August 2, 2026
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हिंदी सिनेमा की ‘वीनस’ मधुबाला की जादुई मुस्कान के पीछे एक गहरा दर्द छिपा था. उन्होंने डॉक्टरों की पाबंदी के बावजूद अभिनय करना जारी रखा. फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ की कठिन शूटिंग ने उनकी सेहत को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया, जहां उन्हें खून की उल्टियां तक हुईं. वे अंतिम सालों में पूरी तरह अकेली और पीड़ा में रहीं. उन्होंने डॉक्टरों की मनाही के बावजूद विवाह किया, लेकिन उनका जीवन दवाइयों और ऑक्सीजन सिलेंडर तक सिमट गया. आखिरकार, 1969 में सिर्फ 36 साल की आयु में इस महान अभिनेत्री का निधन हो गया.

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मधुबाला की मुस्कान के पीछे छिपा था दर्द, फिल्म के सेट पर हुई खून की उल्टियांZoom

फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ का दर्द भरा किस्सा.

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा की कालजयी एक्ट्रेस मधुबाला का नाम जेहन में आते ही एक ऐसा चेहरा उभरता है जिसकी मुस्कान ने करोड़ों दिलों को जीता, लेकिन विडंबना यह थी कि खुद उनका अपना दिल एक लाइलाज बीमारी से लहूलुहान था. 14 फरवरी 1933 को जन्मी मधुबाला को जन्म से ही दिल की बीमारी थी-‘वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट’. इसे आम भाषा में ‘दिल में छेद’ कहा जाता है. उस दौर में मेडिकल साइंस इतना उन्नत नहीं था कि इस जटिल बीमारी का सटीक उपचार कर सके. डॉक्टरों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे ज्यादा मेहनत, तनाव और लंबी शूटिंग से दूर रहें, क्योंकि यह उनके जीवन के लिए घातक हो सकता था. बावजूद इसके, परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों और अभिनय के प्रति अपने अटूट जुनून के कारण उन्होंने अपनी इस गंभीर हालात को दुनिया से छुपाए रखा और कैमरे के सामने हमेशा अपनी चिर-परिचित मुस्कान बिखेरती रहीं.

मधुबाला के करियर की सबसे बड़ी अचीवमेंट मानी जाने वाली फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ वास्तव में उनकी सेहत के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई. इस ऐतिहासिक फिल्म के निर्माण के दौरान उनकी बीमारी ने उग्र रूप धारण कर लिया था. भारी भरकम लोहे की जंजीरों को पहनना और ‘शीश महल’ के ठंडे फर्श पर घंटों शूटिंग करना उनके कमजोर दिल पर भारी पड़ रहा था. फिल्म के फिल्मांकन के दौरान उन्हें कई बार खून की उल्टियां हुईं और सांस लेने में तकलीफ हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. काम के प्रति इसी समर्पण ने उन्हें अमर बना दिया, मगर इसी दौरान उनके शरीर की बची-कुची ताकत भी जवाब देने लगी. फिल्म पूरी होते-होते उनकी हालत इतनी नाजुक हो गई कि डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह से बेड रेस्ट की सलाह दे दी और उनके सुनहरे करियर पर अचानक ब्रेक लग गया.

36 साल की दुनिया को अलविदा
मधुबाला ने अपने जीवन के अंतिम सालों में जिस एकाकीपन और शारीरिक पीड़ा को झेला, वह किसी त्रासदी से कम नहीं था. इलाज के लिए लंदन जाने पर जब डॉक्टरों ने कह दिया कि उनके पास अब बहुत कम समय बचा है, तो वह टूट गईं. डॉक्टरों ने उन्हें शादी और माँ बनने से भी मना किया था क्योंकि उनका शरीर यह भार सहन नहीं कर सकता था. विवाह के बाद उनकी दुनिया केवल ऑक्सीजन सिलेंडरों, दवाइयों और डॉक्टरों के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई. जिस चकाचौंध भरी इंडस्ट्री के लिए उन्होंने अपना खून-पसीना एक किया था, बीमारी के अंतिम दौर में वहां से भी उन्हें अकेलापन ही मिला. आखिरकार, 23 फरवरी 1969 को मात्र 36 साल की आयु में इस बेमिसाल अदाकारा ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन अपनी फिल्मों और उस जादुई मुस्कान के जरिए वे आज भी जीवित हैं.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें



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