May 26, 2026
f480baf5f14686df7148e0792727370317673176857341252_original.jpg
Spread the love


साल 2025 की विदाई के साथ ही भारतीय क्रिकेट ने 2026 में कदम रख दिया है. यह साल टीम इंडिया के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाला. एक तरफ जहां भारत को ICC Men’s T20 World Cup 2026 जैसे मेगा इवेंट में उतरना है, वहीं दूसरी ओर रेड बॉल क्रिकेट में भी टीम के सामने साख बचाने की चुनौती है. भले ही इस साल भारतीय टीम का फोकस ज्यादा तर व्हाइट बॉल क्रिकेट पर रहेगा, लेकिन कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो टीम मैनेजमेंट की नींद उड़ाए हुए हैं. 2026 में टीम इंडिया के सामने तीन बड़ी चुनौतियां होंगी, जिन्हें पार करना हर हाल में जरूरी होगा.

सूर्या की फॉर्म बनी चिंता का विषय

टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए 2026 की शुरुआत आसान नहीं रही है. 2025 के अंत में उनका प्रदर्शन आंकड़ों के लिहाज से निराशाजनक रहा। पिछली 16–17 पारियों में उनका औसत 15 के आसपास रहा है. जो एक कप्तान और मैच विनर बल्लेबाज के लिए चिंता की बात है. टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले कप्तान का इस तरह फॉर्म में न होना टीम के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. सूर्या पर अब दोहरा दबाव है- एक तो रन बनाने का और दूसरा अपनी कप्तानी व टीम में जगह को सही ठहराने का.

होम टेस्ट में जीत

भारत का घरेलू टेस्ट रिकॉर्ड लंबे समय तक अभेद्य किले जैसा रहा है. हालांकि हाल के वर्षों में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका जैसी टीमों ने इस किले में दरार डाल दी है. 2026 में भारत को घर पर कई अहम टेस्ट सीरीज खेलनी हैं, जो WTC फाइनल की राह तय करेंगी. स्पिन फ्रेंडली पिचों पर बल्लेबाजों की परीक्षा होगी और युवा खिलाड़ियों जैसे यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल से निरंतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. सीनियर खिलाड़ियों के बाद टीम जिस ट्रांजिशन दौर से गुजर रही है, वह इस चुनौती को और मुश्किल बनाता है.

गंभीर की कोचिंग: व्हाइट बॉल में सफलता, रेड बॉल में सवाल

तीसरी और अहम चुनौती है हेड कोच गौतम गंभीर की कोचिंग को लेकर. गंभीर के कार्यकाल में भारत ने व्हाइट बॉल क्रिकेट में शानदार सफलता हासिल की है. चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीतकर टीम ने अपनी ताकत दिखाई. हालांकि टेस्ट क्रिकेट में वही धार नजर नहीं आई. कुछ मुकाबलों में मिली हार के बाद गंभीर की आक्रामक रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं. आलोचकों का मानना है कि जो तरीका सीमित ओवरों में कारगर है, वह टेस्ट क्रिकेट में संतुलन बिगाड़ सकता है. 2026 गंभीर के लिए निर्णायक साल होगा – जहां उन्हें साबित करना होगा कि वह सिर्फ व्हाइट-बॉल के नहीं, बल्कि ऑल-फॉर्मेट कोच हैं. 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks