचपन के दोस्त ऋषि कपूर से बात की. आरडी बर्मन ब्राजील के एक पुराने गाने से इंस्पायर्ड थे. उस गाने से इंस्पायर्ड होकर एक धुन बनाई गई. गाना लिखा गया : ‘ममैया केरो केरो’. गाना रिकॉर्ड कर लिया गया. फिल्म की स्क्रिप्ट फाइनल नहीं हो पाई.

दूसरी कहानी पर काम शुरू हुआ. कई माह बीत गए. एक बार राहुल रवैल और जावेद अख्तर खंडाला गए हुए थे. वहां एक होटल में रुके हुए थे. नाश्ते पर बढ़ती बेरोजगारी पर लोग चर्चा कर रहे थे. संडे टाइम्स में एक आर्टिकल छपा था जिसमें डोंगरी गैंग और पठान गैंग के बारे में लिखा था. जावेद अख्तर और राहुल रवैल भी इन्हीं मुद्दों पर पूरे दिन बातें करते रहे. रात में दोनों अपने-अपने कमरे में चले गए. आधी रात को जावेद अख्तर ने राहुल रवैल के कमरे का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने कहानी तैयार करने की बात कही. बताया कि कैसे बेरोजगार नौजवानों का राजनेता फायदा उठाते हैं.

राहुल रवैल ने अपने गुरु राज कपूर को कहानी सुनाई. राहुल रवैल ने कहानी की पृष्ठभूमि मुंबई रखने का फैसला किया. कहानी ज्यादा से ज्यादा सच्ची लगे, इसलिए हीरो के नाम के साथ सरनेम जोड़ दिया. हीरो का नाम रखा अर्जुन मारवंकर.
फिल्म में अनुपम खेर, परेश रावल, अन्नू कपूर को खास रोल दिए गए.

फिल्म में डिंपल कपाड़िया को हीरोइन के तौर पर लिया गया. दोनों के बीच ‘मंजिल मंजिल’ मूवी की शूटिंग के दौरान नजदीकियां बढ़ी थीं. धर्मेंद्र चाहते थे कि पद्मिनी कोल्हापुरे को फिल्म में लिया जाए. हालांकि फैसला सनी देओल की पसंद के मुताबिक किया गया.

राजकमल स्टूडियो में सेट बनाया गया. सेट ऐसा था जैसे मुंबई का कोई मुहल्ला हो. फिल्म के तीन सीन खास तौर पर याद किए जाते हैं. अर्जुन की बेचैनी दिखाने के लिए सनी देओल को कैरम खेलते दिखाया गया. फिल्म का छाते वाला सीन हिंदी सिनेमा कालजयी सीन माना जाता है, जिसे राहुल रवैल ने बड़ी मुश्किल से 6 कैमरों की मदद से फिल्माया था. वो अक्सर इस रेलवे स्टेशन के पास आया करते थे. बारिश के समय ऑफिस से छातों के साथ घर लौटते लोगों को देखकर उनके मन में ऐसा ही सीन शूट करने का दिल में ख्याल आता था. उन्होंने बाबा आजमी से बात की.

पूरा सीन तैयार किया गया जिसके मुताबिक अर्जुन का दोस्त भाग रहा है, उसके पीछे गुंडे हैं. बारिश हो रही है. छाते ही छाते नजर आ रहे हैं. इन छातों के बीच वो भागता है और मारा जाता है. 3 दिन में सीन शूट हुआ था. दो हजार लोगों के हाथ में दो-दो छाते पकड़ाए गए थे. सीन शूट करते समय कई बार छाते कलाकारों की आंखों में लग जाते थे. तलवार से छाते कट जाते थे. यह सीन कई फिल्म मेकर्स की पहली पसंद है.

फिल्म का एक और दमदार सीन मुंबई की सड़कों पर दोपहर में लंच के समय फिल्माया गया था. ये सीन था जब अर्जुन मोहन के कातिलों का पीछा करता है और उसे पीटता है. राहुल रवैल ने इसे फ्लोरा फाउंटेन के पास फिल्माया था. कैमरा ऐसे जगह प्लेस किए गए थे, ताकि लोग समझ ही ना पाए कि शूटिंग हो रही है. अर्जुन बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई. इस फिल्म ने सन्नी देओल की इमेज एक्शन हीरो के तौर पर बॉलीवुड में स्थापित कर दी.
