May 26, 2026
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फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता पर आमिर खान ने खुलकर राय जाहिर की और भारतीय सिनेमा की ग्लोबल विकास पर चर्चा की. उन्होंने थिएटर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत में केवल 9000 स्क्रीन हैं, जबकि चीन में एक लाख हैं. स्क्रीन की कमी के कारण भारतीय फिल्में अपनी पूरी क्षमता के अनुसार कमाई नहीं कर पातीं. उनका मानना है कि अगर स्क्रीन की संख्या 15000 हो जाए, तो बॉक्स ऑफिस के समीकरण बदल जाएंगे. फिलहाल आमिर अपने बेटे जुनैद की फिल्म ‘एक दिन’ को प्रोड्यूस कर रहे हैं और जल्द ही ‘महाभारत’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आ सकते हैं.

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'अगर धुरंधर 15000 स्क्रीन पर रिलीज होती', सिनेमाघरों के विकास पर आमिर का जोरZoom

‘धुरंधर’ की सफलता से इंप्रेस हैं आमिर खान

नई दिल्ली: बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के डेवल्पमेंट के लिए थिएटर इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की वकालत की है. ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता पर बात करते हुए आमिर खान ने कहा कि भले ही फिल्म ने 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की शानदार कमाई की है, लेकिन अगर भारत में स्क्रीन की संख्या पर्याप्त होती, तो यह आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता था. उनका मानना है कि सिनेमाघरों की कमी के कारण भारतीय फिल्में अपनी असली क्षमता के अनुरूप परफॉर्म नहीं कर पा रही है. आमिर खान ने जोर दिया कि जब तक हम बुनियादी ढांचे पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक बॉक्स ऑफिस की पहुंच को ग्लोबल लेवल तक ले जाना चुनौतीपूर्ण बना रहेगा.

आमिर ने वैरायटी इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में भारत और चीन के सिनेमाई बाजारों के बीच का एक बड़ा अंतर समझाया. उन्होंने बताया कि भारत जैसे विशाल और सांस्कृतिक विविधता वाले देश में मात्र 9000 स्क्रीन हैं, जबकि इसके मुकाबले चीन में लगभग एक लाख स्क्रीन हैं. आमिर के अनुसार, चीन की बड़ी फिल्में सिर्फ अपने घरेलू बाजार से ही बिलियन डॉलर की कमाई कर लेती हैं, क्योंकि उनके पास दर्शकों तक पहुंचने के लिए बड़ा सिस्टम है. उन्होंने कहा कि भारत में हम चीन की तुलना में केवल दसवें हिस्से पर काम कर रहे हैं, जिससे हमारी फिल्मों का बिजनेस एक तय सीमा पर जाकर रुक जाता है.

जमीनी हालात पर की बात
आमिर खान ने भविष्य की बात करते हुए सुझाव दिया कि अगर ‘धुरंधर’ जैसी फिल्म 5000 के बजाय 15000 स्क्रीन पर रिलीज होती, तो बॉक्स ऑफिस के समीकरण पूरी तरह बदल जाते. उन्होंने देश के जमीनी स्तर पर विकास की जरूरत बताते हुए कहा कि भारत के कई जिले आज भी ऐसे हैं जहां एक भी सिनेमाहॉल मौजूद नहीं है. आमिर का तर्क है कि जब सिनेमाघरों का पिरामिड नीचे से चौड़ा होगा, तभी फिल्मों की कमाई और दर्शकों की पहुंच में जबरदस्त बदलाव आएगा. स्क्रीन की संख्या बढ़ाना केवल बिजनेस के लिए नहीं, बल्कि भारतीय कल्चर और कहानियों को हर कोने तक पहुंचाने के लिए भी जरूरी है.

‘महाभारत’ की रिलीज का इंतजार
आमिर खान इन दिनों निर्माण और अभिनय दोनों क्षेत्रों में काफी सक्रिय हैं. हाल में उन्होंने ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ को मप्रोड्यूस किया और उसमें एक कैमियो भी किया. फिलहाल वे अपने बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी की फिल्म ‘एक दिन’ के प्रोडक्शन में बिजी हैं. बतौर अभिनेता, आमिर जल्द ही महान फिल्मकार दादा साहेब फाल्के की बायोपिक में नजर आ सकते हैं, जिसके लिए राजकुमार हिरानी से चर्चा चल रही है. इसके अलावा, आमिर ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘महाभारत’ पर भी काम शुरू होने की पुष्टि कर दी है, जिसका दर्शकों को लंबे समय से इंतजार है.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

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‘अगर धुरंधर 15000 स्क्रीन पर रिलीज होती’, सिनेमाघरों के विकास पर आमिर का जोर



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