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Anil Kapoor Superhit Film : जो डायलॉग डायरेक्टर को पसंद ही ना हो, अगर वही संवाद कालजयी बन जाए तो इसे क्या कहा जाएगा. तकदीर का खेल या फिर स्क्रिप्ट राइटर का आत्म विश्वास जिसने इस डायलॉग को फिल्म में रखने की जिद की. वैसे भी तकदीर हमेशा एक्टिंग पर भारी पड़ती रही है. इस रिजेक्टेड डायलॉग ने पूरी बाजी पलट दी. विलेन का किरदार हमेशा के लिए अमर हो गया. हर जनरेशन की जुबान पर उसका नाम आज तक रटा हुआ है. फिल्म सुपरहिट ही साबित हुई. इसकी सफलता ने अमिताभ बच्चन के डूबते स्टारडम को और गहरी चोट पहुंचाई. यह फिल्म हिंदी सिनेमा की 100 मस्ट वॉच मूवी में शामिल है. फिल्म में चार चांद किशोर कुमार के एक ब्लॉकबस्टर गाने ने लगाए थे. इस फिल्म के हिंदी सिनेमा को एक नया बॉलीवुड सुपर स्टार भी मिला. यह फिल्म कौन सी थी, किशोर कुमार का वो सुपरहिट सॉन्ग कौन सा था, आइये जानते हैं हमारी खाश पेशकश में…….

70-80 के दशक में कई फिल्में सिर्फ एक लाइन के डायलॉग से कालजयी बन गईं. सिर्फ एक डायलॉग ने हीरो-हीरोइन को अमर पहचान दी. 80 के दशक में अमिताभ बच्चन को ‘सुपर स्टार’ बनाने वाली सलीम-जावेद की जोड़ी ने इंडस्ट्री को एक और स्टार दिया. दोनों ने एक ऐसी फिल्म लिखी जिसका नाम हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास में दर्ज है. इस फिल्म का एक डायलॉग अमरीश पुरी को अमिट पहचान दे गया. हम 29 मई 1987 को रिलीज हुई ‘मिस्टर इंडिया’ फिल्म की बात कर रहे हैं. इस फिल्म का एक डायलॉग ‘मोगैंबो खुश हुआ’ सुनकर आज भी मन रोमांचित हो जाता है. मजे की बात यह है कि डायरेक्टर शेखर कपूर को यह डायलॉग पसंद नहीं था.

अनिल कपूर-श्री देवी स्टारर ‘मिस्टर इंडिया’ एक साइंस फिक्शन सुपरहीरो बेस्ड फिल्म थी. फिल्म को बोनी कपूर-सुरेंदर कपूर ने नरसिम्हा इंटरप्राइजेज के बैनर तले प्रोड्यूस किया था. बोनी कपूर अनिल कपूर के बड़े भाई हैं. सुरेंदर कपूर उनके पिता थे. फिल्म की स्क्रिप्ट सलीम-जावेद ने लिखी थी. वही सलीम-जावेद जिन्होंने 10 से ज्यादा लगातार हिट फिल्में दीं. जिन्होंने अमिताभ बच्चन को सुपर स्टार बनाया. हालांकि इस फिल्म के रिलीज होने से पहले ही दोनों की जोड़ी टूट गई थी.

‘मिस्टर इंडिया’ फिल्म बनने की कहानी सही मायने में देखी जाए तो 1897 में आए एचजी वेल्स के उपन्यास ‘द इनविजल मेन’ से शुरू होती है. ‘द इनविजल मेन’ कॉन्सेप्ट से इंस्पायर्ड होकर हॉलीवुड में कई फिल्में बनाई गईं. बॉलीवुड में 1938 में मिस्टर एक्स, 1957 में एक बार फिर से इसी नाम से एक फिल्म बनाई गई. अशोक कुमार इस फिल्म के हीरो थे. 1964 में एक बार फिर से इसी कॉन्सेप्ट पर एक फिल्म ‘मिस्टर एक्स इन बॉम्बे’ आई जिसमें किशोर कुमार-कुमकुम लीड रोल में थे. प्रोड्यूसर सीएम ठक्कर थे. 1971 में एक फिल्म ‘ऐलान’ आई जिसमें विनोद खन्ना, विनोद मेहरा और रेखा लीड रोल में थे. यह फिल्म भी सुपरमैन की थीम पर बेस्ड थी. निर्माता एफसी मेहरा थे.
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‘मिस्टर इंडिया’ नाम के टाइटल पर पहले भी एक फिल्म आ चुकी थी. 1961 में आईएस जौहर-गीता बाली की एक फिल्म इसी नाम से आई थी. आईएस जौहर बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर करण जौहर के चाचा थे. इस फिल्म के निर्माता जीपी सिप्पी थे. अनिल कपूर की ‘मिस्टर इंडिया’ को भी पहले जीपी सिप्पी प्रोड्यूस करने वाले थे. डायरेक्शन उनके बेटे रमेश सिप्पी को करना था. स्टोरी सलीम-जावेद ने लिखी थी. फिल्म के हीरो अमिताभ बच्चन होने वाले थे. रमेश सिप्पी ने स्क्रिप्ट सुनी तो अंदाजा लगाया कि फिल्म का बजट बहुत ज्यादा हो जाएगा. शान फिल्म उनकी अच्छी नहीं चली थी, इसलिए वो प्रोजेक्ट से पीछे हट गए.

दिलचस्प बात यह है कि एक बार तो सलीम-जावेद ने खुद ही इस फिल्म को प्रोड्यूस करने का मन बनाया. दोनों अमिताभ से सिर्फ 15 दिन चाह रहे थे. दोनों को उम्मीद थी कि अमिताभ कम फीस पर काम कर लेंगे. तीनों ने साथ में मिलकर कई फिल्मों में काम किया था. मीटिंग में अमिताभ के भाई अजिताभ शामिल हुए. कहा जाता है कि अमिताभ ने इतनी फीस मांगी कि सलीम-जावेद दे ही नहीं सके. दोनों को बहुत बुरा लगा. दोनों ने कहा कि अमिताभ को हमने ही स्टार बनाया है, वो आज हमें नखरे दिखा रहा है. अब हम इसके साथ कभी काम नहीं करेंगे.

अमिताभ के इनकार करने के बाद राजेश खन्ना के साथ फिल्म बनाने का फैसला सलीम-जावेद ने किया. हालांकि राजेश खन्ना से दोनों की तनातनी चल रही थी. फिर भी जावेद अख्तर राजेश खन्ना के बंगले पर उनसे मिलने गए. राजेश खन्ना और जावेद अख्तर ने रातभर ड्रिंक्स करते रहे. राजेश खन्ना ने फिल्म करने से इनकार कर दिया. जब फिल्म की स्क्रिप्ट बोनी कपूर तक पहुंची तो उन्होंने तय कर लिया कि यह फिल्म उनके छोटे भाई अनिल कपूर के करियर को बूस्ट करने के लिए बनाई जाएगी. श्री देवी उस समय फीमेल स्टार बन चुकी थीं. बोनी कपूर ने श्री देवी को मुंहमांगा पैसा दिया था. इस फिल्म के लिए 11 लाख रुपये दिए थे. डायरेक्टर शेखर कपूर ने 75 हजार रुपये लिए थे.

‘मिस्टर इंडिया’ में अनिल कपूर बेसहारा बच्चों को सहारा देते हैं. कुछ इसी तरह का काम ब्रह्मचारी में शम्मी कपूर, ड्रीम गर्ल फिल्म में हेमा मालिनी करती हैं. मेन विलेन अमरीश पुरी का नाम ‘मोगैंबो’ रखा गया. इससे पहले ‘महा बदमाश’ (1971) फिल्म में भी विलेन का नाम ‘मोगैंबो’ ही था. हालांकि उसका चेहरा देखने को नहीं मिलता. आवाज रजा मुराद की थी.

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने फिल्म का म्यूजिक कंपोज किया था. म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. फिल्म में कुल 38 मिनट की लेंग्थ के कुल 7 गाने थे जिसमें से ‘जिंदगी की यही रीत है, हार के बाद ही जीत है’ के 3 वर्शन थे. इस गाने को किशोर कुमार ने गाया था. यह गाना फिल्म में बार-बार सुनाई देता है. बताया जाता है कि अनिल कपूर ने इस गाने के लिए किशोर कुमार से रिक्वेस्ट की थी. फिल्म का एक और ब्लॉकबस्टर गाना ‘काटे नहीं कटते दिन और रात’ को किशोर कुमार-अलीशा चिनॉय ने गाया था. ‘करते हैं हम प्यार मिस्टर इंडिया से’ गाने को किशोर कुमार-कुमार-कविता कृष्णमूर्ति ने आवाज दी थी. ‘हवा-हवाई’ सॉन्ग कविता कृष्णमूर्ति की आवाज में था. फिल्म के गानों के 25 लाख कैसेट ऑडियो कैसेट बिके थे. फिल्म के सभी गाने गीतकार जावेद अख्तर ने लिखे थे.

‘मिस्टर इंडिया’ ने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया. फिल्म इतनी पॉप्युलर हुई कि ‘मोगैंबो खुश हुआ..’ डायलॉग ही मिस्टर इंडिया और अमरीश पुरी की पहचान बन गया. करीब 3 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 10 करोड़ का वर्ल्ड वाइड कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई. सलीम-जावेद की यह आखिरी हिट फिल्म है. फिल्म हिंदी सिनेमा के इतिहास में अपना अलग ही मुकाम रखती है. फैमिली फिल्म होने की वजह से बच्चे इसे खूब पसंद करते हैं.
