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बचपन में पिता ने साथ छोड़ दिया… मां ने नई पहचान देकर बच्चों की जिंदगी दोबारा बसाई. घर में संघर्ष था, लेकिन आंखों में फिल्मों का सपना. वक्त बदला और वही लड़की 70-80 के दशक की सबसे ग्लैमरस और चर्चित सुपरस्टार बन गई. बड़े पर्दे पर उसकी मुस्कान पर लाखों दिल फिदा थे, लेकिन असल जिंदगी में मोहब्बत ने उसे सिर्फ दर्द दिया. एक सुपरस्टार अभिनेता से रिश्ता टूटा तो दिल ऐसा बिखरा कि वह दूसरे स्टार के प्यार में पड़ गई. यहां तक कि खबरें उड़ने लगीं कि वह अपना चमकता करियर छोड़ विदेश तक जाने को तैयार थीं. सफलता, अधूरी मोहब्बत, पारिवारिक दर्द और बॉलीवुड की चमक-दमक से भरी इस एक्ट्रेस की जिंदगी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं रही. पर्दे पर जिसने हमेशा मजबूत किरदार निभाए, उसकी निजी जिंदगी में भावनाओं का तूफान कभी थमा ही नहीं.

नई दिल्ली. बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में एक ऐसी सुपरस्टार चलीं, जिनकी जिंदगी खुद एक सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं. बचपन में पिता ने मां को छोड़ दिया तो बाप का साया छिन गया, परिवार टूटा तो मां ने सारे बच्चों के नाम बदल दिए. एक नया नाम, नई पहचान और सपनों से भरी फिल्मी दुनिया में कदम रखा. स्क्रीन पर आग उगलने वाली इस खूबसूरत अदाकारा ने जल्दी ही 80 के दशक का दिल जीत लिया. लेकिन ऑफस्क्रीन कहानी दर्द भरी थी. एक बड़े सुपरस्टार से दिल लगा बैठी, लेकिन ब्रेकअप के बाद टूट गया. दिल टूटा तो विनोद खन्ना से नजदीकियां बढ़ी. तब फिर एक बार इश्क ने ऐसी उड़ान भरी कि वो अपना पूरा करियर छोड़कर उसके पीछे अमेरिका तक जाने को तैयार हो गईं. एक्ट्रेस के साथ सब कुछ रियल था , लेकिन सब कुछ इतना ड्रामेटिक कि जिसने सुना वो भौंचक्का रह गया.

बॉलीवुड की चमकती-दमकती दुनिया में हर स्टार की जिंदगी में उतार-चढ़ाव की कहानी मौजूद होती है. लेकिन 70 और 80 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एक्ट्रेसेस में से एक रीना रॉय की जिंदगी ने उनकी फिल्मों से भी ज्यादा सुर्खियां बटोरीं.

कभी दर्शकों ने ‘नागिन’ और ‘कालीचरण’ में उनके जलवे देखे, तो कभी उनकी निजी जिंदगी के तारे टूटते देखे. आज हम आपको उसी रीना रॉय की दर्द भरी कहानी बताने जा रहे हैं, जिसने सिनेमा के परदे पर दर्जनों सुपरहिट दिए, लेकिन अपने जीवन में अनगिनत धोखे झेले.
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बॉलीवुड की 70-80 के दशक की सबसे मशहूर और ग्लैमरस एक्ट्रेस रीना रॉय की जिंदगी स्क्रीन पर जितनी चमकदार दिखी, असल में उतनी ही उथल-पुथल भरी रही. नाम, परिवार, प्यार और ब्रेकअप … हर मोड़ पर विवाद और दर्द रहा. जन्म का नाम सायरा अली था, लेकिन फिल्मी दुनिया में वे रीना रॉय बनकर आईं. उनकी कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि परिवार के टूटने, नाम बदलने और इश्क के तूफान की भी है.

रीना का जन्म 7 जनवरी, 1957 को मुंबई में एक ऐसे परिवार में हुआ जो धार्मिक रूप से विभाजित था. उनके पिता सादिक अली एक छोटे किरदार निभाते थे, जिन्होंने 1940 से 1975 के बीच फिल्मों में काम किया. उन्होंने ख़ासतौर पर पिता या अभिभावक के किरदार निभाए.वहीं, उनकी मां शारदा एच राय ने राज कपूर और गीता बाली के साथ ‘बावरे नैन’ (1950) फिल्म में अभिनय किया और बाद में ‘गुनहगार कौन’ का निर्माण भी किया. शारदा राय फिल्मों में कभी बहुत सफल नहीं रहीं.

शारदा एच राय को करियर में भी सफलता नहीं मिली और पति के संग रिश्ते भी आबाद नहीं रहे और दोनों तलाक लेकर अलग हो गए. पति ने आजादी को चुना और मां ने बच्चों का साथ. तलाक के बाद रीना रॉय और उनके 3 भाई-बहनों ने अपने पिता से ही संबंध खत्म कर दिए और कभी उनकी तरफ मुड़कर नहीं देखा. ये वो दौर था, जब एक छोटी सी बच्ची को न केवल पिता के साये से वंचित होना पड़ा, बल्कि परिवार को संभालने की भी जिम्मेदारी निभानी पड़ी. पति से तलाक के बाद रीना की मां ने अपने चार बच्चों के नाम बदल दिया. सायरा अली की मां ने उन्हें रूपा राय नाम दिया, जिसे बाद में निर्देशक बी आर इशारा ने रीना रॉय में तब्दील कर दिया. परिवार के टूटने के बावजूद रीना ने अपनी मां और भाई-बहनों का साथ नहीं छोड़ा.

रीना रॉय ने मात्र 15 साल की उम्र में फिल्मों में डेब्यू किया. ‘जरूरत’, ‘जैसे को तैसा’ और ‘जख्मी’ जैसी फिल्मों से उन्होंने ध्यान खींचा. 1976 में ‘कालीचरण’ और ‘नागिन’ जैसी बड़ी हिट फिल्मों से वे टॉप एक्ट्रेस बन गईं. ‘अपनापन’ में सपोर्टिंग रोल के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला, जिसे उन्होंने कैटेगरी को लेकर ठुकरा दिया था. रीना रॉय की निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही.

सबसे ज्यादा चर्चा उनके शत्रुघ्न सिन्हा के साथ लंबे अफेयर की हुई. दोनों ने 16 फिल्मों में साथ काम किया, जिनमें से 11 हिट रहीं. शत्रुघ्न सिन्हा की शादी पूनम सिन्हा से होने के बाद भी अफेयर की खबरें आईं, लेकिन रिश्ता टूट गया. हैरानी की बात यह थी कि शत्रुघ्न ने अपनी शादी से 2 दिन पहले लंदन में रीना रॉय के साथ एक स्टेज शो भी किया था. इस धोखे ने रीना को अंदर से तोड़ दिया.

रीना रॉय की जिंदगी ने सुर्खियां एक बार फिर तब बटोरीं, जब जुलाई 1983 में प्रकाशित स्टारडस्ट मैगजीन के एक अंश ने इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था. इस एक्सक्लूसिव स्टोरी में रीना के भाई राजा रॉय ने दावा किया था कि शत्रुघ्न सिन्हा से ब्रेकअप के बाद रीना रॉय का विनोद खन्ना के साथ अफेयर था. उनका यहां तक कहना था कि रीना न केवल उनसे प्यार करती थीं, बल्कि अपना करियर छोड़कर विनोद खन्ना के साथ अमेरिका में ओशो के ओरेगन में बसना चाहती थीं. ये वही विनोद खन्ना थे, जो पहले से ही शादीशुदा थे. यह खुलासा इतना सनसनीखेज था कि इसने रीना रॉय की निजी जिंदगी को पूरी तरह से उजागर कर दिया. उनके भाई के इस खुलासे ने इंडस्ट्री में यह साबित कर दिया कि सिर्फ परदे पर ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी कभी-कभी ड्रामा कम नहीं होता.

रीना रॉय ने जिंदगी को फिर चांस दिया और पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान के प्यार में फिर कैद हो बैठीं. दोनों ने 1983 में शादी की. शादी के बाद रीना ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसको नाम सनम खान. लेकिन ये शादी भी ज्यादा नहीं टिक सकी. रीना और मोहसिन खान ने तलाक लिया और अलग हो गए. इसके बाद रीना ने किसी भी दूसरे शख्स के लिए प्यार के दरवाजे बंद कर दिए और बेटी के साथ जिंदगी बीताने का फैसला किया.

शत्रुघ्न ने अपनी जीवनी ‘एनीथिंग बट खामोश’ में उन्हें ‘बाहरवाली’ कहते हुए इस संबंध को कबूल किया. उन्होंने एक बार कहा था, ‘आदमी भला हो तो अगर 2-3 जगह कमिटमेंट चल रहा हो, तो वह मानसिक रूप से परेशान होता है. जब एक जगह रहता है तो दूसरी याद आती है.’ रीना रॉय की कहानी बॉलीवुड के उस दौर की है जब एक्ट्रेसेज को परिवार, इश्क और करियर के बीच जुगलबंदी करनी पड़ती थी. पिता सदिक अली का छोटा किरदारों वाला सफर, मां शारदा की फिल्मी महत्वाकांक्षा, बच्चों द्वारा पिता का त्याग और रीना का अपना संघर्ष . यह सब मिलकर एक दर्द भरी लेकिन प्रेरणादायक कहानी बनाता है.
