April 28, 2026
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कहीं आप भी तो गलत तरीके से नहीं कर रहे दुर्गा पूजा? नोट कर लें ये 5 जरूरी नियम

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Maa Durga Ki Puja Kaise Kare: विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करना केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति लाने का माध्यम है. सही दिशा, मंत्र और श्रद्धा के साथ की गई पूजा निश्चित रूप से फलदायी होती है. जाने-अनजाने में भक्त मां दुर्गा की पूजा में गलतियां कर देते हैं, जिससे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता.

कहीं आप भी तो गलत तरीके से नहीं कर रहे दुर्गा पूजा? नोट कर लें ये 5 जरूरी नियमZoom

Maa Durga Ki Puja Kaise Kare: हिंदू धर्म में मां दुर्गा को शक्ति, साहस और संरक्षण की देवी माना जाता है. मां दुर्गा की पूजा हर दिन करने से हर परेशानी से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है. शास्त्रों में बताया गया है कि पूरी सृष्टि को मां दुर्गा से ही ऊर्जा मिलती है, तभी ग्रह-नक्षत्र, गैलेक्सी, हवा, प्रकृति आदि चलायमान होते हैं. दुनिया आज जो कुछ भी चल रहा है, वह मां दुर्गा की शक्ति से ही चल रहा है. धर्म शास्त्रों के अनुसार, बहुत से लोगों को जानकारी ना होने की वजह से दुर्गा पूजा में कुछ गलतियां कर बैठते हैं, ऐसे में पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता. यहां जानिए मां दुर्गा की विधि विधान के साथ कैसे पूजा करें.

दुर्गा पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा की उपासना से साधक को भय, नकारात्मकता और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है. भक्त मानते हैं कि सच्चे मन से की गई पूजा से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति मिलती है. पुरोहितों के अनुसार, मां दुर्गा नवशक्ति की प्रतीक हैं और उनकी आराधना से घर-परिवार में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और शांति का वास होता है. कई श्रद्धालु बताते हैं कि नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से न केवल मन एकाग्र होता है, बल्कि कार्यों में सफलता की संभावना भी बढ़ती है.

दुर्गा पूजा की सही विधि
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और घर के मंदिर या पूजा स्थान को साफ करें. पूजा के लिए एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करके माता के मंत्रों का जप करें. फिर चारों तरह गंगाजल से छिड़काव करें. इसके बाद कलश स्थापना करें, जिसमें जल, आम के पत्ते और नारियल रखें. फिर मां दुर्गा को रोली, चावल (अक्षत), लाल फूल, सिंदूर और फल आदि पूजा से संबंधित चीजों अर्पित करें. साथ ही माता को सुहाग का सामान भी अर्पित करें. इसके अलावा दुर्गा चालीसा या सप्तशती का पाठ भी विशेष फलदायी होता है. इसके बाद दीपक और धूप जलाकर विधिवत पूजा शुरू करें और अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें. फिर पूरे परिवार के साथ माता के जयकारे लगाएं. मां दुर्गा की पूजा में कन्या पूजन का विशेष महत्व रहा है.

किस दिशा में करें पूजा?
धर्म विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्गा पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करना सबसे शुभ माना जाता है. इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पूजा का फल अधिक मिलता है.

मां दुर्गा की पूजा के प्रमुख मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
ॐ दुं दुर्गायै नमः
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्यः सुतान्वितः।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

कब करें पूजा और क्या रखें ध्यान?
पूजा करते समय मन को शांत और एकाग्र रखें. किसी भी प्रकार की जल्दबाजी ना करें और श्रद्धा के साथ पूजा करें। साफ-सफाई और सात्विकता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. मां दुर्गा की पूजा विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान की जाती है, लेकिन शुक्रवार और अष्टमी-नवमी तिथि को पूजा करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है.

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Parag SharmaChief Sub Editor

पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें





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