April 12, 2026
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सितारों के साथ सेल्फी लेने के क्रेज में फैंस सुरक्षा घेरा तोड़कर करीब आने की कोशिश करते हैं. हजारों की भीड़ में मुट्ठी भर बाउंसर नाकाफी साबित होते हैं. निधि अग्रवाल और सामंथा रुथ प्रभु के मामले में यह बखूबी नजर आया. अब चित्रागंदा सिंह ने बेकाबू भीड़ का रोंगटे खड़े करने वाला किस्सा सुनाया है.

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'पूरी पीठ पर खरोंच के निशान थे', बेकाबू भीड़ का जब शिकार बनीं चित्रांगदा सिंहचित्रांगदा सिंह ने सिक्योरिटी पर सवाल उठाए. (फोटो साभार: Instagram@chitrangda)

नई दिल्ली: निधि अग्रवाल और सामंथा रुथ प्रभु बीते दिनों बेकाबू भीड़ का शिकार बनी थीं. निधि अग्रवाल हैदराबाद के लुलु मॉल में अपनी फिल्म ‘द राजा साब’ के प्रमोशन के दौरान बुरी तरह फंस गई थीं. वीडियो में वह घबराई हुई और अपना दुपट्टा संभालते हुए दिखी थी. सामंथा रुथ प्रभु को भी कुछ वक्त पहले एक इवेंट में सिक्योरिटी सर्कल तोड़ने की वजह से असहज होना पड़ा था. अब चित्रागंदा सिंह ने भीड़ में फंसने का अनुभव बयां किया है.

फिल्मी सितारे अक्सर फैंस की भीड़ में फंस जाते हैं. कई दफा उनके साथ गलत बर्ताव भी हुए, जिसे उन्होंने खुलकर बयां भी किया. अब चित्रांगदा सिंह ने बेकाबू भीड़ से हुए नुकसान और क्राउड मैनेजमेंट पर अपनी राय जाहिर की है. उन्होंने जॉन अब्राहम का किस्सा सुनाकर समझाया कि बेकाबू भीड़ का शिकार सिर्फ एक्ट्रेस ही नहीं, हीरो भी होते हैं.

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चित्रांगदा ने अपने करियर में अभिनय करने के साथ-साथ आइटम सॉन्ग के जरिए भी पहचान बनाई.(फोटो साभार: Instagram@chitrangda)

जॉन अब्राहम की बहादुरी
चित्रांगदा सिंह ने हिंदुस्तान टाइम्स से बताया कि ‘आई, मी और मैं’ के प्रमोशन के दौरान दिल्ली के एक कॉलेज में भीड़ इतनी हिंसक हो गई थी कि जॉन अब्राहम ने चित्रांगदा को बचाने के लिए खुद को ‘ढाल’ की तरह इस्तेमाल किया. जब वे कार में सुरक्षित पहुंचे, तो जॉन की पूरी पीठ पर नाखूनों के खरोंच के निशान थे. यह दर्शाता है कि फैंस का जुनून कभी-कभी शारीरिक चोट पहुंचा सकता है.

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चित्रांगदा सिंह फिल्म के प्रमोशन में गई थीं, तब जॉन ने उन्हें भीड़ से बचाया.

सिक्योरिटी सिस्टम पर उठाए सवाल
चित्रांगदा ने सीधे तौर पर मैनेजमेंट और सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा कि आखिर कलाकारों को ऐसी स्थिति में पहुंचने ही क्यों दिया जाता है, जहां उनकी सुरक्षा खतरे में हो? दही हांडी जैसे इवेंट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे भीड़ कभी-कभी कारों पर हमला करने लगती है, जो किसी के लिए भी एक डरावना अनुभव हो सकता है.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

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‘पूरी पीठ पर खरोंच के निशान थे’, बेकाबू भीड़ का जब शिकार बनीं चित्रांगदा सिंह



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